भोपाल में 43 करोड़ की लागत से बना अटल भवन शुरू, एक ही छत के नीचे मिलेंगी सभी नगर सेवाएं
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल नगर पालिक निगम के नए मुख्यालय अटल भवन का लोकार्पण किया।
भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी में नगरीय प्रशासन को नई दिशा देते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नगर निगम के नवीन मुख्यालय “अटल भवन” का लोकार्पण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की और भवन के आधुनिक स्वरूप व सुविधाओं की सराहना की। लोकार्पण समारोह के दौरान नगर निगम आयुक्त द्वारा उन्हें स्मृति चिन्ह भी भेंट किया गया।

43 करोड़ की लागत से तैयार आधुनिक ‘अटल भवन’
भोपाल के तुलसी नगर (सेकंड स्टॉप) क्षेत्र में स्थित यह 8 मंजिला भवन लगभग 43 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। इसे नगर निगम का नया मुख्यालय बनाया गया है, जिसका उद्देश्य शहरवासियों को एक ही स्थान पर सभी नागरिक सेवाएं उपलब्ध कराना है। अब तक अलग-अलग कार्यालयों में बिखरी हुई नगर निगम की सेवाएं एक ही छत के नीचे आ जाएंगी।

यह भवन न केवल प्रशासनिक सुविधा का केंद्र बनेगा, बल्कि इसे ग्रीन बिल्डिंग कॉन्सेप्ट और आधुनिक तकनीक के साथ विकसित किया गया है। इसे प्रदेश का पहला ऐसा नगरीय निकाय भवन बताया जा रहा है, जो जियोथर्मल तकनीक और सौर ऊर्जा प्रणाली से लैस है।
एक ही छत के नीचे मिलेंगी सभी सेवाएं
‘अटल भवन’ में नागरिकों की सुविधा के लिए ग्राउंड फ्लोर पर जनसुविधा केंद्र स्थापित किया गया है, जहां टैक्स काउंटर, विवाह पंजीकरण, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जैसी सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी। साथ ही बच्चों के लिए विशेष गेम जोन भी बनाया गया है।

पहली से चौथी मंजिल तक महापौर कार्यालय, एमआईसी सदस्य, भवन अनुज्ञा, जलकार्य, सीवेज और राजस्व विभाग संचालित होंगे। पांचवीं से सातवीं मंजिल पर योजना प्रकोष्ठ, आईटी विभाग, स्मार्ट सिटी, स्वास्थ्य और उद्यान विभाग को जगह दी गई है। वहीं आठवीं मंजिल पर कमिश्नर कार्यालय और स्मार्ट सिटी का मुख्य प्रशासनिक केंद्र होगा। इस एकीकृत व्यवस्था से नागरिकों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और सभी सेवाएं एक ही स्थान पर आसानी से उपलब्ध होंगी।
सौर ऊर्जा और ग्रीन टेक्नोलॉजी से लैस भवन
अटल भवन को पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए इसमें सौर ऊर्जा प्रणाली और ग्रीन बिल्डिंग तकनीक का उपयोग किया गया है। भवन परिसर में लगाए गए सोलर पैनलों से लगभग 300 किलोवाट बिजली उत्पादन की क्षमता है।

हालांकि, विशेषज्ञों के अनुसार सोलर पैनलों की दिशा उत्तर-दक्षिण होने के कारण ऊर्जा उत्पादन पर कुछ प्रभाव पड़ सकता है। इसके बावजूद यह भवन ऊर्जा बचत और सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
10.5 मेगावॉट सोलर प्रोजेक्ट का भी लोकार्पण
मुख्यमंत्री ने इसी कार्यक्रम के दौरान भोपाल नगर निगम द्वारा नीमच जिले में स्थापित 10.5 मेगावॉट सोलर ऊर्जा परियोजना का भी लोकार्पण किया। यह परियोजना नगर निगम की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

सभी विभाग एक स्थान पर, लेकिन पुरानी चुनौतियां भी
नए भवन में नगर निगम के सभी प्रमुख विभागों को एकीकृत किया गया है, जिसमें सिविल, विद्युत, स्वच्छ भारत मिशन, अतिक्रमण, भवन परमिशन, राजस्व, जलकार्य और अन्य विभाग शामिल हैं। अब ये सभी शाखाएं एक ही परिसर में काम करेंगी।

हालांकि, परियोजना में एक बड़ी कमी भी सामने आई है। प्रारंभिक डिजाइन में मीटिंग हॉल का प्रावधान नहीं किया गया था, जिसके कारण अब अतिरिक्त जमीन की मांग की गई है और इसके लिए लगभग 10 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च अनुमानित है।
तीन कमिश्नरों के कार्यकाल में पूरा हुआ प्रोजेक्ट
इस भवन की डिजाइनिंग तत्कालीन कमिश्नर केवीएस चौधरी कोलसानी के कार्यकाल में तैयार की गई थी। इसके बाद निर्माण कार्य हरेंद्र नारायण और वर्तमान में संस्कृति जैन के कार्यकाल में पूरा कर भवन को शुरू किया गया।

Varsha Shrivastava 
