MP Bank Strike : MP में बैंक हड़ताल...7 हजार ब्रॉन्च में लटकेंगे ताले, 5- डे वीक वर्किंग की मांग

MP Bank Strike : भोपाल में बैंककर्मी जुटेंगे और प्रदर्शन करेंगे। हड़ताल 1 दिन है, लेकिन इसका असर अगले 3 दिन देखने को मिलेगा, क्योंकि शनिवार-रविवार को सरकारी छुट्‌टी है।

MP Bank Strike : MP में बैंक हड़ताल...7 हजार ब्रॉन्च में लटकेंगे ताले, 5- डे वीक वर्किंग की मांग

MP Bank Strike : भोपाल। मध्य प्रदेश में आज शुक्रवार को बैंक हड़ताल है। 5 डे वीक यानी पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग को लेकर प्रदेश के करीब 40 हजार बैंककर्मी काम नहीं करेंगे। इससे कई बैंक शाखाओं में कामकाज प्रभावित हो सकता है। भोपाल में बैंक कर्मचारी एकजुट होकर प्रदर्शन करेंगे। हड़ताल केवल एक दिन की है, लेकिन इसका असर कई दिनों तक रहने की संभावना है। 12 सितंबर को दूसरा शनिवार और 13 सितंबर को रविवार होने के कारण लगातार तीन दिन बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहेंगी।

UFBU के बैनर तले हो रही है हड़ताल

यह प्रदेशव्यापी हड़ताल यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस यानी UFBU के बैनर तले हो रही है। मध्य प्रदेश के बैंक कर्मचारी भी इसमें शामिल हैं। हड़ताल का सीधा असर बैंक ग्राहकों पर पड़ सकता है। बड़ी रकम निकालने और नकद जमा करने जैसे काम शाखाओं में नहीं हो पाएंगे। चेक जमा करने और उनके क्लियरेंस में भी देरी हो सकती है। हालांकि डिजिटल बैंकिंग से जुड़े कई काम सामान्य रूप से जारी रह सकते हैं।

सरकार से बातचीत का नहीं निकला समाधान

हड़ताल से पहले बैंक यूनियनों और सरकार के बीच बातचीत का दौर चला। यूनियनों के मुताबिक, बातचीत से कोई सकारात्मक समाधान नहीं निकल सका। इसके बाद हड़ताल को वापस नहीं लिया गया। यूनियनों का कहना है कि 5 डे बैंकिंग वीक की मांग लंबे समय से लंबित है। उनका आरोप है कि सरकार इस मांग पर जरूरी फैसला नहीं ले रही है।

सितंबर के अंत में फिर होगी लगातार तीन दिन हड़ताल

बैंक यूनियनों ने सितंबर में हड़ताल के दूसरे चरण का भी ऐलान किया है। 26 और 27 सितंबर को शनिवार-रविवार का अवकाश रहेगा। इसके बाद 28, 29 और 30 सितंबर को लगातार तीन दिन बैंक हड़ताल रहेगी। इस तरह कई जगहों पर बैंक शाखाएं लगातार पांच दिन तक बंद रह सकती हैं। इससे महीने के अंतिम दिनों में बैंकिंग कामकाज पर बड़ा असर पड़ सकता है।

ग्राहकों के अटक सकते हैं ये काम 

  • नकद जमा करने और बड़ी रकम निकालने में परेशानी हो सकती है। 
  • चेक जमा करने और क्लियरेंस में देरी संभव है। 
  • नया खाता खोलने के लिए KYC और वेरिफिकेशन का काम भी रुक सकता है। 
  • शाखा में जाकर KYC अपडेट कराने वाले ग्राहकों को इंतजार करना पड़ सकता है। 
  • नॉमिनी जोड़ने या बदलने, डिमांड ड्राफ्ट और बैंकर्स चेक बनवाने में भी देरी हो सकती है। 
  • लॉकर संचालन शाखा खुलने तक नहीं हो पाएगा। 
  • लोन के दस्तावेज, वेरिफिकेशन, मृतक खातों से जुड़े काम और शाखा स्तर की शिकायतों के समाधान पर भी असर पड़ सकता है।

क्या है 5 डे बैंकिंग वीक की मांग

फिलहाल बैंकों में महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को छुट्टी रहती है। बैंक यूनियनों की मांग है कि हर शनिवार को छुट्टी घोषित की जाए। इसके साथ पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू किया जाए। यूनियनों का प्रस्ताव है कि शनिवार की छुट्टी की भरपाई सोमवार से शुक्रवार तक रोजाना कामकाज का समय करीब 40 मिनट बढ़ाकर की जा सकती है। यानी कर्मचारी पांच कार्यदिवसों में थोड़ा अधिक समय काम करेंगे।

बैंककर्मियों की दो प्रमुख मांगें

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने 5 डे बैंकिंग वीक के साथ एक और प्रमुख मांग उठाई है। यूनियन स्केल-IV और उससे ऊपर के अधिकारियों के लिए लागू नई PLI योजना को वापस लेने की मांग कर रही है। यूनियनों का कहना है कि इस योजना को लेकर कर्मचारियों के बीच असमानता पैदा हो सकती है। उनका आरोप है कि योजना से अधिकारियों के एक सीमित वर्ग को ज्यादा लाभ मिलेगा।

पेंशन और भर्ती से जुड़े मुद्दे भी लंबित

यूनियनों के अनुसार, कई अन्य मांगों पर भी अभी फैसला नहीं हुआ है। इनमें पेंशन अपडेट करना और पेंशनभोगियों के एक्स-ग्रेशिया की समीक्षा शामिल है। NPS की जगह OPS लागू करने और सभी पेंशनभोगियों के लिए समान DA व्यवस्था की मांग भी लंबित बताई गई है। 

इसके अलावा बैंकों में पर्याप्त संख्या में क्लर्क, सब-स्टाफ और आर्म्ड गार्ड्स की भर्ती की मांग भी उठाई गई है। ग्रेच्युटी की सीमा बढ़ाने को लेकर भी यूनियनों का कहना है कि अब तक समाधान नहीं निकला है।

तीन चरणों में होगा बैंक यूनियनों का आंदोलन

बैंक यूनियनों ने आंदोलन को तीन चरणों में रखने की घोषणा की है। पहला चरण 11 सितंबर की एक दिन की राष्ट्रव्यापी हड़ताल है। इसके बाद 28 से 30 सितंबर तक लगातार तीन दिन हड़ताल प्रस्तावित है। तीसरे चरण में 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान किया गया है। हालांकि आगे की बातचीत और घटनाक्रम के आधार पर कार्यक्रम में बदलाव की स्थिति बन सकती है।

इन तारीखों पर प्रभावित रहेगा बैंकिंग कामकाज

सितंबर में बैंकिंग कामकाज कई तारीखों पर प्रभावित होगा। 11 सितंबर को राष्ट्रव्यापी हड़ताल है। 12 सितंबर को दूसरा शनिवार और 13 सितंबर को रविवार का अवकाश रहेगा। 20 सितंबर को भी रविवार की छुट्टी है।

इसके बाद 26 सितंबर को चौथा शनिवार और 27 सितंबर को रविवार रहेगा। 28, 29 और 30 सितंबर को लगातार तीन दिन राष्ट्रव्यापी हड़ताल प्रस्तावित है। इस तरह सितंबर में कुल नौ दिन बैंकिंग कामकाज प्रभावित हो सकता है। ग्राहकों को जरूरी बैंकिंग काम पहले से निपटाने की सलाह दी जाती है।