MP Moong Procurement : मूंग खरीदी में मप्र ने बनाया रिकॉर्ड, 5.33 लाख टन से ज्यादा खरीदी; केंद्रीय मंत्री ने की समीक्षा
MP Moong Procurement : केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्यप्रदेश के कृषि एवं बागवानी मंत्रियों के साथ वर्चुअल बैठक कर मूंग खरीदी और फसल बीमा व्यवस्था की समीक्षा की।
MP Moong Procurement : भोपाल। मध्य प्रदेश में ग्रीष्मकालीन मूंग की खरीद इस साल रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। राज्य में 5.33 लाख मीट्रिक टन से अधिक मूंग की खरीदी की गई है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को नई दिल्ली के कृषि भवन से मध्य प्रदेश के कृषि एवं बागवानी मंत्रियों के साथ वर्चुअल बैठक की। बैठक में मूंग खरीद, किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP का लाभ और फसल बीमा योजना से जुड़े मुद्दों की समीक्षा की गई।
5.39 लाख टन खरीद की मिली थी मंजूरी
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि मध्य प्रदेश सरकार के अनुरोध पर केंद्र ने ग्रीष्म 2026 के लिए पहले 4,54,580 मीट्रिक टन मूंग खरीद की मंजूरी दी थी। बाद में किसानों के हित को देखते हुए 84,492 मीट्रिक टन की अतिरिक्त मात्रा भी स्वीकृत की गई।
इस तरह राज्य के लिए कुल 5,39,072 मीट्रिक टन खरीद की सीमा तय हुई। खरीद अवधि पूरी हो चुकी है और 5.33 लाख मीट्रिक टन से अधिक मूंग खरीदी गई है। यह मात्रा स्वीकृत सीमा के भीतर रही।
पंजीकृत किसानों से MSP पर हुई खरीदी
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि सभी इच्छुक और पंजीकृत किसानों से उनकी उपलब्ध मूंग खरीदी गई। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य MSP पर मिला। इससे किसानों को सीधे आर्थिक लाभ मिला। उन्होंने कहा कि खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता और समय पर भुगतान पर विशेष ध्यान दिया गया। केंद्र और राज्य की व्यवस्था से किसानों को अपनी उपज बेचने में सुविधा मिली।
NAFED और NCCF ने संभाली खरीद की जिम्मेदारी
मूंग की खरीद मुख्य रूप से NAFED और NCCF के माध्यम से की गई। सरकार ने खरीद व्यवस्था को सुचारु रखने के साथ किसानों के भुगतान पर भी ध्यान दिया। केंद्रीय मंत्री ने खरीद प्रक्रिया की सराहना की। उन्होंने कहा कि बेहतर खरीद व्यवस्था से किसानों का बाजार पर भरोसा बढ़ता है। इसका सकारात्मक असर ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी पड़ता है।
पिछले साल से इस बार बेहतर रहा प्रदर्शन
ग्रीष्म 2025 में मध्य प्रदेश के लिए 4,19,692 मीट्रिक टन मूंग खरीद की मंजूरी थी। इसके मुकाबले 3,93,123.79 मीट्रिक टन मूंग खरीदी गई थी। इस साल स्वीकृत मात्रा और वास्तविक खरीद दोनों में बढ़ोतरी हुई है। ग्रीष्म 2026 में 5,39,072 मीट्रिक टन की मंजूरी के मुकाबले 5.33 लाख मीट्रिक टन से अधिक खरीद हुई। शिवराज सिंह ने इसे किसानों को बढ़े समर्थन और बाजार में बेहतर भरोसे का संकेत बताया।
फसल बीमा योजना पर भी हुई चर्चा
बैठक में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत मध्य प्रदेश में पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना यानी RWBCIS के क्रियान्वयन पर भी चर्चा हुई। राज्य सरकार ने इसकी टर्म-शीट को अंतिम रूप देने का अनुरोध किया था। शिवराज सिंह ने बताया कि केंद्र सरकार ने जरूरी पहल करते हुए टर्म-शीट राज्य को उपलब्ध करा दी है। उन्होंने इसके जल्द क्रियान्वयन की जरूरत बताई।
WINDS लागू करने पर दिया जोर
बैठक में WINDS प्रणाली की प्रगति की भी समीक्षा हुई। केंद्रीय विभाग की ओर से राज्य को इस प्रणाली को लागू करने के लिए समय-समय पर पत्र भेजे गए हैं। हालांकि, मध्य प्रदेश में इसका क्रियान्वयन अभी लंबित है। अधिकारियों ने कहा कि WINDS के बिना RWBCIS को प्रभावी ढंग से लागू करना मुश्किल होगा। इसलिए इस प्रणाली को जल्द लागू करने पर जोर दिया गया।
फसल उत्पादन के आकलन में नई व्यवस्था पर जोर
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत तकनीक आधारित फसल उत्पादन आकलन पर भी चर्चा हुई। मध्य प्रदेश में प्रमुख फसलों के लिए तकनीकी आधारित आकलन किया जा रहा है। केंद्र ने सुझाव दिया कि Crop Cutting Experiments यानी CCEs को दोबारा लागू किया जाए। इससे तकनीकी मॉडल की वास्तविक खेतों के आंकड़ों से जांच और सुधार किया जा सकेगा। इसके साथ तकनीकी और फील्ड आंकड़ों को मिलाकर Blended Approach अपनाने की सलाह दी गई।
खरीद, भुगतान और बीमा व्यवस्था मजबूत होगी
मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि केंद्र और मध्य प्रदेश सरकार मिलकर किसानों के हित में खरीद, भुगतान और बीमा व्यवस्था को और मजबूत करेंगी। उन्होंने कहा कि समय पर फसल खरीद, उचित MSP और प्रभावी बीमा व्यवस्था किसानों की आय और सरकार पर उनके भरोसे को मजबूत करती है। बैठक में इन्हीं व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर विशेष जोर दिया गया।

