अमेरिका-इजराइल के मिसाइल हमले से ईरान में 40 बच्चों की मौत, 45 घायल

इजराइल और अमेरिका ने मिलकर ईरान की राजधानी तेहरान पर हमला किया, जिसमें ईरानी सुप्रीम लीडर खामेनेई को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया गया। हमले के बाद ईरान में सभी उड़ानें रोक दी गईं और दोनों देशों में युद्ध के मद्देनजर अलर्ट जारी कर दिया गया।

अमेरिका-इजराइल के मिसाइल हमले से ईरान में 40 बच्चों की मौत, 45 घायल
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अमेरिका-इजराइल ने ईरान की राजधानी तेहरान समेत कई शहरों पर बड़ा हमला किया. ईरानी एजेंसियों के मुताबिक, दक्षिणी ईरान के एक स्कूल पर मिसाइल गिरने से 40 छात्राओं की मौत हो गई, जबकि 45 घायल हैं. अमेरिका और इजराइल ने इसे संयुक्त सैन्य कार्रवाई बताया है. ट्रम्प ने वीडियो जारी कर कहा कि ईरान पर यह हमला उनके नागरिकों की रक्षा के लिए किया गया है.

जवाब में ईरान ने इजराइल पर करीब 400 मिसाइलें दागीं और कतर, कुवैत, बहरीन, सऊदी अरब व UAE में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को भी निशाना बनाया। इतना ही नहीं, ईरान ने UAE के सबसे ज्यादा आबादी वाले शहर दुबई पर भी हमला किया।

यह हमला ईरान द्वारा अमेरिका की बात न मानने की वजह से किया गया है। अमेरिका नहीं चाहता कि ईरान अपने परमाणु हथियार बढ़ाए। अमेरिका कई समय से ईरान को अपने परमाणु हथियार सीमित करने को कह रहा है। हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने कांग्रेस में भाषण देते हुए ईरान पर आरोप लगाया था कि ईरान अमेरिका के खिलाफ मिसाइलें विकसित कर रहा है।

कई बार अमेरिका ने ईरान को चेतावनी भी दी, लेकिन ईरान ने अनसुना कर दिया। इस सैन्य हमले से पहले ही अमेरिका ने ईरान को धमकी दी थी कि अमेरिकी सेना ने ईरान को चारों तरफ से घेर लिया है। युद्ध को लेकर अमेरिका ने कई संकेत भी दिए थे, जैसे अमेरिका ने शुक्रवार को ही इजराइल में मौजूद सभी अमेरिकी नागरिकों को इजराइल छोड़ने के लिए कहा था। बावजूद इसके ईरान की इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।

जिसके बाद अंततः शनिवार 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल ने मिलकर ईरान पर हमला बोल दिया। इस बीच इजराइल डिफेंस फोर्स ने इसे ‘प्रिवेंटिव अटैक’ बताया है। हमले के बाद से ईरान में सभी उड़ानें रोक दी गई हैं और एयरस्पेस खाली करा दिया गया है। दोनों देशों में युद्ध को लेकर अलर्ट जारी कर दिया गया है और सभी नागरिकों को घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है।

हमले के बाद ट्रम्प ने एक वीडियो मैसेज शेयर किया है, जिसमें वो कह रहें हैं कि-

"ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी है। इस ऑपरेशन का मकसद अमेरिकी लोगों की सुरक्षा करना और ईरानी सरकार से आने वाले खतरों को समाप्त करना है। कई साल से ईरान अमेरिका के खिलाफ काम कर रहा है। ईरान की कार्रवाई अमेरिका और दूसरे देशों के लिए खतरा है। ईरान की एक्टिविटी अमेरिका, उसके सैनिकों, विदेशों में बने उसके ठिकानों के लिए खतरनाक है।"

ट्रम्प ने आगे कहा कि- "परमाणु ठिकानों पर हमले के बाद भी ईरान परमाणु कार्यक्रम को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। इसलिए अब और इंतजार नहीं किया जा सकता है।"