नेपाल बॉर्डर से गिरफ्तार TMC नेता जहांगीर खान, अवैध वसूली के आरोप; देश छोड़कर भागने की थी तैयारी

पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने TMC नेता जहांगीर खान को नेपाल बॉर्डर के पास से गिरफ्तार किया है। उन पर अवैध वसूली समेत कई गंभीर आरोप हैं। फालता विधानसभा सीट से चुनाव लड़ चुके जहांगीर खान के खिलाफ 7 FIR दर्ज हैं और वह कथित तौर पर देश छोड़कर भागने की कोशिश कर रहे थे।

नेपाल बॉर्डर से गिरफ्तार TMC नेता जहांगीर खान, अवैध वसूली के आरोप; देश छोड़कर भागने की थी तैयारी

पश्चिम बंगाल की राजनीति और क्राइम से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर आ रही है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेता और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी के करीबी माने जाने वाले जहांगीर खान को पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने गिरफ्तार कर लिया है। जहांगीर की यह गिरफ्तारी भारत-नेपाल सीमा (नेपाल बॉर्डर) के पास से हुई है, जहां से वे देश छोड़कर भागने की कोशिश में थे। जहांगीर खान पर अवैध वसूली समेत कई संगीन आरोप हैं। पुलिस फिलहाल उन्हें कोलकाता ला रही है।

7 FIR दर्ज, गैंगरेप की धमकी देने का भी आरोप:
दक्षिण 24 परगना जिले के फालता थाने में जहांगीर खान के खिलाफ कुल 7 एफआईआर (FIR) दर्ज हैं।

अवैध वसूली:
न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, उन्हें मुख्य रूप से जबरन वसूली और अवैध उगाही के मामले में पकड़ा गया है।

महिलाओं को धमकी:
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि जहांगीर के समर्थकों ने महिलाओं को गैंगरेप की धमकी दी थी, जिसके बाद पुलिस ने उन पर शिकंजा कसा।

'पुष्पा' स्टाइल में किया था प्रचार, चुनाव से ठीक पहले भागे:
जहांगीर खान ने हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव 2026 में दक्षिण 24 परगना की हाई-प्रोफाइल फालता सीट से चुनाव लड़ा था। 'झुकेगा नहीं' डायलॉग: चुनाव प्रचार के दौरान जहांगीर ने फिल्म ‘पुष्पा’ के किरदार जैसी छवि बनाई थी और जनसभाओं में 'पुष्पा झुकेगा नहीं साला' डायलॉग बोलते नजर आए थे।

ऐन वक्त पर छोड़ा मैदान: 
फालता सीट पर 29 अप्रैल को हुए मतदान में बड़े पैमाने पर EVM और वेब कैमरों से छेड़छाड़ की शिकायतें मिली थीं, जिसके बाद चुनाव आयोग ने 21 मई को दोबारा वोटिंग (Re-polling) का आदेश दिया। लेकिन इस दोबारा चुनाव से ठीक 48 घंटे पहले (19 मई को) जहांगीर ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अचानक मैदान छोड़ दिया और नाम वापस ले लिया।

चौथे नंबर पर रहे: 
24 मई को आए चुनावी नतीजों में जहांगीर खान को करारी हार का सामना करना पड़ा और वे महज 7,783 वोट पाकर चौथे नंबर पर रहे। हार के बाद से ही वे लगातार गायब थे।

हाई कोर्ट ने हटा ली थी सुरक्षा की ढाल:
मई 2026 में जहांगीर खान ने कलकत्ता हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उन्होंने याचिका दायर कर अपने खिलाफ दर्ज मामलों की जानकारी मांगी थी और गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की थी। हाई कोर्ट ने शुरुआत में उन्हें फालता री-पोल तक सुरक्षा दी थी, लेकिन 26 मई को अदालत ने उनकी सभी सुरक्षा वापस ले ली, जिसके बाद से एसटीएफ लगातार उनकी तलाश कर रही थी।

फालता सीट पर हुई थी धांधली:
29 अप्रैल को हुए मतदान के दौरान फालता क्षेत्र में भारी तनाव देखा गया था। तत्कालीन ऑब्जर्वर सुब्रत गुप्ता की जांच में कम से कम 60 पोलिंग बूथों पर गड़बड़ी के सबूत मिले थे, जहां EVM पर बीजेपी के चुनाव चिह्न पर टेप चिपकाया गया था। इस सीट पर बीजेपी उम्मीदवार देबांग्शु ने 1,09,021 वोटों के रिकॉर्ड अंतर से जीत दर्ज की है, जबकि 2011 से यह सीट लगातार टीएमसी के पास थी।