कौन हैं I-PAC के निदेशक विनेश चंदेल 

Vinesh Chandel को ED ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार किया। बंगाल चुनाव से पहले इस कार्रवाई को राजनीतिक तौर पर अहम माना जा रहा है।

कौन हैं I-PAC के निदेशक विनेश चंदेल 

विनेश चंदेल भारतीय राजनीतिक सलाहकार फर्म I-PAC (Indian Political Action Committee) के सह-संस्थापक और निदेशक हैं। उन्होंने प्रशांत किशोर द्वारा I-PAC की शुरुआत के समय से ही संगठन के साथ जुड़ाव रखा। I-PAC पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के लिए लंबे समय से चुनावी रणनीति और कैंपेनिंग का काम कर रहा है।

चंदेल मध्य प्रदेश के भोपाल स्थित NLIU (National Law Institute University) से कानून की डिग्री प्राप्त हैं। उन्होंने शुरुआत में पत्रकारिता भी की और सुप्रीम कोर्ट में वकील के रूप में काम किया। बाद में वे राजनीतिक सलाहकार बने। उन्हें ममता बनर्जी का करीबी माना जाता है। उन्होंने पश्चिम बंगाल और मेघालय में TMC के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

निजी जीवन:
विनेश चंदेल की शादी वसुधा सिंह से हुई है। दोनों की मुलाकात I-PAC में ही हुई थी। वसुधा सिंह वर्तमान में VoterBridge India नाम की अपनी राजनीतिक कंसल्टेंसी फर्म चलाती हैं।


ईडी की गिरफ्तारी:
कोयला तस्करी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में बड़ी कार्रवाई

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 13 अप्रैल 2026 को दिल्ली में विनेश चंदेल को मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किया। उन्हें पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया, जहां अदालत ने उन्हें 10 दिन की ED हिरासत में भेज दिया। यह गिरफ्तारी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से ठीक पहले हुई है, जिससे राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।


पूरा मामला क्या है:

CBI ने 2020 में अनूप माजी उर्फ लाला और अन्य के खिलाफ कोयला तस्करी का केस दर्ज किया था। ED ने उसी FIR के आधार पर जांच शुरू की। जांच में पता चला कि अनूप माजी पश्चिम बंगाल के ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL) क्षेत्रों से बड़े पैमाने पर कोयले की चोरी और अवैध खनन कर रहे थे। चोरी का कोयला बांकुड़ा, बर्धमान और पुरुलिया की फैक्टरियों को बेचा जाता था। ED के अनुसार, चोरी के कोयले का बड़ा हिस्सा शकंभरी ग्रुप की कंपनियों को गया। इस घोटाले से प्राप्त काले धन को हवाला ऑपरेटरों के जरिए घुमाया गया। ED का दावा है कि हवाला के रास्ते दर्जनों करोड़ रुपये I-PAC को ट्रांसफर किए गए। एजेंसी ने अब तक करीब 50 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग का पता लगाया है।

I-PAC पर क्या आरोप:
ईडी ने कहा कि I-PAC उन संस्थाओं में शामिल है जिनके जरिए कोयला तस्करी के अवैध पैसे को वैध दिखाने का काम हुआ। चंदेल कंपनी में 33% हिस्सेदारी रखते हैं। ED ने इससे पहले I-PAC और उसके निदेशकों के दिल्ली, बेंगलुरु और कोलकाता स्थित परिसरों पर छापे भी मारे थे। यह कार्रवाई पश्चिम बंगाल में TMC की चुनावी तैयारियों के बीच आई है, क्योंकि I-PAC अभी भी TMC के लिए काम कर रहा है। चंदेल की गिरफ्तारी को चुनावी मौसम में राजनीतिक दबाव के रूप में भी देखा जा रहा है।