सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा 2026: CM डॉ. मोहन यादव ने दिखाई हरी झंडी, 1100 श्रद्धालुओं का जत्था हुआ रवाना

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा 2026 को हरी झंडी दिखाई और देश की प्रमुख नदियों के 21 जल कलशो का पूजन किया।

सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा 2026: CM डॉ. मोहन यादव ने दिखाई हरी झंडी, 1100 श्रद्धालुओं का जत्था हुआ रवाना

भोपाल स्थित रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से गुरुवार को ‘सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा 2026’ का भव्य शुभारंभ किया गया। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्लेटफार्म नंबर-1 इस अवसर पर यात्रा के प्रथम जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान वातावरण धार्मिक उत्साह और सांस्कृतिक गौरव से सराबोर रहा।

कार्यक्रम की शुरुआत विधिवत रूप से दीप प्रज्वलन के साथ की गई। इसके बाद मुख्यमंत्री ने देश की प्रमुख नदियों के 21 जल कलशों का पूजन किया, जिसे धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का प्रतीक माना गया। इस अवसर पर यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए यात्रा को सफल और मंगलमय होने की कामना की गई।

1100 श्रद्धालु हुए सोमनाथ दर्शन के लिए रवाना

इस विशेष ट्रेन यात्रा के माध्यम से लगभग 1100 श्रद्धालु गुजरात स्थित सोमनाथ ज्योतिर्लिंग मंदिर के दर्शन के लिए रवाना हुए। यह यात्रा “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” के अंतर्गत संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित की गई है। रेलवे स्टेशन पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु और नागरिक मौजूद रहे, जिन्होंने इस ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनने का अनुभव साझा किया।

मुख्यमंत्री का संबोधन: सोमनाथ स्वाभिमान और आस्था का प्रतीक

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि सोमनाथ मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि देश के स्वाभिमान और सांस्कृतिक वैभव का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि द्वादश ज्योतिर्लिंगों में सोमनाथ का प्रथम स्थान है और यह भारत की आस्था एवं एकता का केंद्र है।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में “विरासत से विकास” की अवधारणा को आगे बढ़ाने की बात कही और बताया कि मध्यप्रदेश सरकार धार्मिक पर्यटन को लगातार प्रोत्साहित कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रा के माध्यम से श्रद्धालु न केवल तीर्थ दर्शन करेंगे, बल्कि देश की विविध संस्कृति को भी करीब से समझ पाएंगे।

धार्मिक पर्यटन से बढ़ रहा आर्थिक और सांस्कृतिक विकास

मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि धार्मिक पर्यटन से स्थानीय अर्थव्यवस्था को नया आयाम मिल रहा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि उज्जैन में श्रद्धालुओं की संख्या में कई गुना वृद्धि हुई है, जिससे होटल व्यवसाय, परिवहन और छोटे व्यापारियों को लाभ मिला है।

सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि तीर्थ यात्राएं भारत की सांस्कृतिक एकता को मजबूत करती हैं और “एक भारत श्रेष्ठ भारत” की भावना को आगे बढ़ाती हैं।