भोपाल सागर प्लाजा लिफ्ट हादसा: लिफ्ट संचालक पर केस, सेज के संजीव अग्रवाल को बचाया
एमपी नगर में सागर प्लाजा लिफ्ट हादसा: सात पत्रकार घायल, बिल्डिंग मालिक पर कार्रवाई न होने से नाराजगी
भोपाल। राजधानी के एमपी नगर जोन-2 स्थित सागर प्लाजा में हुए लिफ्ट हादसे ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। करीब 10 दिन पहले हुई इस घटना में तीसरी मंजिल से लिफ्ट अचानक गिर गई थी, जिसमें सात लोग घायल हो गए। घायलों में कई पत्रकार शामिल हैं, जिनका इलाज अब भी जारी है।
पुलिस कार्रवाई और विवाद
एमपी नगर थाना पुलिस ने मामले में लापरवाही के आरोप में लिफ्ट संचालक के खिलाफ केस दर्ज किया है। हालांकि, इस कार्रवाई को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। आरोप लग रहे हैं कि बिल्डिंग मालिक और सेज के कर्ताधर्ता संजीव अग्रवाल को बचाते हुए केवल लिफ्ट ऑपरेटर पर कार्रवाई की गई है।

भेदभाव के लग रहे आरोप
स्थानीय लोगों और जानकारों का कहना है कि ऐसे मामलों में भवन मालिक और प्रबंधन की जिम्मेदारी भी तय होती है। इससे पहले शहर में हुए लिफ्ट हादसों में गैर इरादतन हत्या तक के मामले दर्ज किए गए थे। ऐसे में इस कार्रवाई को लेकर पुलिस की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं।
हादसे में सात लोग घायल
29 अप्रैल की शाम यह हादसा उस समय हुआ जब कुछ पत्रकार अपने साथी से मिलने सागर प्लाजा पहुंचे थे। इसी दौरान लिफ्ट अचानक नीचे गिर गई।

हादसे में पत्रकार रिजवान अहमद सिद्दीकी, सुशील त्रिपाठी, दिलीप भदौरिया, अनीता चौबे, प्रगति श्रीवास्तव और सादिया खान समेत सात लोग घायल हो गए। इनमें से कुछ को गंभीर चोटें आईं, खासकर पैरों में गंभीर फ्रैक्चर की स्थिति बताई जा रही है। सभी घायलों को तुरंत नर्मदा और सेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहीं, घटना के बाद प्रशासन को सूचना दी गई थी, लेकिन प्रारंभिक कार्रवाई में देरी को लेकर भी सवाल उठे हैं।
Varsha Shrivastava 
