वंदे मातरम विवाद पर खरगे का पलटवार, बोले- इतिहास का ज्ञान नहीं दे सकती BJP

वंदे मातरम विवाद पर मल्लिकार्जुन खरगे ने बीजेपी पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने कुछ गलत नहीं किया और बीजेपी को इतिहास का ज्ञान देने का अधिकार नहीं है। विवाद अब कांग्रेस और बीजेपी के बीच सियासी बहस का मुद्दा बन गया है

वंदे मातरम विवाद पर खरगे का पलटवार, बोले- इतिहास का ज्ञान नहीं दे सकती BJP

 कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर वंदे मातरम का गायन बीच में रोके जाने को लेकर जारी विवाद के बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बीजेपी पर तीखा पलटवार किया है। खरगे ने कहा कि कांग्रेस ने कुछ भी गलत नहीं किया है और वह वही वंदे मातरम गाती रही है, जिसे महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू और सरदार वल्लभभाई पटेल ने भी गाया था।

खरगे ने बीजेपी की ओर से वंदे मातरम के कथित अपमान को लेकर शिकायत दर्ज कराने की बात पर सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर किस आधार पर शिकायत दर्ज कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस का वंदे मातरम गाना अपराध है, तो क्या उन नेताओं पर भी मामला दर्ज किया जाएगा, जिन्होंने इसी परंपरा के तहत इसे गाया था?

'अगर यह अपराध है तो 18 साल तक क्या करते रहे?'

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि बीजेपी और उससे जुड़ी सरकारें भी लंबे समय से इसी तरह वंदे मातरम गाती रही हैं। उन्होंने तर्क दिया कि अगर कांग्रेस का यही तरीका गलत या अपराध है, तो सवाल उठता है कि करीब 18 साल तक सत्ता में रहने के दौरान बीजेपी भी क्या यही अपराध करती रही?

खरगे ने कहा कि पिछले 12 वर्षों से मौजूदा सरकार के कार्यक्रमों में भी वंदे मातरम गाया जाता रहा है। ऐसे में अब कांग्रेस पर सवाल उठाना राजनीतिक विरोध से ज्यादा कुछ नहीं है।

'जब ये पैदा भी नहीं हुए थे, तब कांग्रेस ने प्रस्ताव पारित किया था'

खरगे ने बीजेपी पर इतिहास की जानकारी नहीं होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब आज के कई बीजेपी नेता पैदा भी नहीं हुए थे, तब कांग्रेस वंदे मातरम को राष्ट्रीय गीत के रूप में मान्यता देने के लिए प्रस्ताव पारित कर चुकी थी।

उन्होंने कहा कि बीजेपी कांग्रेस को वंदे मातरम के इतिहास और परंपरा पर ज्ञान नहीं दे सकती। खरगे के मुताबिक, कांग्रेस दशकों से वंदे मातरम की इसी परंपरा का पालन करती आ रही है।

राहुल गांधी और सोनिया गांधी पर भी उठे सवाल

दरअसल, 15 अगस्त को सामने आए एक वीडियो के बाद यह विवाद तेज हुआ। वीडियो में वंदे मातरम के दो छंदों के बाद भी गायन जारी रहने पर राहुल गांधी और सोनिया गांधी की आपत्ति की बात सामने आई थी। इसके बाद बीजेपी और विपक्षी नेताओं ने कांग्रेस पर वंदे मातरम के अपमान का आरोप लगाया।

इसी मुद्दे पर जवाब देते हुए खरगे ने कहा कि कांग्रेस करीब 90 वर्षों से वंदे मातरम की इसी परंपरा के अनुसार इसे गाती आ रही है। उन्होंने बीजेपी पर राजनीतिक फायदे के लिए इतिहास और परंपरा को अलग नजरिए से पेश करने का आरोप लगाया।

'जो बीजेपी कह दे, वह कानून नहीं हो जाता'

खरगे ने कहा कि केवल किसी राजनीतिक दल या सरकार के कुछ कह देने से वह कानून नहीं बन जाता। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर आज कोई सरकार एक बात कहती है और कल नई सरकार आकर दूसरी बात कहे, तो क्या दोनों को कानून मान लिया जाएगा?

कांग्रेस अध्यक्ष ने साफ कहा कि वंदे मातरम को लेकर कांग्रेस ने कोई गलत काम नहीं किया है। उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि राजनीतिक बयानबाजी को कानून का रूप नहीं दिया जा सकता।

वंदे मातरम को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब राजनीतिक बयानबाजी से आगे बढ़कर कांग्रेस और बीजेपी के बीच इतिहास, परंपरा और राष्ट्रीय प्रतीकों की व्याख्या को लेकर नई बहस में बदल गया है।