CBSE पर गंभीर सवाल: 12वीं री-इवैल्यूएशन में रिकॉर्ड आवेदन, छात्रों की परेशानी के बीच 1 जून से फिर खुलेगा पोर्टल

CBSE 12वीं री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया में भारी आवेदन के चलते पोर्टल बार-बार क्रैश हुआ, जिसके बाद 1 जून से फिर आवेदन शुरू किए जाएंगे। इस साल OSM सिस्टम को लेकर छात्रों में नाराजगी देखने को मिली और 4 लाख से ज्यादा छात्रों ने री-चेकिंग के लिए आवेदन किया।

CBSE पर गंभीर सवाल: 12वीं री-इवैल्यूएशन में रिकॉर्ड आवेदन, छात्रों की परेशानी के बीच 1 जून से फिर खुलेगा पोर्टल

CBSE ने 12वीं के छात्रों के लिए री-इवैल्यूएशन और आंसर शीट की स्कैन कॉपी देखने के लिए आवेदन की नई तारीख जारी कर दी है। अब छात्र 1 जून से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि पहले वेबसाइट पर बहुत ज्यादा ट्रैफिक आ गया था और सिस्टम ठीक से काम नहीं कर रहा था।

बोर्ड ने यह प्रक्रिया 19 मई से शुरू की थी, लेकिन बड़ी संख्या में छात्रों के आवेदन करने की वजह से साइट बार-बार क्रैश होने लगी। इसके चलते पहले तारीख बढ़ाकर 25 मई तक की गई थी, लेकिन फिर भी छात्रों को परेशानी होती रही। कई बार पोर्टल पर सर्वर डाउन, पेमेंट फेल होना और आंसर शीट का साफ न दिखना जैसी दिक्कतें सामने आईं।

इसी वजह से CBSE को कुछ समय के लिए आवेदन प्रक्रिया रोकनी पड़ी। बोर्ड अब अपने ऑनलाइन सिस्टम को बेहतर करने में लगा है ताकि आगे छात्रों को ऐसी दिक्कतें न हों। इस बार 4 लाख से ज्यादा छात्रों ने अपनी कॉपी दोबारा जांच के लिए आवेदन किया है।

4 लाख से ज्यादा छात्रों ने री-चेकिंग के लिए किया आवेदन

CBSE 12वीं के री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया को लेकर इस साल काफी ज्यादा आवेदन देखने को मिले। जानकारी के अनुसार, शुरुआत के सिर्फ 3 घंटे में ही लगभग 1.26 लाख छात्रों ने आवेदन कर दिया था। इस साल CBSE ने पहली बार ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम लागू किया है। इसके बाद कई छात्रों और अभिभावकों ने शिकायत की कि इस नई प्रणाली की वजह से नंबर उम्मीद से कम आए हैं। इसी कारण री-इवैल्युएशन और आंसर शीट दोबारा देखने के लिए छात्रों में काफी ज्यादा रुचि देखने को मिली। तेजी से बढ़ते आवेदन के कारण CBSE को शुरुआती कुछ घंटों के बाद डेटा अपडेट करना भी रोकना पड़ा।

हालांकि बोर्ड ने यह भी कहा कि बड़ी संख्या में छात्रों ने अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी मांगी थी और अधिकतर छात्रों को ये कॉपियां उपलब्ध करा दी गई हैं। इस बार परीक्षा में करीब 17.68 लाख छात्र शामिल हुए थे, जो 17 फरवरी से 10 अप्रैल के बीच आयोजित हुई थी। परिणाम जारी होने के बाद पास हुए छात्रों प्रतिशत 85.2% रहा, जो पिछले साल से कम है। इसी बीच लगभग 22% यानी 4 लाख से ज्यादा छात्रों ने अपनी कॉपी की दोबारा जांच  के लिए आवेदन किया है, जिससे यह प्रक्रिया इस साल काफी चर्चा में रही।

सरकार को छात्रों के भविष्य नहीं, सत्ता बचाने की चिंता- राहुल गांधी

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों के भविष्य से ज्यादा अपनी सत्ता बचाने पर ध्यान दे रही है। उन्होंने CBSE के OSM सिस्टम और COEMPT कंपनी के कॉन्ट्रैक्ट की स्वतंत्र जांच की मांग की है। वहीं शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि छात्रों की समस्याएं जल्द हल की जाएंगी और किसी से अतिरिक्त फीस नहीं ली जाएगी। उन्होंने माना कि नए सिस्टम में कुछ दिक्कतें आई हैं, जिन्हें ठीक किया जा रहा है।

CBSE का कहना है कि OSM सिस्टम से कॉपी चेकिंग तेज और सही होती है, लेकिन छात्रों ने सर्वर डाउन, पेमेंट फेल और ब्लर पेज जैसी समस्याएं बताईं। रिपोर्ट के मुताबिक, CBSE ने कोएम्प्ट एडुटेक को डिजिटल इवैल्यूएशन का काम दिया है। कंपनी पहले भी कई राज्यों में ऐसा काम कर चुकी है, लेकिन उस पर पहले गड़बड़ी के आरोप भी लग चुके हैं। मंत्री ने 28 मई को माना कि प्रक्रिया में दिक्कतें आई हैं और हर शिकायत का समाधान किया जाएगा।