PoK Assembly Election 2026: पहले चरण की Voting आज, 45 में से 13 सीटों पर मतदान

PoK में विरोध प्रदर्शनों के बीच आज पहले चरण की Voting, सुरक्षा हालात और विरोध प्रदर्शनों के चलते तीन चरणों में कराया जा रहा विधानसभा चुनाव

PoK Assembly Election 2026: पहले चरण की Voting आज, 45 में से 13 सीटों पर मतदान

इस्लामाबाद/मुजफ्फराबाद: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में सोमवार से Assembly Election 2026 की शुरुआत हो गई। Pakistan Election Commission के अनुसार, मौजूदा सुरक्षा हालात और लगातार जारी विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए इस बार मतदान तीन चरणों में कराया जा रहा है। पहले चरण में 27 जुलाई को Mirpur Division की 13 विधानसभा सीटों पर वोट डाले जा रहे हैं। इसके बाद दूसरा चरण 2 अगस्त और अंतिम चरण 10 अगस्त को आयोजित होगा।

चुनाव कार्यक्रम के मुताबिक दूसरे चरण में Muzaffarabad Division की 9 सीटों के साथ पाकिस्तान में रहने वाले शरणार्थियों के लिए आरक्षित 12 सीटों पर मतदान होगा। वहीं, तीसरे और अंतिम चरण में Poonch Division की 11 सीटों पर वोटिंग कराई जाएगी। प्रशासन ने मतदान के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और कई संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।

कई महीनों से जारी है सरकार विरोधी आंदोलन

PoK में पिछले कई महीनों से महंगाई, बढ़े हुए बिजली बिल, सरकारी नीतियों और राजनीतिक हस्तक्षेप के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हो रहे हैं। इन आंदोलनों की अगुआई Jammu Kashmir Joint Awami Action Committee (JKJAAC) कर रही है। प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच कई बार झड़पें भी हुई हैं, जिनमें लोगों की मौत और कई के घायल होने की खबरें सामने आई हैं।

शुरुआत में महंगाई और बिजली दरों के विरोध से शुरू हुआ आंदोलन अब पाकिस्तान सरकार की नीतियों के खिलाफ व्यापक राजनीतिक अभियान का रूप ले चुका है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि कई क्षेत्रों में बल प्रयोग किया गया, रास्ते बंद किए गए और संचार सेवाएं बाधित की गईं, जिससे लोगों को आवश्यक वस्तुओं और दवाइयों की कमी का सामना करना पड़ा।

12 Refugee Seats को लेकर बढ़ा विवाद

इस चुनाव में सबसे बड़ा विवाद विधानसभा की 2 Refugee Seats को लेकर है। ये सीटें उन लोगों के लिए आरक्षित हैं, जो कई दशक पहले कश्मीर से पाकिस्तान गए थे। JKJAAC और अन्य स्थानीय संगठनों का आरोप है कि इन सीटों के जरिए Islamabad चुनावी परिणामों को प्रभावित करता है, जिससे स्थानीय मतदाताओं की राजनीतिक भागीदारी कमजोर पड़ती है और केंद्र की सत्तारूढ़ पार्टी को लाभ मिलता है।

इसी बीच PoK Election Commissioner Ghulam Mustafa Mughal ने कहा है कि मतदान को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा बलों और सेना की पर्याप्त तैनाती की गई है। हालांकि, लगातार जारी विरोध प्रदर्शनों के कारण चुनाव की पारदर्शिता और उसके नतीजों को लेकर राजनीतिक बहस अभी भी जारी है।