रीवा में गैंगरेप, FIR दर्ज कराने के लिए थानों के चक्कर काटते रहे नाबालिग और उसके परिजन
अपने-अपने घरों में गहरी नींद में सोते रहे अधिकारी, रात भर भटकते रहे गैंग रेप की पीड़िता किशोरी और उसके परिजन
रीवा। शहर में 16 साल की बच्ची के साथ रेप का मामला सामने आया है। दो युवकों पर रेप का आरोप लगा है। वहीं, पीड़ित परिवार रातभर थानों के चक्कर काटता रहा ताकि पुलिस केस दर्ज कर लें।
रीवा पुलिस के आला अधिकारियों की अपनी ही पीठ थपथपाने वाली कार्यप्रणाली सामने आई है। अपने-अपने घरों में गहरी नींद में अधिकारी सोते रहे और रात भर गैंग रेप की पीड़िता किशोरी और उसके परिजन भटकत रहे।
मामला 27 फरवरी शुक्रवार का है, शाम करीब 5 बजे कॉलेज चौराहे पर दो लड़के आते हैं। इसमें से एक लड़के की पीड़िता से कुछ दिनों से इंस्टाग्राम में बात हो रही थी। दोनों युवक लड़की को बहला-फुसला कर अपने साथ ये कहकर ले जाते हैं कि जन्मदिन है।
आरोपी पीड़िता को बाइक में बैठा कर बिछिया में किसी मकान में ले जाकर दुष्कर्म करते हैं। रात तकरीबन 10 बजे लड़की घर लौट आती है, लेकिन वो बार-बार बेहोश हो रही थी और उसके पेट में दर्द हो रहा था।
पीड़िता के परिजन उसे बिछिया हॉस्पिटल ले जाते हैं, जहां से उसे कुछ गोलिया और इंजेक्शन लगावा कर रात 12:30 बजे Civil लाइन थाना पहुंचते हैं केस दर्ज करवाने। लेकिन यहां पर पीड़िता से पूछताछ करने के बाद ये कहकर पल्ला झाड़ दिया जाता है कि लड़की अपनी मर्जी से गई थी और ये हमारे थाना क्षेत्र का मामला नहीं है, आप बिछिया थाने में FIR कराए।
इसके बाद पीड़िता के परिजन बिछिया थाने में सुबह से बैठे रहे लेकिन वहां भी यही बात कह दी गई कि लड़की सिविल लाइन एरिया से गई थी, तो FIR वहीं दर्ज कराओ। परिजन रात 2.30 बजे तक सिविल लाइन थाने में नाबालिग लड़की की FIR करने भटकते रहे फिर सुबह बिछिया थाने में बैठे रहे।
पहले 16 साल की बच्ची से रेप और फिर केस दर्ज कराने के लिए पीड़ित परिवार थानों के चक्कर काटना। ये मामला रीवा शहर के पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े करता है।
Varsha Shrivastava 
