महिला आरक्षण बिल पर आज वोटिंग: खड़गे बोले पास नहीं होने देंगे
लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े तीन संशोधन बिलों पर आज वोटिंग होनी है। विपक्ष ने बिल का विरोध करते हुए सरकार पर परिसीमन के जरिए राजनीतिक फायदा उठाने का आरोप लगाया है। वहीं सरकार का कहना है कि महिलाओं को 33% आरक्षण देना जरूरी कदम है।
नई दिल्ली: संसद के विशेष सत्र के दूसरे दिन आज लोकसभा में महिला आरक्षण को 2029 के लोकसभा चुनाव से लागू करने के लिए तीन महत्वपूर्ण संशोधन बिलों पर चर्चा जारी है। शाम 4 बजे इन बिलों पर वोटिंग होनी है। विपक्षी दलों ने इन बिलों का पुरजोर विरोध किया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने साफ कहा- हम बिल को पास नहीं होने देंगे, उसके खिलाफ वोट करेंगे। वहीं टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने सरकार पर परिसीमन की नौटंकी करने का आरोप लगाया। दूसरी ओर, सरकार का कहना है कि ये कदम महिलाओं को सशक्त बनाने और लोकसभा सीटों को बढ़ाने (543 से लगभग 815-850 तक) के लिए जरूरी है।
सरकार ने देर रात किया बड़ा कदम..
2023 का महिला आरक्षण कानून लागू, गुरुवार देर रात कानून मंत्रालय ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 (महिला आरक्षण अधिनियम) को लागू करने का नोटिफिकेशन जारी कर दिया। अब यह कानून 16 अप्रैल 2026 से प्रभावी हो गया है। इसका मतलब है कि भले ही तीन संशोधन बिल पास न हों, लेकिन मौजूदा 543 लोकसभा सीटों पर भी महिलाओं को 33% आरक्षण का प्रावधान कानूनी रूप से लागू हो गया है। हालांकि, असल में यह आरक्षण नई जनगणना और परिसीमन के बाद ही धरातल पर उतरेगा जिसकी संभावित तारीख 2034 बताई जा रही है।
सरकार इन तीन बिलों के जरिए आरक्षण को 2029 के चुनाव से ही लागू करना चाहती है।
तीन बिल क्या हैं...
सरकार ने लोकसभा में तीन प्रमुख बिल पेश किए हैं:
- संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2026..नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन कर आरक्षण को 2029 चुनाव से लागू करने का प्रावधान।
- परिसीमन (डिलिमिटेशन) विधेयक 2026..लोकसभा और विधानसभाओं की सीटों का नया परिसीमन। 2011 की जनगणना के आधार पर सीटें बढ़ाने और नए निर्वाचन क्षेत्र बनाने का प्रस्ताव।
- केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक 2026..दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और पुडुचेरी जैसी केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं में भी 33% महिला आरक्षण।
#Rajyasabha | I extend my heartiest congratulations to Shri Harivansh Ji on his selection as the Deputy Chairman of the Rajya Sabha. His unopposed election is not merely a procedural outcome; it is a resounding affirmation of the deep trust, confidence, and respect that he enjoys… pic.twitter.com/MlYm1lkhXu
— SansadTV (@sansad_tv) April 17, 2026
सरकार का प्लान..
लोकसभा सीटों को 543 से बढ़ाकर लगभग 815-850 तक करना। इसमें 33% (लगभग 272-273 सीटें) महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। सभी राज्यों की सीटें करीब 50% बढ़ाने का फॉर्मूला रखा गया है ताकि किसी राज्य को नुकसान न हो।
विपक्ष का तीखा विरोध..
परिसीमन राजनीतिक चाल है, विपक्षी दलों (INDIA ब्लॉक) की बैठक में फैसला लिया गया कि वे परिसीमन से जुड़े प्रावधानों का विरोध करेंगे, हालांकि महिला आरक्षण के सिद्धांत का समर्थन करते हैं।
मल्लिकार्जुन खड़गे..
हम बिल के खिलाफ वोट करेंगे।
कल्याण बनर्जी (TMC)..
आरक्षण चाहिए तो अभी 50% लाइए, परिसीमन की नौटंकी मत करिए। भाजपा अपनी पार्टी में ही महिलाओं को टिकट नहीं देती, फिर शक्ति की बात कैसे, उन्होंने कहा- आप राम पूजते हैं, हम दुर्गा-काली के भक्त हैं।
अखिलेश यादव (सपा)..
भाजपा परिसीमन के जरिए अपनी पसंद की लोकसभा बनाना चाहती है। पहले जनगणना हो, फिर परिसीमन।
शशि थरूर (कांग्रेस)..
जनसंख्या नियंत्रण करने वाले दक्षिणी राज्यों को सजा दी जा रही है, जबकि उत्तर के राज्यों को इनाम।
कनिमोझी (DMK)..
यह केंद्र की सोची-समझी राजनीति है, राज्यों के अधिकारों पर हमला।”
विपक्ष का मुख्य आरोप..
सरकार महिला आरक्षण की आड़ में उत्तर vs दक्षिण का नया समीकरण बना रही है और OBC/पिछड़े वर्गों के अधिकार छीनने की कोशिश कर रही है।
सरकार का जवाब: “कोई राज्य नुकसान में नहीं आएगा”
अमित शाह (आज जवाब देंगे)..
दक्षिणी राज्यों की सीटें भी बढ़ेंगी। उदाहरण – तमिलनाडु की सीटें 39 से बढ़कर 59, कुल दक्षिणी राज्यों की हिस्सेदारी बरकरार रहेगी।
अनुप्रिया पटेल..
विपक्ष को भी चुनावी लाभ चाहिए तो समर्थन दे।
ललन सिंह..
महिलाओं के प्रति न्याय जरूरी है। पंचायतों में महिलाएं सालों से काम कर रही हैं, अब संसद में भी उनकी भागीदारी होनी चाहिए।
कंगना रनौत (BJP)..
महिलाओं के विकास के साथ भारत आगे बढ़ेगा। जब कुछ अच्छा होता है तो कांग्रेस के पेट में चूहे दौड़ने लगते हैं।”
राहुल गांधी दोपहर 3 बजे लोकसभा में बोलेंगे, उसके बाद अमित शाह जवाब देंगे।
परिसीमन का गणित और संभावित प्रभाव..
वर्तमान लोकसभा सीटें: 543
प्रस्तावित: 815-850 तक (50% बढ़ोतरी का फॉर्मूला)
महिलाओं के लिए आरक्षित: लगभग 272-273 सीटें
आधार: 2011 की जनगणना (नई जनगणना में देरी को देखते हुए)
परिसीमन आयोग: सुप्रीम कोर्ट के जज की अध्यक्षता में, फैसला अंतिम और अदालत में चुनौती नहीं दी जा सकेगी।
सरकार का दावा – सभी राज्यों की सीटें बढ़ेंगी, किसी को नुकसान नहीं। लेकिन विपक्ष दक्षिणी राज्यों (जिन्होंने जनसंख्या नियंत्रण किया) को चिंता है कि उनकी 상대 हिस्सेदारी घट सकती है।
आज का एजेंडा और राजनीतिक माहौल
सुबह से लोकसभा में तीखी बहस जारी..
INDIA ब्लॉक की संसद परिसर में बैठक – रणनीति तय। पीएम मोदी ने पहले दिन कहा: “क्रेडिट का ब्लैंक चेक दे रहा हूं, विरोध मत करो।” प्रियंका गांधी और अन्य ने “छिपा हुआ एजेंडा” का आरोप लगाया।
क्या होगा शाम 4 बजे..
संविधान संशोधन के लिए दोनों सदनों में विशेष बहुमत (दो-तिहाई) जरूरी है। NDA के पास बहुमत है, लेकिन विपक्ष का विरोध और कुछ सहयोगियों की स्थिति को देखते हुए वोटिंग रोमांचक हो सकती है। महत्वपूर्ण सवाल जो उठ रहे हैं, क्या सरकार तीनों बिल पास करा पाएगी, परिसीमन वाकई निष्पक्ष होगा या उत्तर भारत को फायदा, महिला आरक्षण 2029 में लागू होगा या 2034 तक टल जाएगा?, OBC महिलाओं को अलग आरक्षण मिलेगा या नहीं?

