लोकपथ 2.0 लॉन्च: यात्रा के दौरान मिलेगा ब्लैक स्पॉट अलर्ट, CM ने कहा- नवाचार की नई राह पर PWD विभाग
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने डिजिटल प्लेटफॉर्म लोकपथ 2.0 को लॉन्च किया, सीएम ने कहा पहले नारियल फोड़ने, फीता काटने के लिए जाना जाता था विभाग, अब नवाचार कर रहा PWD
भोपाल। रविंद्र भवन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लोक निर्माण विभाग (PWD) के राज्य स्तरीय कार्यक्रम-सह-प्रशिक्षण सत्र का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभाग के महत्वाकांक्षी डिजिटल प्लेटफॉर्म लोकपथ 2.0 को लॉन्च किया। ये एप सड़क उपयोगकर्ताओं को यात्रा के दौरान ब्लैक स्पॉट अलर्ट, रूट प्लानिंग, आपातकालीन SOS, सड़क किनारे सुविधाओं और शिकायत निवारण जैसी आधुनिक सेवाएं प्रदान करेगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कैपेसिटी बिल्डिंग फ्रेमवर्क दस्तावेज और पिछले दो सालों में विभाग द्वारा किए गए नवाचारों और सुधारों पर आधारित पुस्तिका का भी विमोचन किया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की। इस दौरान लोकपथ 2.0, कैपेसिटी बिल्डिंग फ्रेमवर्क और विभाग की दो वर्षों की उपलब्धियों पर आधारित लघु फिल्मों का प्रदर्शन भी किया गया। पुस्तिका में डिजिटल समाधान, गुणवत्ता नियंत्रण, पर्यावरण संरक्षण, नई निर्माण तकनीक और आधुनिक प्रबंधन प्रणालियों को विस्तार से दर्शाया गया है।
लोकपथ 2.0: स्मार्ट ट्रैवल पार्टनर
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि पहले लोक निर्माण विभाग को केवल नारियल फोड़ने और फीता काटने के लिए जाना जाता था। प्रशासनिक अधिकारी भी कुछ विभागों को अपने रुतबे के प्रदर्शन का माध्यम मानते थे, जिनमें PWD प्रमुख था। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन से यह सोच बदली है और अब विभाग नवाचार, तकनीक और जवाबदेही की दिशा में कार्य कर रहा है।
सीएम ने कहा कि पहले भी संसाधन और तकनीक उपलब्ध थे, लेकिन उनका समुचित उपयोग नहीं किया गया। आज देश तेजी से विकास की राह पर है और शहरों व सड़कों की तस्वीर बदल रही है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय भी तकनीक थी, लेकिन उसका प्रभावी उपयोग नहीं हो पाया। वहीं, मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे सकारात्मक नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभाने में असफल रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि लोकपथ 2.0 ऐप नागरिकों के लिए एक स्मार्ट ट्रैवल पार्टनर की तरह काम करेगा। इस ऐप के माध्यम से सड़क रखरखाव की निगरानी, शिकायतों का त्वरित समाधान, रूट प्लानिंग, ब्लैक स्पॉट अलर्ट, आपातकालीन SOS सुविधा और सड़क किनारे उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी मिलेगी। यात्रा के दौरान यदि कोई दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट आता है, तो ऐप 500 मीटर पहले ही वॉयस अलर्ट के जरिए चालक को सतर्क करेगा।
प्रदेश की गति और दिशा तय करता है PWD
लोक निर्माण विभाग के मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि PWD केवल सड़कें नहीं बनाता, बल्कि प्रदेश की गति और दिशा भी तय करता है। कैपेसिटी बिल्डिंग फ्रेमवर्क प्रदेश के भविष्य के विकास की नींव है। उन्होंने बताया कि वर्चुअल बैठकों के माध्यम से प्रदेश के 1700 इंजीनियरों से सुझाव लिए गए, जिनमें से 927 इंजीनियरों के सुझावों के आधार पर यह फ्रेमवर्क तैयार किया गया है।
मंत्री ने यह भी कहा कि मध्यप्रदेश में पिछले 70 वर्षों में इंजीनियरों के प्रशिक्षण के लिए कोई समर्पित भवन नहीं था, लेकिन अब अत्याधुनिक प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया जाएगा। लोकपथ 2.0 ऐप की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि गूगल कई जानकारियां देता है, लेकिन लोकपथ उससे भी बेहतर साबित होगा। यह ऐप वैकल्पिक मार्ग सुझाएगा और यात्रियों को पहले से सुरक्षित करेगा।
राकेश सिंह ने बताया कि प्रदेश में लागू की गई नियमित निरीक्षण प्रणाली से सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। कई तकनीकी रूप से उन्नत राज्य अब मध्यप्रदेश के लोक निर्माण विभाग के नवाचारों को अपनाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि आने वाले समय में ट्री शिफ्टिंग को लेकर विशेष कार्यशाला आयोजित की जाएगी, जिससे विकास और पर्यावरण संरक्षण में संतुलन बनाया जा सके।
एप में दुर्घटना से अस्पताल तक की जानकारी
लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव सुखबीर सिंह ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि लोकपथ ऐप में मार्ग में पड़ने वाले एक्सीडेंट, ब्लैक स्पॉट और नजदीकी अस्पतालों की जानकारी उपलब्ध रहेगी। इस कार्यक्रम में 1500 इंजीनियर कैपेसिटी बिल्डिंग प्रबंधन की ट्रेनिंग लेने के लिए शामिल हुए हैं।
विक्रांत सिंह तोमर ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से कैपेसिटी बिल्डिंग फ्रेमवर्क की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इसमें PWD इंजीनियरों की जिम्मेदारियों और चुनौतियों का स्पष्ट ढांचा तैयार किया गया है। साथ ही लोक कल्याण सूचकांक का प्रावधान किया गया है, जिसके तहत हर इंजीनियर और विभाग का इंडेक्स तैयार होगा। कर्मचारी से लेकर मंत्री स्तर तक एक डिजिटल डैशबोर्ड बनाया जाएगा और उत्कृष्ट कार्य के लिए अवॉर्ड की व्यवस्था भी की गई है।
अभी लोकपथ ऐप में उपलब्ध सुविधाएं
वर्तमान में लोकपथ ऐप में प्रदेश की सभी मरम्मत योग्य नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे, मुख्य जिला मार्ग और अन्य जिला मार्ग शामिल हैं। ग्रामीण जिला मार्गों को भी इसमें जोड़ा गया है, जबकि निर्माणाधीन और अत्यधिक क्षतिग्रस्त मार्ग फिलहाल इससे बाहर हैं। लोकपथ ऐप को 2 जुलाई 2024 को लॉन्च किया गया था। इसमें नागरिक क्षतिग्रस्त सड़कों की फोटो और विवरण अपलोड कर सकते हैं, जो सीधे संबंधित इंजीनियर तक पहुंचता है। शिकायत दर्ज होने के बाद चार दिन की समय-सीमा में सड़क की मरम्मत की जाती है और सुधार के बाद फोटो अपलोड कर जानकारी दी जाती है। यदि गलत जानकारी दी जाती है, तो शिकायतकर्ता रियल टाइम में उसकी जांच कर सकता है।
कुल मिलाकर, लोकपथ 2.0 और कैपेसिटी बिल्डिंग फ्रेमवर्क के जरिए लोक निर्माण विभाग ने तकनीक, पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में एक मजबूत कदम बढ़ाया है, जो प्रदेश के सुरक्षित और स्मार्ट सड़क नेटवर्क की आधारशिला बनेगा।
Varsha Shrivastava 
