नाना पटवारी बोले- मेरी गलती सिर्फ इतनी कि मैं जीतू पटवारी का भाई हूं, ड्रग्स मामले में पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
इंदौर ड्रग्स केस में सियासत तेज, नाना पटवारी ने कबूला- तीन साल पहले तक करता था नशा; पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने पुलिस की कार्रवाई को बताया राजनीतिक प्रतिशोध
इंदौर के राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में ड्रग्स तस्करी के मामले को लेकर मध्य प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी का नाम पुलिस पूछताछ के दौरान सामने आने के बाद विवाद खड़ा हो गया। गुरुवार देर रात थाने से छोड़े जाने के बाद नाना पटवारी और जीतू पटवारी ने शुक्रवार को संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए। दोनों ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताते हुए सरकार पर सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाया।
वहीं, प्रेस वार्ता के दौरान नाना पटवारी ने एक अहम बात स्वीकार करते हुए कहा कि वह करीब तीन साल पहले तक नशे का सेवन करते थे, लेकिन रिहैब सेंटर में उपचार लेने के बाद उन्होंने नशा पूरी तरह छोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में उनका किसी भी ड्रग्स गतिविधि से कोई संबंध नहीं है।
नाना पटवारी का दावा- सिर्फ रिश्ते की वजह से बनाया गया निशाना
मीडिया से बातचीत में नाना पटवारी ने कहा कि उनकी सबसे बड़ी गलती सिर्फ इतनी है कि वह कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी वजह से उन्हें ड्रग्स मामले में जोड़ा जा रहा है।
नाना पटवारी ने दावा किया कि जिन आरोपियों को पुलिस ने ड्रग्स तस्करी के मामले में गिरफ्तार किया है, उनसे उनका किसी तरह का लेन-देन या इस मामले से जुड़ा कोई संबंध नहीं है। उन्होंने बताया कि वह अपनी गाड़ी की सर्विसिंग के लिए गए थे, तभी पुलिस उन्हें अपने साथ ले गई।

उन्होंने आरोप लगाया कि थाने में उनसे केवल नाम पूछा गया और हिरासत में लेने का कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया। नाना पटवारी के मुताबिक, पुलिस उन्हें पूरे दिन शहर में अलग-अलग जगहों पर लेकर घूमती रही और देर रात छोड़ दिया गया।
गाड़ी धुलवाने वाले व्यक्ति से पूछताछ, ड्रग्स से संबंध से इनकार
नाना पटवारी ने बताया कि उनकी गाड़ी संजय कौशल उर्फ रॉनी के यहां धुलने जाती है। वहां इरफान उर्फ गोलू भी काम करता है। पुलिस ने उनसे संजय कौशल और इरफान के बारे में जानकारी ली थी। उन्होंने कहा कि दोनों कांग्रेस से जुड़े कार्यकर्ता हैं और चुनाव के दौरान पार्टी के लिए काम कर चुके हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस स्कॉर्पियो वाहन को लेकर पुलिस जांच कर रही है, वह संजय कौशल उर्फ रॉनी की है। उन्होंने कहा कि वाहन में मिले किसी भी सामान से उनका कोई संबंध नहीं है और उन्हें गलत तरीके से मामले से जोड़ा जा रहा है।
पुराने नशे की बात स्वीकार, लेकिन अब पूरी तरह छोड़ने का दावा
प्रेस कॉन्फ्रेंस में नाना पटवारी ने अपने पुराने जीवन से जुड़ी बात भी सार्वजनिक की। उन्होंने कहा कि करीब तीन साल पहले तक वह नशे का सेवन करते थे, लेकिन इसके बाद उन्होंने रिहैब सेंटर में इलाज कराया और अब वह पूरी तरह नशामुक्त हैं।
उन्होंने कहा कि अपने अतीत को छिपाने के बजाय उन्होंने इसे सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है। उनका कहना था कि वर्तमान में उनका ड्रग्स तस्करी या किसी अवैध गतिविधि से कोई संबंध नहीं है।
जीतू पटवारी ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस पूरे मामले को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार विपक्ष के नेताओं को निशाना बनाने के लिए पुलिस और प्रशासन का इस्तेमाल कर रही है।

जीतू पटवारी ने कहा कि उनके भाई का किसी भी ड्रग्स तस्करी मामले से कोई संबंध नहीं है, फिर भी उन्हें हिरासत में लेकर परेशान किया गया। उन्होंने कहा कि नाना पटवारी ने अपने पुराने नशे की समस्या को स्वीकार कर पारदर्शिता दिखाई है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि उन्हें किसी अपराध से जोड़ दिया जाए।
उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए और राजनीतिक दबाव में कार्रवाई नहीं होनी चाहिए।
पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल इस मामले में पुलिस की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। पुलिस ने पूछताछ और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की बात कही है। वहीं कांग्रेस नेताओं के आरोपों के बाद इस मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया है।
अब जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों से ही स्पष्ट होगा कि नाना पटवारी की भूमिका मामले में किस स्तर तक है या वह केवल पूछताछ के दायरे में थे। फिलहाल इंदौर का यह मामला प्रदेश की सियासत में चर्चा का विषय बना हुआ है।
Varsha Shrivastava 
