गर्मी में सेहत पर भारी पड़ रहा तरबूज, निकल रहा सर्फ जैसा सफेद झाग

भोपाल में तरबूज से निकला झाग, फूड सेफ्टी विभाग अलर्ट; जांच के लिए भेजे गए सैंपल

गर्मी में सेहत पर भारी पड़ रहा तरबूज, निकल रहा सर्फ जैसा सफेद झाग

गर्मी के मौसम में सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले फलों में शामिल तरबूज को लेकर भोपाल में चिंता बढ़ गई है। तुलसी नगर क्षेत्र में एक परिवार द्वारा खरीदे गए तरबूज से “सर्फ जैसे झाग” निकलने की घटना सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। मामले की सूचना मिलने पर खाद्य एवं औषधि विभाग ने तरबूज को जांच के लिए अपने कब्जे में ले लिया है और सैंपल परीक्षण की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

घर में रखे तरबूज से निकला झाग

घटना तुलसी नगर क्षेत्र के श्रीवास्तव परिवार से जुड़ी है। परिवार ने रविवार को टीन शेड में लगने वाले हाट बाजार से दो तरबूज खरीदे थे। पहले तरबूज को अगले ही दिन काटा गया, जिसमें उसका रंग सामान्य से अलग पाया गया। तरबूज का सफेद हिस्सा पीला था और स्वाद भी खराब था, जिसके चलते उसे नहीं खाया गया।

दूसरा तरबूज कुछ दिनों तक घर में रखा रहा। शुक्रवार सुबह जब परिवार ने उसे देखा तो उसके कई हिस्सों से सफेद झाग निकलता दिखाई दिया, जो सर्फ जैसा प्रतीत हो रहा था। यह देखकर परिवार के लोग हैरान रह गए और तुरंत इसकी सूचना खाद्य एवं औषधि विभाग को दी गई।

फूड सेफ्टी विभाग ने शुरू की जांच

सूचना मिलने के बाद फूड सेफ्टी विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तरबूज को जब्त कर जांच के लिए भेज दिया। अधिकारियों के अनुसार, झाग निकलने वाले तरबूज का विस्तृत परीक्षण कराया जा रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह प्राकृतिक खराबी है या किसी बाहरी कारण का परिणाम।

भोपाल के फूड सेफ्टी अधिकारी के अनुसार, प्रारंभिक रूप से यह भी माना जा रहा है कि तरबूज लंबे समय तक धूप या गर्म वातावरण में रहने के कारण खराब हुआ हो सकता है, जिससे अंदर फर्मेंटेशन (किण्वन) की प्रक्रिया शुरू हो गई हो और गैस व झाग बनने लगे हों।

बाजारों में तरबूज की मांग और कीमत घटी

इस घटना के बाद भोपाल समेत मध्यप्रदेश के कई शहरों में तरबूज की बिक्री पर असर पड़ा है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर जैसे शहरों में ग्राहकों की खरीदारी कम होने से दामों में गिरावट दर्ज की गई है।

सीजन की शुरुआत में जहां तरबूज 18 से 20 रुपए प्रति किलो बिक रहा था, वहीं अब कई जगह यह 12 से 13 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गया है। थोक मंडियों में कीमतें गिरकर 7 से 8 रुपए प्रति किलो तक आ गई हैं, जिससे किसानों और फुटपाथ पर फल बेचने वालों को नुकसान हो रहा है।

केमिकल मिलावट की आशंका और अफवाहें

हाल के दिनों में कुछ जगहों पर तरबूज खाने से बीमारियों और मौत की खबरों के चलते लोगों में डर का माहौल बना हुआ है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि हर मामले को केमिकल मिलावट से जोड़ना सही नहीं है। कई बार गर्मी में फल जल्दी खराब हो जाते हैं, जिससे फूड पॉइज़निंग का खतरा बढ़ सकता है।