सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूरे: पीएम मोदी ने किया भव्य कुंभाभिषेक
Somnath Temple के जीर्णोद्धार के 75 साल पूरे होने पर गुजरात में भव्य “सोमनाथ अमृत महोत्सव” मनाया गया। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने 2 किलोमीटर लंबा रोड शो कर मंदिर पहुंचकर शिवाभिषेक किया और वैदिक मंत्रों के बीच 11 तीर्थों के जल से मंदिर के शिखर का कुंभाभिषेक कराया।
गुजरात के प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर में आज ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला। मंदिर के पुनर्निर्माण और प्राण प्रतिष्ठा के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में ‘सोमनाथ अमृत महोत्सव’ मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दो किलोमीटर लंबे रोड शो के साथ सोमनाथ मंदिर पहुंचे और यहां उन्होंने भव्य शिवाभिषेक व कुंभाभिषेक किया।
Jai Somnath! Feeling blessed to be here, when we are marking 75 years since the rebuilt Temple opened its doors for devotees. pic.twitter.com/gFumT80Qva
— Narendra Modi (@narendramodi) May 11, 2026
LIVE: PM Shri @narendramodi performs Darshan and Pooja at Somnath Temple. https://t.co/JGMTGKlFa8
— BJP (@BJP4India) May 11, 2026
मुख्य कार्यक्रम..
1.पीएम मोदी ने मंदिर पहुंचकर पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ शिवलिंग का अभिषेक किया।
2.इसके बाद रिमोट कंट्रोल के माध्यम से कुंभाभिषेक सम्पन्न किया गया।
3.11 पवित्र तीर्थों (11 तीर्थों) के जल से मंदिर के शिखर पर अभिषेक किया गया।
4.90 मीटर ऊंची क्रेन की मदद से विशाल कलश को मंदिर के शिखर पर स्थापित किया गया।
5.अभिषेक के उपरांत चेतक हेलिकॉप्टर से मंदिर पर फूलों की वर्षा की गई।
6.भारतीय वायुसेना की प्रसिद्ध सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम ने मंदिर के ऊपर 15 मिनट का शानदार एयर शो प्रस्तुत किया।

ऐतिहासिक महत्व..
11 मई 1951 को स्वतंत्र भारत में सोमनाथ मंदिर की नई प्राण प्रतिष्ठा हुई थी। आज 75 वर्ष बाद यह मंदिर पुनर्निर्माण और गौरव के प्रतीक के रूप में खड़ा है। 2026 सोमनाथ के लिए और भी खास है क्योंकि ठीक 1000 वर्ष पहले (सन् 1026 में) महमूद गजनवी ने मंदिर पर आक्रमण कर उसे ध्वस्त कर दिया था।

सोमनाथ में पीएम मोदी की शिव साधना
— Social Tamasha (@SocialTamasha) May 11, 2026
इतिहास में पहली बार 155 फीट ऊंचे सोमनाथ मंदिर के शिखर कलश का 1100 लीटर पवित्र जल से हुआ कुंभाभिषेक ???? pic.twitter.com/Pyg6aOP8bl
हजार वर्ष पूरे होने का अवसर भी इस महोत्सव को ऐतिहासिक बना रहा है।यह कार्यक्रम वैदिक मंत्रोच्चार, भक्ति और राष्ट्रभक्ति के अद्भुत संगम के रूप में याद किया जाएगा। प्रधानमंत्री के इस दौरे ने सोमनाथ को न केवल धार्मिक, बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक केंद्र के रूप में और मजबूती प्रदान की है।

