भोपाल। मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत 29 अगस्त को बालाघाट में मुख्यमंत्री का दौरा प्रस्तावित है। इस दौरान जिला स्तरीय समाधान ऑनलाइन में चिन्हित शिकायतकर्ताओं की समस्याएं मुख्यमंत्री के सामने रखी जाएंगी। मुख्यमंत्री इन शिकायतकर्ताओं की बात व्यक्तिगत रूप से सुनेंगे और अधिकारियों से समाधान को लेकर जानकारी लेंगे।
मध्यप्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में सभी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव, विभागाध्यक्ष, संभागायुक्त, कलेक्टर और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं।
बालाघाट में होगा मुख्यमंत्री का जन विश्वास दौरा
जारी पत्र के मुताबिक बालाघाट जिले का आगामी मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान दौरा 29 अगस्त 2026, शनिवार को प्रस्तावित है।
दौरे के दौरान जिला स्तरीय समाधान ऑनलाइन में चिन्हित शिकायतकर्ताओं की शिकायतें मुख्यमंत्री के सामने सुनी जाएंगी। इसका मकसद लंबित शिकायतों और समस्याओं के समाधान की स्थिति की सीधे समीक्षा करना है।

बैठक और समीक्षा के साथ मीडिया संवाद भी
मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान सिर्फ शिकायतों की सुनवाई ही नहीं होगी। कार्यक्रम में बैठक और समीक्षा के साथ मीडिया संवाद और उद्योग संवाद भी आयोजित किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
इस दौरान जिले में चल रहे विकास कार्यों, प्रशासनिक व्यवस्था और उद्योग से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है।
रक्षाबंधन के कारण सभी जिलों में 29 अगस्त को अभियान
सरकार ने बालाघाट के अलावा प्रदेश के दूसरे जिलों के लिए भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं।
दरअसल, 28 अगस्त को रक्षाबंधन होने के कारण इस बार अन्य सभी जिलों में भी मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान 29 अगस्त को आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।
यानी प्रदेशभर में जन विश्वास अभियान का आयोजन एक दिन आगे बढ़ाकर 29 अगस्त को किया जाएगा।
सरकारी आवासीय संस्थाओं का भी होगा निरीक्षण
जन विश्वास अभियान के दौरान अधिकारियों को विभिन्न शासकीय आवासीय संस्थाओं का भ्रमण और निरीक्षण भी करना होगा।
इनमें उदाहरण के तौर पर आवासीय विद्यालय, आश्रम और छात्रावास शामिल हैं।
अधिकारियों को इन संस्थाओं में रहने वाले छात्र-छात्राओं और युवाओं से संवाद करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि उनकी समस्याओं और सुविधाओं की वास्तविक स्थिति की जानकारी मिल सके।
क्या है जन विश्वास अभियान?
जन विश्वास अभियान के जरिए सरकार का फोकस आम लोगों की समस्याओं को सीधे सुनने और उनके समाधान की स्थिति की समीक्षा करने पर है। इसमें प्रशासनिक अधिकारियों को जमीनी स्तर पर जाकर सरकारी संस्थाओं और योजनाओं की स्थिति देखने के निर्देश दिए गए हैं।
इस बार रक्षाबंधन के कारण अभियान की तारीख 28 अगस्त की जगह 29 अगस्त रखी गई है, जबकि बालाघाट में मुख्यमंत्री का दौरा भी 29 अगस्त को प्रस्तावित है।