टीकमगढ़ में नगर पालिका की 55 दुकानों पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, ताले तोड़कर किया सील

टीकमगढ़, मध्य प्रदेश। नगर पालिका की संपत्तियों पर वर्षों से जमे अवैध कब्जों के खिलाफ जिला प्रशासन ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की.

टीकमगढ़ में नगर पालिका की 55 दुकानों पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, ताले तोड़कर किया सील

टीकमगढ़, मध्य प्रदेश। नगर पालिका की संपत्तियों पर वर्षों से जमे अवैध कब्जों के खिलाफ जिला प्रशासन ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की। नगर पालिका और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने शहर की 55 दुकानों को कब्जामुक्त कराते हुए अपने अधिकार में ले लिया। कई दुकानों के ताले कटर से तोड़े गए, अंदर रखा सामान बाहर निकलवाया गया और दुकानों को सील कर नोटिस चस्पा किए गए। कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल रहा।

यह कार्रवाई कलेक्टर विवेक श्रोतिय के निर्देश पर की गई। टीएल बैठक में नगर पालिका की करीब 55 दुकानों पर अवैध कब्जे का मामला सामने आने के बाद कलेक्टर ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी ओमपाल सिंह भदौरिया और प्रभारी अध्यक्ष अंजली शर्मा को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए थे।

संयुक्त टीम ने कई स्थानों पर चलाया अभियान

निर्देशों के बाद एसडीएम संस्कृति लिटोरिया, तहसीलदार सत्येंद्र सिंह गुर्जर, एसडीओपी राहुल कटरे, नगर पालिका और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने कलेक्ट्रेट के सामने, मां कर्मा बाई मार्केट, पुरानी तहसील सहित विभिन्न स्थानों पर अभियान चलाकर अवैध कब्जों को हटाया।

अब नए सिरे से होगा दुकानों का आवंटन

प्रशासन के अनुसार अवैध कब्जों के कारण नगर पालिका को लंबे समय से राजस्व का नुकसान हो रहा था। साथ ही पात्र हितग्राहियों को दुकानों का आवंटन भी नहीं हो पा रहा था। अब सभी 55 दुकानों को खाली कराकर नियमानुसार नए सिरे से आवंटित किया जाएगा।

अवैध कब्जाधारियों से होगी राजस्व की वसूली

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कार्रवाई केवल कब्जा हटाने तक सीमित नहीं रहेगी। जिन लोगों ने वर्षों तक नगर पालिका की दुकानों पर अवैध कब्जा बनाए रखा, उनसे पूरी अवधि का किराया और देय राजस्व भी वसूला जाएगा।

किराए पर चल रही दुकानों की जांच की मांग

कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों ने मांग उठाई है कि उन दुकानों की भी जांच कराई जाए, जिनका आवंटन किसी और के नाम पर है लेकिन उनका संचालन किराएदार कर रहे हैं। साथ ही पूर्व में हुए आवंटनों में शासन की गाइडलाइन का पालन हुआ या नहीं, इसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की गई है।