मैहर शारदा धाम क्षेत्र में तेंदुए की दहशत, 15 दिन से लगातार मूवमेंट से ग्रामीण परेशान
माँ शारदा धाम क्षेत्र में पिछले 15 दिनों से तेंदुए की लगातार मौजूदगी से श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। वन विभाग की निष्क्रियता पर सवाल उठाते हुए ग्रामीणों ने तेंदुए के रेस्क्यू और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
रिपोर्टर- अमित उपाध्याय
मैहर: विश्व प्रसिद्ध माँ शारदा देवी धाम क्षेत्र में तेंदुए की लगातार मौजूदगी से श्रद्धालुओं, स्थानीय लोगों और फलाहारी आश्रम में रहने वाले बच्चों में भय का माहौल है। फलाहारी आश्रम के समीप तेंदुआ देखे जाने की सूचना के बाद क्षेत्र में दहशत फैल गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई नई घटना नहीं है। इससे पहले भी कई बार तेंदुआ इसी इलाके में दिखाई दे चुका है और उसके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके हैं। इसके बावजूद वन विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस और स्थायी कार्रवाई न होने पर लोगों में नाराजगी है।
क्या है पूरा मामला?
बताया जा रहा है कि तेंदुआ पिछले करीब 15 दिनों से लगातार क्षेत्र में दिखाई दे रहा है। आश्रम में 30 से 40 बच्चे अध्ययनरत हैं, जो डर के साए में रहने को मजबूर हैं। शाम ढलते ही इलाके में भय का माहौल बन जाता है और कई परिवार अपने बच्चों को बाहर निकलने नहीं दे रहे हैं।
श्रद्धालुओं की आवाजाही वाले सीढ़ी मार्ग और उसके आसपास तेंदुए की गतिविधियों ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो कोई बड़ी घटना हो सकती है।
डीएफओ के बयान से बढ़ी नाराजगी
सूत्रों के मुताबिक, शिकायत के बाद वन विभाग से संपर्क किया गया, लेकिन डीएफओ विद्याभूषण मिश्रा ने कहा कि जब तक कोई घटना नहीं होती, तब तक तेंदुए को नहीं पकड़ा जाएगा क्योंकि यह उसका प्राकृतिक आवास है। इस बयान के बाद क्षेत्रीय लोगों में और अधिक आक्रोश फैल गया है। लोगों का सवाल है कि क्या वन विभाग किसी हादसे का इंतजार कर रहा है?
ग्रामीणों और आश्रम प्रबंधन की मांग
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से तत्काल विशेष रेस्क्यू अभियान चलाने, संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है। आश्रम के महंत और विद्यार्थियों ने वन विभाग से उम्मीद छोड़कर अब जिला कलेक्टर से पूरे मामले में हस्तक्षेप की अपील की है। क्या प्रशासन किसी अनहोनी के बाद ही जागेगा या समय रहते तेंदुए की मौजूदगी को लेकर ठोस कदम उठाए जाएंगे?

