MP के 1 लाख संविदाकर्मियों का वेतन बढ़ा: सैलरी में 4.46% की वृद्धि, 1 अप्रैल 2026 से मिलेगा लाभ

मध्य प्रदेश सरकार ने संविदा कर्मचारियों के पारिश्रमिक में 4.46% वार्षिक वृद्धि को मंजूरी दी है। वित्त विभाग द्वारा जारी आदेश के तहत 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाली इस बढ़ोतरी का लाभ प्रदेश के करीब 1 लाख संविदा अधिकारी-कर्मचारियों को मिलेगा।

MP के 1 लाख संविदाकर्मियों का वेतन बढ़ा: सैलरी में 4.46% की वृद्धि, 1 अप्रैल 2026 से मिलेगा लाभ

भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने प्रदेश के संविदा अधिकारी-कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए उनके पारिश्रमिक में 4.46 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि को मंजूरी दे दी है। वित्त विभाग ने 8 जून सोमवार को इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। यह बढ़ोतरी 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगी, जिससे प्रदेश के करीब एक लाख संविदा कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा।

CPI के आधार पर हुई वेतन वृद्धि

वित्त विभाग द्वारा जारी आदेश सामान्य प्रशासन विभाग की 22 जुलाई 2023 की संविदा नीति के तहत जारी किया गया है। इस नीति के अनुसार संविदा कर्मचारियों के पारिश्रमिक में हर वर्ष उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आधार पर वृद्धि की जाती है। वर्ष 2026 के लिए यह वृद्धि दर 4.46 प्रतिशत निर्धारित की गई है। पिछले वर्ष यह दर 2.94 प्रतिशत थी, इसलिए इस बार कर्मचारियों को अधिक लाभ मिलेगा।

हर महीने बढ़ेगी 2700 रुपये सैलरी

संविदा अधिकारी-कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष के अनुसार इस निर्णय से कर्मचारियों के वेतन में लगभग 1,000 रुपये से लेकर 2,700 रुपये प्रति माह तक की वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि संघ लंबे समय से सीपीआई के आधार पर वेतन वृद्धि की मांग कर रहा था। सरकार के इस निर्णय से कर्मचारियों को महंगाई के प्रभाव से राहत मिलेगी।

2023 की संविदा नीति से हुआ था बदलाव

राठौर ने बताया कि जुलाई 2023 से पहले विभिन्न विभागों में समान पदों पर कार्यरत संविदा कर्मचारियों को अलग-अलग वेतन मिलता था। नई संविदा नीति लागू होने के बाद समकक्ष पदों के लिए वेतनमान एक समान कर दिया गया। वर्तमान में संविदा कर्मचारियों का पारिश्रमिक 21,800 रुपये से लेकर 70 हजार रुपये तक निर्धारित है। इसी वेतनमान के आधार पर अब वार्षिक वृद्धि का लाभ दिया जा रहा है।

सभी कर्मचारियों को नहीं मिलेगा लाभ

प्रदेश में लगभग डेढ़ लाख संविदा अधिकारी-कर्मचारी कार्यरत हैं, लेकिन 2023 की संविदा नीति अभी सभी विभागों में लागू नहीं हुई है। ऐसे में फिलहाल करीब एक लाख कर्मचारियों को ही इस वृद्धि का लाभ मिलेगा। संविदा कर्मचारी संघ ने मांग की है कि जिन विभागों में अभी तक नई नीति लागू नहीं हुई है, वहां भी कर्मचारियों को इस बढ़ोतरी का लाभ दिया जाए।