रीवा में ताइक्वांडो का जोश: 150 खिलाड़ियों ने दिखाया दम, जिला स्तरीय प्रतियोगिता का भव्य समापन

रीवा के द वंडर पब्लिक स्कूल, आजाद नगर में विंध्य ताइक्वांडो एसोसिएशन द्वारा आयोजित जिला स्तरीय ग्रीष्मकालीन ताइक्वांडो प्रतियोगिता 2026 का भव्य समापन हुआ। इस प्रतियोगिता में जिले भर के 150 से अधिक खिलाड़ियों ने क्योरगी और पूमसे इवेंट में अपने कौशल, फुर्ती और अनुशासन का शानदार प्रदर्शन किया।

रीवा में ताइक्वांडो का जोश: 150 खिलाड़ियों ने दिखाया दम, जिला स्तरीय प्रतियोगिता का भव्य समापन

रिपोर्टर: राजेंद्र पयासी, रीवा
रीवा। द वंडर पब्लिक स्कूल, आजाद नगर के प्रांगण में रविवार को ताइक्वांडो की किक और पंच की गूंज सुनाई दी। विंध्य ताइक्वांडो एसोसिएशन द्वारा आयोजित जिला स्तरीय ग्रीष्मकालीन ताइक्वांडो प्रतियोगिता 2026 का भव्य समापन हुआ। सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक चले मुकाबलों में जिले भर से आए 150 से अधिक खिलाड़ियों ने अपनी तकनीक, फुर्ती और अनुशासन से सभी का दिल जीत लिया।

10 से अधिक स्कूलों के प्रतिभावान खिलाड़ी एक छत के नीचे जुटे
प्रतियोगिता में जिले के कई प्रतिष्ठित विद्यालयों और प्रशिक्षण केंद्रों के खिलाड़ियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिनमें मुख्य रूप से शामिल रहे:

  1. ज्ञानस्थली विद्यालय (सिरमौर चौराहा)
  2. बीएनपी स्कूल (जेल मार्ग)
  3. सावी मदर स्कूल
  4. द वंडर पब्लिक स्कूल
  5. केंद्रीय विद्यालय
  6. बाल कौशल केंद्र, रीवा

क्या बोले एसोसिएशन के सचिव?
एसोसिएशन के सचिव राजू वर्मा ने बताया कि इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य समर कैंप व नियमित प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे खिलाड़ियों को एक प्रतिस्पर्धी मंच देना था। इससे बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है और जिले में ताइक्वांडो के प्रति नई पीढ़ी का रुझान भी बढ़ेगा। मुकाबले सब-जूनियर, कैडेट, जूनियर और सीनियर वर्ग में आयोजित किए गए थे, जहाँ खिलाड़ियों ने क्योरगी और पूमसे इवेंट में अपना दमखम दिखाया। विभिन्न आयु एवं भार वर्गों में खिलाड़ियों ने स्वर्ण, रजत व कांस्य पदक अपने नाम किए।

खेल मैदान सिर्फ मेडल जीतने की जगह नहीं, जीवन की पाठशाला है: गुरमीत सिंह
समापन समारोह के मुख्य अतिथि और विंध्य ताइक्वांडो एसोसिएशन के अध्यक्ष गुरमीत सिंह (मंगू भैया) ने खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाते हुए कहा: "खेल मैदान सिर्फ मेडल जीतने की जगह नहीं है। यह जीवन की पाठशाला है जहाँ अनुशासन, समय की पाबंदी, हार से सीखना और जीत पर विनम्र रहना सिखाया जाता है। ताइक्वांडो जैसा खेल बच्चों को शारीरिक रूप से मजबूत बनाने के साथ आत्मरक्षा (Self-Defense) के गुर भी सिखाता है।" उन्होंने आगे कहा कि आज का युवा खिलाड़ी ही कल देश का भविष्य है। यदि बच्चे खेल के साथ पढ़ाई में भी अव्वल रहें तो कोई भी लक्ष्य मुश्किल नहीं है। उन्होंने खिलाड़ियों से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रीवा व प्रदेश का नाम रोशन करने का आह्वान किया।

गणमान्य अतिथियों ने की तकनीक की सराहना
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में द वंडर पब्लिक स्कूल के डायरेक्टर कुलदीप मिश्रा, सावी मदर स्कूल के डायरेक्टर सुजय सिंह, समाजसेवी अमित डिगवानी, विभू सूरी, प्रकाश तोमर, अनिल मिश्रा व अशोक शर्मा उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने मैट पर उतरे खिलाड़ियों के जोश और तकनीक की खुलकर प्रशंसा की और कहा कि ऐसे आयोजन जिले की छुपी हुई खेल प्रतिभाओं को सामने लाने का सबसे बेहतर माध्यम हैं।

पर्दे के पीछे इनका रहा सराहनीय योगदान
सफल संचालन:
सहसचिव राजमणि तिवारी

निर्णायक मंडल (ज्यूरी):
अमर पासी, अर्जुन यादव, रजनीश कुमार साकेत, साधना कुशवाहा, आंचल साहू, निखिल तिवारी एवं उत्कर्ष पांडे (सभी ने निष्पक्ष निर्णय देकर प्रतियोगिता की गरिमा बढ़ाई)।

विशेष मार्गदर्शक (प्रशिक्षक):
पवन किशोर, सुनील कोरी एवं अजय कुमार शर्मा (जिनकी महीनों की मेहनत और नियमित अभ्यास की बदौलत खिलाड़ी मैट पर आत्मविश्वास से भरे नजर आए)।

पदक पाकर खिले चेहरे, अभिभावकों में दिखा उत्साह
समापन अवसर पर सभी वर्गों के विजेता खिलाड़ियों को पदक और प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। अपने बच्चों के गले में मेडल और हाथों में सर्टिफिकेट देख अभिभावकों के चेहरे खुशी से दमक उठे। पूरे दिन खेल मैदान पर अनुशासन और खेल भावना का माहौल बना रहा। आयोजन समिति ने सभी सहयोगियों, विद्यालय प्रबंधन, अभिभावकों और खिलाड़ियों का आभार जताया और भरोसा दिलाया कि रीवा में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए भविष्य में भी ऐसे आयोजन निरंतर किए जाते रहेंगे।