होली से पहले प्रशासन अलर्ट, भोपाल में 27 क्विंटल मावा जब्त, एक महीने में 234 सैंपल लैब भेजे
होली से पहले भोपाल में प्रशासन ने 27 क्विंटल संदिग्ध मावा और 45 किलो पनीर जब्त कर एक महीने में कुल 234 सैंपल लैब भेजे।
भोपाल: होली से ठीक पहले मिलावट के खिलाफ प्रशासन ने बड़ा शिकंजा कसा है। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा प्रशासन की संयुक्त टीम ने 27 फरवरी 2026 को खजूरी सड़क स्थित टोल प्लाजा के पास घेराबंदी कर एक पिकअप वाहन से भारी मात्रा में संदिग्ध मावा और पनीर जब्त किया।
27 क्विंटल मावा, 45 किलो पनीर जब्त
कार्रवाई के दौरान वाहन से करीब 27 क्विंटल मावा बरामद हुआ, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 6 लाख रुपए आंकी गई है। इसके साथ 45 किलो पनीर भी मिला। प्राथमिक जांच में मिलावट की आशंका जताई गई, जिसके आधार पर मावा और पनीर के पांच-पांच नमूने लेकर राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद संबंधित कारोबारियों पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

त्योहार से पहले सख्ती, सप्लाई चेन पर नजर
अधिकारियों का कहना है कि होली के दौरान मावा, पनीर और मिठाइयों की खपत कई गुना बढ़ जाती है। इसी का फायदा उठाकर मिलावटखोर सक्रिय हो जाते हैं। इस बार प्रशासन ने पहले ही अलर्ट जारी कर सप्लाई चेन पर निगरानी बढ़ा दी है। टोल नाकों और थोक बाजारों में विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है, ताकि बाहर से आने वाले संदिग्ध खाद्य पदार्थों को शहर में प्रवेश से पहले ही रोका जा सके।
एक महीने में 234 सैंपल
खाद्य सुरक्षा विभाग ने बताया कि पिछले एक माह में शहर के अलग-अलग इलाकों में ताबड़तोड़ कार्रवाई की गई है। नमकीन, मिठाई, पनीर, खाद्य तेल, मैदा, बेसन सहित विभिन्न खाद्य पदार्थों के कुल 234 नमूने लेकर राज्य प्रयोगशाला भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट मिलते ही दोषियों के खिलाफ जुर्माना, लाइसेंस निलंबन या आपराधिक प्रकरण दर्ज करने जैसी कार्रवाई की जाएगी।
सेहत से खिलवाड़ करने वालों को चेतावनी
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि त्योहार के नाम पर आम जनता की सेहत से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मिलावटी मावा और नकली दुग्ध उत्पादों की बिक्री करने वालों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।होली के पहले इस बड़ी जब्ती ने मिलावट के कारोबार में लगे लोगों में हड़कंप मचा दिया है। आने वाले दिनों में और भी सख्त छापेमारी की तैयारी है, जिससे बाजार में केवल शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ ही उपलब्ध हो।
sanjay patidar 
