मैहर: दिव्यांग युवती गैंगरेप मामले में तीन दोषियों को 20-20 वर्ष का कारावास

मैहर के बदेरा थाना क्षेत्र में दिव्यांग युवती से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में अदालत ने तीनों दोषियों को 20-20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने फैसला सुनाया।

मैहर: दिव्यांग युवती गैंगरेप मामले में तीन दोषियों को 20-20 वर्ष का कारावास

मैहर: थाना बदेरा क्षेत्र में दिव्यांग युवती से सामूहिक दुष्कर्म के बहुचर्चित मामले में मैहर की तृतीय जिला एवं सत्र न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने श्रीराम कोल, सूरज कोल और लेदू कोल को दोषी करार देते हुए प्रत्येक को 20-20 वर्ष के सश्रम कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। न्यायालय ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 64(2)(k) और 70(1) के तहत यह सजा सुनाई। इसके अलावा दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 की धारा 92(d) के तहत प्रत्येक आरोपी को 5 वर्ष का सश्रम कारावास और 1 हजार रुपये का अतिरिक्त अर्थदंड भी लगाया गया है।

यह घटना 1 जनवरी 2025 की है। अभियोजन के अनुसार, दिव्यांग युवती पड़ोस में आयोजित जन्मदिन समारोह से लौटने के बाद घर के बाहर गई थी, लेकिन काफी देर तक वापस नहीं लौटी। परिजनों ने तलाश की तो वह पास के एक निर्माणाधीन मकान में अचेत अवस्था में मिली। होश आने के बाद पीड़िता ने इशारों के जरिए तीन आरोपियों की पहचान की, जिसके आधार पर थाना बदेरा में मामला दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान पुलिस ने डीएनए समेत कई वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए और उन्हें न्यायालय में पेश किया।

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 20 गवाहों, 67 दस्तावेजों, 13 भौतिक साक्ष्यों और वैज्ञानिक रिपोर्ट के आधार पर आरोप साबित किए। सभी साक्ष्यों पर विचार करने के बाद अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी ठहराया। साथ ही न्यायालय ने निर्देश दिया कि अर्थदंड की राशि अपील अवधि पूरी होने के बाद पीड़िता को दी जाए और पीड़ित प्रतिकर योजना-2018 के तहत उसकी शिक्षा, स्वास्थ्य और पुनर्वास के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करे।