BJP में शामिल होंगे राघव चड्डा, AAP छोड़ने का किया ऐलान; बोले- मैं गलत पार्टी में सही आदमी
अशोक मित्तल और संदीप पाठक ने भी पार्टी छोड़ी, हरभजन सिंह और स्वाति मालीवाल भी साथ। राज्यसभा में AAP के 10 में से 7 सांसदों ने पार्टी छोड़ने का फैसला किया।
नई दिल्ली। दिल्ली की राजनीति में उस वक्त बड़ा धमाका तब हुआ, जब राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी (AAP) से किनारा कर लिया। राघव चड्ढा ने सिर्फ AAP से इस्तीफा देने की बात कही, बल्कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने का ऐलान भी किया। राघव के साथ इस फेहरिस्त में कई सांसद और भी हैं, जिन्होंने पार्टी से अलग होने का मन बना लिया है। ये आम आदमी पार्टी के संसदीय दल में सबसे बड़ी टूट है।
राघव चड्ढा ने बताया कि संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने भी पार्टी छोड़ दी है। इसके अलावा क्रिकेटर हरभजन सिंह और दिल्ली महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष स्वाति मालीवाल भी उनके साथ हैं। AAP के संस्थापक सदस्य रहे राघव चड्ढा ने कहा कि उनके साथ पार्टी के दो-तिहाई सांसद भी भाजपा में शामिल होंगे। राज्यसभा में आप के 10 सांसद हैं, जिनमें से 7 सांसद हमारे साथ हैं।
#WATCH | 2/3rd MPs of AAP in Rajya Sabha announce merging with the BJP.
— ANI (@ANI) April 24, 2026
AAP MP Raghav Chadha says, "There are 10 AAP MPs in the Rajya Sabha, more than 2/3rd of them are with us in this. They have signed and this morning we submitted the signed letter and documents to the Rajya… pic.twitter.com/mn4kuYs2ht
प्रेस कॉन्फ्रेंस में संदीप पाठक और अशोक मित्तल भी
24 अप्रैल, शुक्रवार को दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई, जिसमें संदीप पाठक और अशोक मित्तल भी मौजूद थे। राघव चड्ढा ने कहा कि मैं आम आदमी पार्टी से खुद को अलग कर रहा हूं और जनता के करीब जा रहा हूं। उन्होंने खुद को 'गलत पार्टी में सही आदमी' बताते हुए कहा कि र्टी के अंदर अब वे घुटन महसूस कर रहे थे क्योंकि पार्टी का मौजूदा स्वरूप उसके शुरुआती सिद्धांतों से मेल नहीं खाता। हमने फैसला किया है कि हम, राज्यसभा में AAP के 2/3 सदस्य, भारत के संविधान के प्रावधानों का इस्तेमाल करते हुए खुद को बीजेपी में मिला लेंगे।

उन्होंने आगे कहा कि AAP को मैंने अपने खून-पसीने से सींचा और अपनी जवानी के 15 साल दिए, अब अपने सिद्धांतों, मूल्यों और मूल नैतिकता से भटक गई है। अब यह पार्टी देश के हित में नहीं, बल्कि अपने निजी फ़ायदे के लिए काम करती है। पिछले कुछ सालों से, मुझे यह महसूस हो रहा था कि मैं गलत पार्टी में सही आदमी हूं। संसद में मौजूद नियमों के अनुसार यदि किसी दल के दो-तिहाई सांसद एक साथ अलग होकर किसी दूसरी पार्टी में विलय करते हैं, तो यह कानूनी रूप से वैध है और उन्हें दल-बदल कानून के तहत अयोग्यता का सामना नहीं करना पड़ता।
#AAP MP Raghav Chadha, Sandeep Pathak and Ashok Mittal resign from the Aam Aadmi Party.
— All India Radio News (@airnewsalerts) April 24, 2026
MP Raghav Chadha announces that two-thirds of the Aam Aadmi Party’s members in the Rajya Sabha have decided to merge with the Bharatiya Janata Party.#RajyaSabha #BJP pic.twitter.com/pWUEIYlO2d
कौन-कौन नेता साथ आए?
दावों के अनुसार राज्यसभा में AAP के 10 सांसदों में से 7 सांसदों ने पार्टी छोड़ने का फैसला किया है। इनमें शामिल बताए गए नाम:
- राघव चड्ढा
- संदीप पाठक
- अशोक मित्तल
- राजेंद्र गुप्ता
- विक्रमजीत साहनी
- हरभजन सिंह
- स्वाति मालीवाल
चड्ढा ने दावा किया कि अभी और सांसद भी उनके साथ जुड़ सकते हैं।
BJP ने फिर से पंजाबियों के साथ किया धक्का- केजरीवाल
राघव चड्ढा के ऐलान पर पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने फिर से पंजाबियों के साथ किया धक्का।
बीजेपी ने फिर से पंजाबियों के साथ किया धक्का
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) April 24, 2026
वहीं, पंजाब के सीएम भगवंत मान ने कहा- पार्टी बड़ी होती है, आदमी बड़ा नहीं होता। इन्हें सीट मिल गई, न हाथ जोड़ने पड़े न चुनाव लड़ना पड़ा। इनका होना उधर कुछ भी नहीं है। वह बीजेपी है।, केवल अपना रंग लगाकर छोड़ देंगे। मैं पहले भी कहता रहा हूं कि बीजेपी की पंजाबियों से बनती नहीं है। जिससे पंजाबी खुश होते हैं, उसे यह खराब करने की कोशिश करती है। मैं कहता हूं ED से आओ भगवंत के घर छापा मारो। केजरीवाल-सिसोदिया को जेल में रखा, क्या मिल गया। आप में हिम्मत है तो आओ। मेरे साथ पंजाब के लोग हैं, उनके प्यार की कोई कीमत नहीं है।
राघव चड्ढा की प्रेस कॉन्फ्रेंस के तुरंत बाद AAP नेता संजय सिंह ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस की। संजय सिंह ने कहा कि अमित शाह और मोदी का ऑपरेशन लोटस घटिया राजनीति का खेल बड़े पैमाने पर शुरू हो गया है। सांसदों को तोड़ा जा रहा है। ED और CBI के छापे पड़ रहे हैं।अशोक के यहां कुछ दिन पहले ईडी का छापा पड़ा और तोड़ लिया। मैं मोदी-शाह से कहना चाहता हूं कि जो ये घिनौना खेल आपने पंजाब की जनता और आम आदमी पार्टी के साथ खेला है। आपको भी इस गद्दारी और धोखे के लिए पंजाब की जनता माफ नहीं करेगी।
काफी समय से पार्टी और राघव चड्ढा के बीच तनाव
राघव साल 2022 से पंजाब से AAP के राज्यसभा सांसद हैं और उनका कार्यकाल 2028 तक है। काफी समय पहले से ही पार्टी और राघव चड्ढा के बीच तनाव की खबरें थीं। इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत हुई थी 2 अप्रैल 2026 से, जब राघव चड्ढा को AAP के राज्यसभा सांसदों के उपनेता पद से हटा दिया था। पार्टी ने उनके बोलने के अधिकार पर भी सवाल उठाए थे। संसद में उनके रुख को लेकर कई नेताओं ने दूरी की बात कही थी। इसके बाद AAP ने लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU), फगवाड़ा के वाइस चासंलर अशोक मित्तल को उपनेता बना दिया।

3 अप्रैल को राघव चड्ढा ने वीडियो जारी कर कहा कि मैंने संसद में जनता के मुद्दे उठाए, क्या यह अपराध है। ये मुद्दे उठाने से आम आदमी का फायदा हुआ तो AAP का क्या नुकसान हुआ? जिन लोगों ने आज पार्लियामेंट में मेरे बोलने का अधिकार मुझसे छीन लिया, मुझे खामोश कर दिया, मैं उन्हें भी कुछ कहना चाहता हूं। मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझ लेना। मैं वो दरिया हूं, जो वक्त आने पर सैलाब बनता है।

राघव के वीडियो के सामने आते ही अनुराग ढांडा, सौरभ भारद्वाज, आतिशी मार्लेना, सीएम भगंवत मान जैसे कई AAP नेता सामने आए। उन्होंने कहा कि जब केजरीवाल अरेस्ट हुए तो राघव चड्ढा आंखों के ऑपरेशन की बात कह UK में थे। संसद में केंद्र सरकार और PM मोदी से सवाल नहीं पूछते, वह मोदी से डरते हैं। राष्ट्रीय मुद्दों के बजाय समोसे के रेट जैसे छोटे मुद्दे उठाते हैं। पश्चिम बंगाल को लेकर चुनाव आयोग के खिलाफ प्रस्ताव में साइन करने से राघव चड्ढा ने इनकार किया। पार्टी के वॉकआउट पर सदन से बाहर नहीं आए।
Varsha Shrivastava 
