Nepal Flood Update : नेपाल बाढ़ से अब तक 472 की मौत, 1500 अभी भी लापता; 290 भारतीयों की खोज जारी
Nepal Flood Update : बाढ़ का पानी तिब्बत की तरफ से नेपाल में आया था। अब जिस झील में पानी जमा है, उसके दोबारा टूटने का खतरा बना हुआ है। ऐसे में फिर बाढ़ आने की आशंका है।
Nepal Flood Update : काठमांडू। नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर बुधवार सुबह आई अचानक बाढ़ ने नेपाल के रसुवा समेत कई इलाकों में भारी तबाही मचा दी। बाढ़ और भूस्खलन से नेपाल और तिब्बत में अब तक 472 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। वहीं, 1500 से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं। लापता लोगों में करीब 290 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। बाढ़ का पानी तिब्बत की तरफ से नेपाल में आया था। अब जिस झील में पानी जमा है, उसके दोबारा टूटने का खतरा बना हुआ है। ऐसे में प्रभावित इलाकों में एक बार फिर बाढ़ आने की आशंका जताई जा रही है।
नेपाल में 469 लोगों की मौत
नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन से अब तक 469 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। 977 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। लापता लोगों में 517 विदेशी नागरिक शामिल हैं। इसके अलावा नेपाल सेना के 45 जवान और नेपाल पुलिस के 41 कर्मी भी अब तक संपर्क में नहीं आए हैं।
नेपाल के गृह मंत्रालय की आपदा तैयारी और प्रतिक्रिया शाखा यानी NEOC ने आज सुबह 7:30 बजे जारी रिपोर्ट में यह आंकड़ा बताया है। रसुवा में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है।

मृतकों की पहचान के लिए मुर्दाघर के बाहर तस्वीरें लगाई
तिब्बत में भी हुई मौतें
बाढ़ और उससे जुड़ी तबाही का असर तिब्बत में भी देखने को मिला है। तिब्बत में अब तक 3 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। यहां 558 लोग अभी भी लापता हैं। लापता लोगों में 260 विदेशी नागरिक बताए गए हैं।
दोनों तरफ राहत और बचाव दल लगातार प्रभावित लोगों की तलाश कर रहे हैं। खराब हालात, भूस्खलन और क्षतिग्रस्त रास्तों के कारण बचाव अभियान में कई मुश्किलें सामने आ रही हैं।

7 बैंकों के 27 कर्मचारी लापता
नेपाल में भोटेकोशी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद रसुवा में सात बैंकों की शाखाओं में काम करने वाले कम से कम 27 कर्मचारी अब भी संपर्क से बाहर हैं। बुधवार सुबह बाढ़ आने के बाद से इन कर्मचारियों से संपर्क नहीं हो पाया है।
इनमें नेपाल इन्वेस्टमेंट मेगा बैंक के 7 कर्मचारी सबसे ज्यादा हैं। माछापुच्छ्रे बैंक के 5, सानिमा बैंक के 2, लक्ष्मी सनराइज बैंक के 3, हिमालयन बैंक का 1, NMB बैंक के 4 और प्रभु बैंक के 5 कर्मचारी भी लापता बताए जा रहे हैं।
हाइड्रोपावर सुरंग से लोगों का रेस्क्यू
बाढ़ के बीच ऊपरी त्रिशूली हाइड्रोपावर प्लांट की सुरंग में कुछ लोग फंस गए थे। नेपाल सेना के जवानों ने अभियान चलाकर इन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।
प्रशासन की कोशिश है कि बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित लोगों तक जल्द से जल्द मदद पहुंचाई जाए। कई जगह सड़कें और पुल टूटने के कारण राहत टीमों को पहुंचने में परेशानी हो रही है।

102 शव पोखरा भेजे गए
त्रिशूली और नारायणी नदी के किनारे से बरामद कुल 102 शवों को पहचान और पोस्टमार्टम के लिए पोखरा भेजा गया है। इनमें नवलपरासी से 41, धादिंग से 27, तनहूं से 23 और गोरखा से 11 शव शामिल हैं। इन जिलों में शवों को रखने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण उन्हें पोखरा भेजा गया है।
जिला प्रशासन मेडिकल प्रक्रिया पूरी होने के बाद सार्वजनिक सूचना जारी करने की तैयारी कर रहा है। इसका मकसद लापता लोगों के परिवारों को अपने रिश्तेदारों की पहचान करने में मदद देना है।

सचिन तेंदुलकर ने जताई संवेदना
पूर्व भारतीय क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने नेपाल की बाढ़ से प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि इससे बड़ी अनिश्चितता शायद ही कोई हो सकती है कि किसी व्यक्ति को यह पता न हो कि उसका अपना सुरक्षित है या नहीं।
सचिन ने प्रभावित सभी परिवारों के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने खास तौर पर उन परिवारों का जिक्र किया, जो अब भी अपने लोगों की खबर का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने लापता लोगों के परिजनों और उन्हें तलाशने के लिए दिन-रात काम कर रही बचाव टीमों के लिए प्रार्थना भी की।

ट्रंप ने नेपाल को मदद का भरोसा दिया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नेपाल को हर संभव मदद देने का भरोसा दिया है। NBC न्यूज के मुताबिक, ट्रंप ने बताया कि उन्होंने नेपाल के अधिकारियों से बाढ़ से हुए नुकसान की जानकारी ली है। उन्होंने इस मुश्किल समय में नेपाल की मदद करने की प्रतिबद्धता जताई है। इस बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नेपाल में राहत और बचाव अभियान के लिए मदद की पेशकश सामने आ रही है।
ऑस्ट्रेलिया ने 35 करोड़ रुपये की मदद का ऐलान किया
ऑस्ट्रेलिया ने नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित लोगों की मदद के लिए 50 लाख ऑस्ट्रेलियाई डॉलर यानी करीब 35 करोड़ भारतीय रुपये देने का ऐलान किया है। ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्रालय ने कहा कि प्रभावित ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों की सहायता के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों को भी नेपाल भेजा जा रहा है।
मंत्रालय के अनुसार, बाढ़ और भूस्खलन से कई सड़कें और पुल तबाह हो गए हैं। इससे कई समुदाय अब भी दूसरे इलाकों से कटे हुए हैं और वहां पहुंचना मुश्किल है। ऐसे हालात में प्रभावित लोगों तक तेजी से मानवीय सहायता पहुंचाना जरूरी है। मंत्रालय ने बताया कि नेपाल में कम से कम 39 ऑस्ट्रेलियाई नागरिक अभी भी लापता हैं।
32 देशों के नागरिक लापता
नेपाल में आई बाढ़ के बाद 32 देशों के 1400 से ज्यादा नागरिकों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। इनमें ट्रेकिंग, टूर और कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए नेपाल पहुंचे लोग भी शामिल हैं।
स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, लापता लोगों में 113 नेपाली पर्यटक, सेना और पुलिस के 85 जवान तथा रसुवा जिले के 161 लोग शामिल हैं। अब तक 50 विदेशी नागरिकों को हेलिकॉप्टर की मदद से सुरक्षित निकाला जा चुका है।
भारत के 290 नागरिकों की तलाश
लापता लोगों में भारत के करीब 290 नागरिक शामिल हैं। इसके अलावा अमेरिका के 90, यूक्रेन के 55, मलेशिया के 51, ऑस्ट्रेलिया के 39, ब्रिटेन के 33, कनाडा के 25 और दक्षिण कोरिया के 9 नागरिक शामिल हैं। सिंगापुर, जर्मनी और रूस के 8-8 नागरिक लापता बताए गए हैं।
दक्षिण अफ्रीका और लातविया के 6-6, जापान और न्यूजीलैंड के 5-5 तथा फ्रांस के 4 नागरिकों के बारे में भी जानकारी सामने आई है। इन सभी लोगों की तलाश और सुरक्षित वापसी के लिए राहत एजेंसियां और स्थानीय प्रशासन लगातार काम कर रहे हैं।
यहां देखिये नेपाल तबाही की तस्वीरें














