Bhopal: अयोध्या बाईपास पर पेड़ कटाई पर NGT की रोक
एनजीटी की स्पेशल बेंच ने भोपाल के अयोध्या बाईपास चौड़ीकरण के लिए होने वाली पेड़ कटाई पर 8 जनवरी तक रोक लगा दी है।
भोपाल: राजधानी में पेड़ो की कटाई का मामला अब तुल पकड़ता जा रहा है।भोपाल के अयोध्या बाईपास पर पेड़ कटाई को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) की स्पेशल बेंच ने अयोध्या बाईपास पर पेड़ों की कटाई पर फिलहाल रोक लगा दी है। यह रोक 8 जनवरी तक प्रभावी रहेगी, जबकि इसी दिन इस मामले में अगली सुनवाई भी होगी। दरअसल, 16 किलोमीटर लंबे अयोध्या बाईपास के चौड़ीकरण के लिए करीब 8 हजार से 10 हजार पेड़ों को काटने की योजना थी, जिस पर पर्यावरण से जुड़े मुद्दों को लेकर आपत्ति दर्ज की गई थी। एनजीटी के इस फैसले से पर्यावरण प्रेमियों को बड़ी राहत मिली है।
इसलिए लगाई कटाई में रोक
भोपाल में 10 लेन सड़क के लिए पेड़ों की कटाई पर रोक लगाने के लिए एनजीटी में याचिका लगाने वाले नितिन सक्सेना ने बताया कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा सड़क निर्माण के लिए पेड़ों की कटाई तो शुरू कर दी गई, लेकिन इसके लिए तय मानकों का पालन नहीं किया गया. शहर में इसके पहले भी बीआरटीएस, स्मार्ट सिटी, कोलार सिक्सलेन और मेट्रो समेत अन्य प्रोजेक्ट के लिए लाखों पेड़ों की बलि चढ़ चुकी है. संबंधित निर्माण एजेंसियों ने भी पेड़ कटने के बाद उसकी भरपाई के लिए पौधारोपण का दावा किया था, लेकिन हकीकत सबके सामने है।
8 जनवरी तक पेड़ों की कटाई पर रोक
याचिकाकर्ता के वकील हरप्रीत सिंह गुप्ता ने बताया कि पूर्व में दिए गए एनजीटी के आदेश के अनुसार वृक्षों की कटाई की वैकल्पिक योजना पर विचार करने के लिए कोई केंद्रीय रूप से सशक्त समिति गठित नहीं की गई है, जिससे कम संख्या में वृक्षों की कटाई आवश्यक हो सके. न ही काटे गए वृक्षों की क्षतिपूर्ति और रोपित वृक्षों के 5 वर्ष तक जीवित रहने के लिए इस न्यायाधिकरण द्वारा निर्देशित विधि के अनुसार क्षतिपूर्ति वृक्षारोपण के संबंध में कोई निर्णय लिया गया है.
sanjay patidar 
