लेबनान पर इजरायल का हमला, 254 लोगों की मौत, देश में राष्ट्रीय शोक घोषित
इजरायल ने लेबनान पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए, जिनमें सैकड़ों लोगों की मौत और हजारों घायल हुए। हमलों के बाद लेबनान में राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया और अंतरराष्ट्रीय मदद की अपील की गई।
इजरायल ने लेबनान पर 8 अप्रैल की रात हवाई हमले किए। हमले में 254 लोगों की मौत की खबर है, जबकि 1165 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजरायल ने 10 मिनट के अंदर लेबनान के 100 से ज्यादा ठिकानों पर हमले किए। हमले में हुई मौतों की वजह से लेबनान ने आज राष्ट्रीय शोक घोषित किया है।
इजरायल ने जिन ठिकानों पर हमले किए हैं, उन्हें हिज्बुल्लाह के कमांड सेंटर और सैन्य ठिकाने बताया है। वहीं, लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम का कहना है कि वे इजरायली हमलों को रोकने की कोशिश कर रहे हैं। इस बीच, लेबनान के स्वास्थ्य मंत्री रकान नासेरद्दीन ने अंतरराष्ट्रीय मदद की अपील की है। हमलों के बाद बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं, जिसकी वजह से घायलों के इलाज से स्वास्थ्य व्यवस्था पर भारी दबाव है।

इजरायल ने लेबनान पर हमला क्यों किया?
दरअसल, 2 मार्च को लेबनान ने इज़रायल पर रॉकेट दागे थे। लेबनान का दावा है कि उसने ये हमले ईरान के सर्वोच्च नेता के मारे जाने और इजरायल द्वारा पिछले संघर्षविराम के उल्लंघन का बदला लेने के लिए किए थे।

इसी का जवाब देने के लिए इजरायल ने लेबनान पर हमला किया। इजरायल दक्षिणी लेबनान में एक 'बफर जोन' बनाना चाहता है, ताकि उसकी उत्तरी सीमा पर रहने वाले नागरिक सुरक्षित वापस लौट सकें। साथ ही, इजरायल के लिए हिज्बुल्लाह एक आतंकवादी संगठन है और उसकी उत्तरी सीमा पर सबसे बड़ा सैन्य खतरा है।
इजरायल इसे ऐसी ताकत मानता है जो ईरान के इशारे पर काम करती है, जिसे 'ईरान का प्रॉक्सी' भी कहा जाता है। हिज्बुल्लाह का उद्देश्य ही इजरायल का विनाश है।


