Maheshwar: परिवार के साथ घूमने आया Indore का युवक नर्मदा नदी के तेज बहाव में बहा

खरगोन जिले में स्थित प्रसिद्ध पर्यटन स्थल सहस्त्रधारा घाट पर दर्दनाक हादसा, परिवार के सामने नर्मदा में बहा युवक, दूसरे दिन भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

Maheshwar: परिवार के साथ घूमने आया Indore का युवक नर्मदा नदी के तेज बहाव में बहा

Maheshwar। मध्यप्रदेश के खरगोन जिले की धार्मिक एवं पर्यटन नगरी महेश्वर के पास स्थित प्रसिद्ध पर्यटन स्थल सहस्त्रधारा जलप्रपात में रविवार शाम एक बार फिर बड़ा हादसा हो गया। Indore के Nipania निवासी Arpit Hada (30) नर्मदा नदी के तेज बहाव में बह गए। यह दर्दनाक घटना उनकी पत्नी, तीन वर्षीय बेटे और अन्य परिजनों के सामने हुई।

देखते ही देखते Arpit तेज धारा में समा गए और कुछ ही सेकेंड में आंखों से ओझल हो गए। सूचना मिलते ही Maheshwar पुलिस, SDRF, होमगार्ड और स्थानीय गोताखोरों ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान शुरू किया, लेकिन देर रात तक उनका कोई सुराग नहीं मिल सका। सोमवार सुबह से दोबारा सर्च ऑपरेशन जारी है।

परिवार के साथ घूमने आए थे Maheshwar

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार Arpit Hada रविवार दोपहर अपनी पत्नी Pooja, तीन वर्षीय बेटे, एक मित्र और उसकी पत्नी के साथ Maheshwar घूमने पहुंचे थे। परिवार ने पहले महेश्वर के घाटों और मंदिरों के दर्शन किए। इसके बाद शाम करीब 4 से 5 बजे के बीच सभी लोग नगर से लगभग पांच किलोमीटर दूर स्थित जलकोटी के प्रसिद्ध सहस्त्रधारा जलप्रपात पहुंचे। यहां परिवार नर्मदा नदी में स्नान कर रहा था। इसी दौरान अचानक Arpit का पैर फिसल गया और वे गहरे पानी के साथ तेज बहाव की चपेट में आ गए।

चीखते रहे परिजन, लेकिन कोई नहीं बचा सका

Arpit को बहते देख उनकी पत्नी Pooja और अन्य परिजन जोर-जोर से मदद के लिए पुकारने लगे। आसपास मौजूद नाविक, स्थानीय ग्रामीण और पर्यटक तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े, लेकिन नदी का बहाव अत्यधिक तेज था। जिस स्थान पर हादसा हुआ वह हिस्सा गहरा और बड़े-बड़े पत्थरों से घिरा हुआ है। ऐसे में कोई भी व्यक्ति अपनी जान जोखिम में डालकर नदी में उतरने की हिम्मत नहीं जुटा सका। कुछ ही सेकेंड में Arpit तेज धारा में बहते हुए नजरों से ओझल हो गए। घटना के बाद नर्मदा तट पर मौजूद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

रातभर तलाश, सोमवार सुबह फिर  रेस्क्यू शुरू

घटना की सूचना मिलते ही Maheshwar थाना पुलिस, होमगार्ड, SDRF और स्थानीय गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने रविवार शाम से देर रात तक नदी के कई हिस्सों में सर्च ऑपरेशन चलाया। हालांकि अंधेरा बढ़ने और नदी की तेज धारा के कारण अभियान रोकना पड़ा। सोमवार सुबह करीब 6 बजे से फिर नावों और गोताखोरों की मदद से तलाश शुरू की गई। पुलिस और रेस्क्यू टीम नदी के गहरे कुंडों तथा बहाव वाले क्षेत्रों में लगातार सर्च कर रही है, लेकिन खबर लिखे जाने तक Arpit का कोई पता नहीं चल सका था।

सहस्त्रधारा में पहले भी हो चुके हैं कई हादसे

स्थानीय लोगों का कहना है कि सहस्त्रधारा जलप्रपात प्राकृतिक सौंदर्य के कारण बड़ी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित करता है, लेकिन बरसात के मौसम में यहां नर्मदा का जलस्तर और बहाव अचानक बढ़ जाता है। नदी के भीतर कई गहरे गड्ढे, फिसलन भरी चट्टानें और तेज धाराएं होने के कारण यह क्षेत्र बेहद जोखिमभरा माना जाता है। इसके बावजूद कई पर्यटक सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर गहरे पानी तक पहुंच जाते हैं, जिससे हर साल हादसों की घटनाएं सामने आती रहती हैं।

प्रशासन ने पर्यटकों से की सावधानी बरतने की अपील

Maheshwar थाना प्रभारी ने बताया कि सहस्त्रधारा और जलकोटी क्षेत्र में तेज बहाव, गहरे पानी और पथरीले तल के कारण हमेशा सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने श्रद्धालुओं और पर्यटकों से अपील की है कि नदी के अनजान और गहरे हिस्सों में उतरने से बचें तथा प्रशासन द्वारा लगाए गए सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। प्रशासन का कहना है कि रेस्क्यू टीम लगातार तलाश में जुटी हुई है और जैसे ही कोई जानकारी मिलेगी, परिजनों को तत्काल सूचित किया जाएगा। इस हादसे ने एक बार फिर सहस्त्रधारा में पर्यटकों की सुरक्षा व्यवस्था और जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।