जल समृद्ध मध्यप्रदेश की दिशा में सरकार के दो वर्ष: जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने पेश किया रिपोर्ट कार्ड

भोपाल में जल संसाधन विभाग द्वारा 'जल समृद्ध मध्यप्रदेश' विषय पर पत्रकार वार्ता का आयोजन किया गया इस अवसर पर मंत्री तुलसी सिलावट ने पत्रकार वार्ता को संबोधित किया

जल समृद्ध मध्यप्रदेश की दिशा में सरकार के दो वर्ष: जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने पेश किया रिपोर्ट कार्ड
Tulsiram Silawat Report Card

भोपाल। प्रदेश सरकार के दो साल पूरे होने के अवसर पर राज्य सरकार के मंत्री एक-एक कर अपने-अपने विभागों की उपलब्धियों का लेखा-जोखा जनता के सामने रख रहे हैं। इसी कड़ी में 30 दिसंबर मंगलवार को राजधानी भोपाल में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने जल संसाधन विभाग की दो वर्षों की उपलब्धियों को लेकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की।

भोपाल के एक निजी होटल में आयोजित इस पत्रकार वार्ता का विषय ‘जल समृद्ध मध्यप्रदेश’ रहा। मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि यह आयोजन प्रदेश में जल संसाधन विकास, संरक्षण और प्रबंधन के क्षेत्र में बीते दो वर्षों में किए गए महत्वपूर्ण कार्यों को उजागर करने के उद्देश्य से किया गया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश को जल-समृद्ध राज्य बनाने की दिशा में सरकार निरंतर ठोस प्रयास कर रही है।

मंत्री सिलावट ने बताया कि प्रदेश में स्वर्गीय प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नदी जोड़ो अभियान के सपने को साकार करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि केन-बेतवा बहुउद्देशीय राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना की आधारशिला 25 दिसंबर 2024 को प्रधानमंत्री द्वारा रखी गई, जिससे बुंदेलखंड क्षेत्र की तस्वीर और तकदीर बदलने की उम्मीद है। इस परियोजना से क्षेत्र को सिंचाई, पेयजल और विद्युत उत्पादन का व्यापक लाभ मिलेगा।

इसके साथ ही मंत्री ने ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर परियोजना का भी उल्लेख किया, जो स्वच्छ ऊर्जा और जल संरक्षण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना ऊर्जा उत्पादन के साथ-साथ जल संसाधनों के बेहतर उपयोग का उदाहरण है।

जल संसाधन मंत्री ने बताया कि प्रदेश में संशोधित पार्वती–कालीसिंध–चंबल लिंक राष्ट्रीय परियोजना पर भी कार्य प्रगति पर है, जिससे राज्य के बड़े हिस्से में सिंचाई और पेयजल के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध कराया जा सकेगा। इसके अलावा तापी बेसिन मेगा रिचार्ज परियोजना को उन्होंने विश्व स्तर पर एक अनूठा प्रयास बताया। यह परियोजना भूजल स्तर बढ़ाने और दीर्घकालीन जल सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

मंत्री सिलावट ने कहा कि इन सभी परियोजनाओं और योजनाओं के माध्यम से मध्यप्रदेश जल संसाधन प्रबंधन के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हुआ है और आने वाले वर्षों में प्रदेश जल आत्मनिर्भरता की दिशा में नई ऊंचाइयों को छुएगा।