Indore में Premashray वृद्ध आश्रम का भवन खाली, प्रशासन ने सामान हटाकर Municipal Corporation को सौंपा

बुजुर्ग महिला से मारपीट मामले में सख्त कार्रवाई, Indore में Premashray वृद्ध आश्रम का पूरा भवन कराया गया खाली, प्रशासन ने सामान हटाकर Municipal Corporation को सौंपा

Indore में Premashray वृद्ध आश्रम का भवन खाली, प्रशासन ने सामान हटाकर Municipal Corporation को सौंपा

Indore। बुजुर्ग महिला की डंडे से पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद Premashray Old Age Home के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई लगातार जारी है। पहले आश्रम को सील किया गया और वहां रह रहे सभी बुजुर्गों को अलग-अलग पंजीकृत वृद्ध आश्रमों में भेजा गया। अब जिला प्रशासन और Indore Municipal Corporation की संयुक्त टीम ने आश्रम का पूरा सामान बाहर निकलवाकर भवन को खाली करा दिया और नगर निगम को सौंप दिया।

संयुक्त टीम ने खाली कराया पूरा भवन

सोमवार को जिला प्रशासन और नगर निगम के अधिकारी सील किए गए Premashray Old Age Home पहुंचे। अधिकारियों की मौजूदगी में आश्रम का पूरा सामान बाहर निकलवाया गया। इसके बाद भवन को पूरी तरह खाली कर Municipal Corporation के हवाले कर दिया गया। प्रशासन का कहना है कि आगे भवन का उपयोग संबंधित विभाग के नियमों के अनुसार किया जाएगा।

जांच में सामने आई Anganwadi भवन की जानकारी

जांच के दौरान यह भी पता चला कि जिस परिसर में वृद्ध आश्रम चल रहा था, उसी स्थान पर Anganwadi Centre के लिए भी भवन बनाया गया था। अधिकारियों के अनुसार यह भवन अभी तक Anganwadi Department को औपचारिक रूप से हैंडओवर नहीं किया गया था। इसी वजह से वहां वृद्ध आश्रम संचालित किया जा रहा था। प्रशासन ने अब पूरे परिसर को खाली कर अपने कब्जे में ले लिया है।

सिलाई मशीन और पापड़ के बोरे भी मिले

कार्रवाई के दौरान टीम को परिसर से सिलाई मशीनें और पापड़ से भरे बोरे भी मिले। बताया जा रहा है कि आश्रम में रहने वाली महिलाओं से सिलाई का काम कराया जाता था और पापड़ भी बनवाए जाते थे। प्रशासन इस पहलू की भी जांच कर रहा है कि यह काम किस उद्देश्य से कराया जा रहा था और इसके लिए आवश्यक अनुमति ली गई थी या नहीं।

संचालिका Neelam Dubey ने लगाए साजिश के आरोप

आश्रम संचालित करने वाली Neelam Dubey ने अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत बताया। उनका कहना है कि आश्रम का संचालन सही तरीके से किया जा रहा था, लेकिन कुछ लोगों ने दुर्भावना के चलते उनके खिलाफ साजिश रची। उन्होंने दावा किया कि क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों की सलाह पर उन्होंने इस भवन में सामाजिक कार्य शुरू किया था।

उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि भवन Anganwadi Centre के लिए बनाया गया है। बिना अनुमति आश्रम चलाने के सवाल पर Neelam Dubey ने कहा कि संस्था का पंजीकरण है, लेकिन Social Justice Department में पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी थी। उनके अनुसार, वहां पंजीकरण के लिए तीन वर्ष पूरे होना जरूरी होता है और उनका आश्रम अभी इतना पुराना नहीं था। फिलहाल, पूरे मामले की जांच जारी है और प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।