Bhopal Master Plan : 31 घंटे के उपवास पर पीसी शर्मा, बोले - BJP- RSS ऑफिस पर भी चलें बुलडोजर
Bhopal Master Plan : पीसी शर्मा ने कहा कि भोपाल का पिछला मास्टर प्लान 1995 में तत्कालीन दिग्विजय सिंह सरकार के समय लागू हुआ था। नियम के मुताबिक हर दस साल में नया प्लान आना चाहिए।
Bhopal Master Plan : भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल का मास्टर प्लान लागू कराने की मांग को लेकर कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने शुक्रवार को रोशनपुरा चौराहे पर 31 घंटे का उपवास शुरू किया। उनके समर्थन में पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह, अरुणेश्वर शरण सिंह देव, नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी और कांग्रेस कार्यकर्ता पहुंचे। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने सरकार से भोपाल मास्टर प्लान को तत्काल लागू करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान ‘मास्टर प्लान लाओ, भोपाल बचाओ’ का नारा भी दिया गया।
जयवर्धन सिंह बोले- शहर का भविष्य मास्टर प्लान पर निर्भर
जयवर्धन सिंह ने कहा कि किसी भी शहर का भविष्य उसके मास्टर प्लान पर निर्भर करता है। इसमें यह तय होता है कि आवासीय क्षेत्र कहां होंगे, उद्योग कहां लगाए जाएंगे और स्कूल सहित दूसरी सुविधाएं किस स्थान पर विकसित होंगी। उन्होंने कहा कि कमलनाथ सरकार के दौरान उनके नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री रहते भोपाल मास्टर प्लान 2031 तैयार किया गया था। कांग्रेस के अनुसार इसे मार्च 2020 में प्रस्तुत किया गया था, लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद यह लागू नहीं हो सका।
1995 के बाद नए मास्टर प्लान की मांग
पीसी शर्मा ने कहा कि भोपाल का पिछला मास्टर प्लान 1995 में तत्कालीन दिग्विजय सिंह सरकार के समय लागू हुआ था। उन्होंने कहा कि नियम के मुताबिक हर दस साल में मास्टर प्लान की समीक्षा और नया प्लान आना चाहिए। उनके मुताबिक 2005 के बाद भोपाल को नया मास्टर प्लान नहीं मिला। शर्मा ने कहा कि इससे शहर के विकास में कई तरह की समस्याएं पैदा हो रही हैं।
अव्यवस्थित विकास और कारोबार पर उठाए सवाल
पीसी शर्मा ने आरोप लगाया कि मास्टर प्लान लागू नहीं होने से भोपाल के बाहरी इलाकों में अव्यवस्थित निर्माण बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि मास्टर प्लान लागू होने पर ग्रीन बेल्ट, आवासीय क्षेत्र और व्यावसायिक इलाकों की स्पष्ट व्यवस्था हो सकेगी। उन्होंने आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर हो रही सीलिंग कार्रवाई का भी मुद्दा उठाया। शर्मा ने मिक्स लैंडयूज की अनुमति और नए व्यावसायिक क्षेत्रों के विकास की मांग की।
व्यापारियों और रोजगार का मुद्दा भी उठाया
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मौजूदा कार्रवाई का असर व्यापारियों और छोटे कारोबारियों पर पड़ रहा है। पीसी शर्मा ने दावा किया कि इससे बड़ी संख्या में लोगों की रोजी-रोटी प्रभावित हो सकती है। उन्होंने सरकार से करीब पांच लाख लोगों के रोजगार को प्रभावित नहीं करने की मांग की। उनका कहना है कि मास्टर प्लान लागू कर व्यापारिक गतिविधियों को नियमों के तहत व्यवस्थित किया जाना चाहिए।
BJP और RSS कार्यालयों को लेकर भी सवाल
पीसी शर्मा ने भोपाल में भाजपा और आरएसएस के कार्यालयों का भी जिक्र किया। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की जा रही है तो सभी पर समान नियम लागू होने चाहिए। सरकार को किसी भी मामले में भेदभाव नहीं करना चाहिए। उन्होंने 15 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तावित सुनवाई का भी उल्लेख किया और व्यापारियों के हित में सरकार की तैयारी पर सवाल उठाए।
तत्काल मास्टर प्लान लागू करने की मांग
जयवर्धन सिंह ने कहा कि भोपाल के रहवासी, व्यापारी और आम नागरिक लंबे समय से मास्टर प्लान लागू होने का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे शहर की अर्थव्यवस्था, रोजगार और रोजमर्रा की गतिविधियों पर असर पड़ रहा है।
कांग्रेस नेताओं की मांग है कि भोपाल के सुनियोजित विकास और नागरिकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए मास्टर प्लान 2031 को तत्काल लागू किया जाए। शर्मा का 31 घंटे का उपवास इसी मांग को लेकर जारी है।

