MP: प्रदेश का वित्तीय रिपोर्ट कार्ड पेश, कर्ज पर वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा बोले- ये निवेश है
मध्य प्रदेश सरकार के दो साल पूरे, वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने पेश किया मध्यप्रदेश का वित्तीय रिपोर्ट कार्ड, भोपाल में आयोजित प्रेसवार्ता में उपमुख्यमंत्री ने गिनाईं अपने विभाग की उपलब्धियां।
भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर हर मंत्री अपने विभाग का रिपोर्ट कार्ड पेश कर रहे हैं। इसी कड़ी में गुरुवार 18 दिसंबर को राजधानी भोपाल में उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने प्रेसवार्ता कर अपने विभाग की उपलब्धियां गिनाईं। जनसंपर्क संचालनालय में आयोजित इस संवाद के दौरान मंत्री देवड़ा ने प्रदेश की वित्तीय स्थिति, राजस्व वृद्धि, बजट विस्तार और भविष्य के रोडमैप की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश लगातार प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है और “विकसित मध्यप्रदेश, आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश” का लक्ष्य लेकर सरकार काम कर रही है। वहीं, सरकार पर बढ़ते कर्ज के आरोपों का जवाब देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि इसे कर्ज के बजाय 'विकास का निवेश' कहना उचित होगा।
विजन-2047- विकसित राज्य बनाने का संकल्प
वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बताया कि सरकार ने विजन-2047 के तहत प्रदेश को विकसित राज्य बनाने का संकल्प लिया है। इसके लिए वित्तीय अनुशासन के साथ-साथ विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य के बजट का आकार लगातार बढ़ रहा है और हर वर्ष औसतन 14 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की जा रही है। विपक्ष द्वारा सरकार पर कर्ज बढ़ाने के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने स्पष्ट कहा कि इसे कर्ज नहीं बल्कि विकास में किया गया निवेश कहा जाना चाहिए।
जगदीश देवड़ा ने कहा कि राज्य सरकार केंद्र सरकार द्वारा तय की गई सीमाओं के भीतर ही ऋण ले रही है और इस राशि का उपयोग केवल पूंजीगत एवं अधोसंरचना विकास कार्यों में किया जा रहा है। सड़कों, पुलों, शहरी विकास, उद्योग और अन्य बुनियादी सुविधाओं में निवेश से न केवल प्रदेश का विकास हो रहा है, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि कर्ज का सही उपयोग ही भविष्य में आय बढ़ाने और प्रदेश को मजबूत बनाने का आधार बनता है।
2024-25 में 55 हजार 634 करोड़ रुपये का राजस्व
वित्त मंत्री ने वित्तीय वर्ष 2024-25 की जानकारी साझा करते हुए बताया कि इस दौरान राज्य को 55 हजार 634 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। इसके साथ ही जीएसटी संग्रह और आबकारी से मिलने वाले राजस्व में भी लगातार वृद्धि हो रही है। उन्होंने कहा कि पहले के वर्षों की तुलना में अब राजस्व संग्रह की स्थिति कहीं बेहतर है और सरकार की नीतियों का सकारात्मक असर साफ दिखाई दे रहा है।
उन्होंने यह भी बताया कि सरकार ने ‘शून्य आधारित बजट’ (जीरो बेस्ड बजटिंग) की व्यवस्था लागू की है, जिससे अनावश्यक खर्चों पर रोक लगी है और हर योजना की उपयोगिता का नए सिरे से मूल्यांकन किया जा रहा है। यह व्यवस्था वर्ष 2026-27 में भी लागू रहेगी। बजट के भविष्य के अनुमान साझा करते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2026-27 तक राज्य का बजट 4 लाख 65 हजार करोड़ रुपये से अधिक हो जाएगा, जबकि 2029-30 तक यह 6 लाख करोड़ रुपये के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर जाएगा।
मोहन सरकार ने हर क्षेत्र में संतुलित विकास पर काम किया
डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा देश के लिए रखे गए 25 वर्षों के रोडमैप में मध्यप्रदेश की भूमिका को और मजबूत किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार हर क्षेत्र—कृषि, उद्योग, शहरी विकास, शिक्षा और स्वास्थ्य—में संतुलित विकास पर काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि बीते दो वर्षों में मध्यप्रदेश ने विकास के कई नए आयाम स्थापित किए हैं और आने वाले समय में यह गति और तेज होगी।
अंत में जगदीश देवड़ा ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल आंकड़े बढ़ाना नहीं, बल्कि आम जनता के जीवन स्तर को बेहतर बनाना है। वित्तीय मजबूती के साथ विकास की यह यात्रा मध्यप्रदेश को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में खड़ा करेगी।
Varsha Shrivastava 
