इंदौर के बिल्डर को लॉरेंस गैंग के नाम से मिली धमकी हैरी बॉक्सर नाम बताते हुए मांगे 5 करोड़

इंदौर के बिल्डर को लॉरेंस गैंग के नाम से मिली धमकी बदमाश ने हैरी बॉक्सर नाम बताते हुए मांगे 5 करोड़ नहीं तो बेटे को गोली मारने की दी धमकी

इंदौर के बिल्डर को लॉरेंस गैंग के नाम से मिली धमकी हैरी बॉक्सर नाम बताते हुए मांगे 5 करोड़

इंदौर के रईसों में शुमार रेसकोर्स रोड के एक बड़े बिल्डर को कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से धमकी मिली है। खुद को हैरी बॉक्सर बताने वाले शख्स ने बिल्डर से 5 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी है। नहीं देने पर आरोपी ने बिल्डर के बेटे की सटीक लोकेशन होने और उसे गोली मारने की धमकी दी है।

वॉट्सएप कॉल और वॉइस मैसेज से मचा हड़कंप

क्राइम ब्रांच के डीसीपी राजेश त्रिपाठी के अनुसार, बिल्डर विवेक दम्मानी के ऑफिस के नंबर पर 14 अप्रैल की सुबह करीब 10:30 बजे एक वॉट्सएप कॉल आया। कॉल ऑफिस की महिला स्टाफ ने रिसीव किया। फोन करने वाले ने कहा- विवेक दम्मानी को बोल देना 5 करोड़ दे, वरना बेटे को कहीं भी गोली मरवा दूंगा। यह भी कहा कि पुलिस के पास जाने से कुछ नहीं होगा और पैसे लेकर ही पीछा छोड़ा जाएगा।

आरोपी ने दावा किया कि उसके पास बिल्डर और उनके बेटे की हर पल की लोकेशन है। पहले स्टाफ ने इसे मजाक समझा, लेकिन जब उसी नंबर से धमकी भरा वॉइस मैसेज आया तो पूरे ऑफिस में हड़कंप मच गया। इसके बाद स्टाफ ने तुरंत बिल्डर को जानकारी दी।

लॉरेंस बिश्नोई गैंग का करीबी गुर्गा है हैरी बॉक्सर

मामले की सूचना क्राइम ब्रांच को दी गई, जिसके बाद एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई, जिस हैरी बॉक्सर का नाम लिया गया है, उसे लॉरेंस बिश्नोई गैंग का करीबी गुर्गा माना जाता है। पुलिस अब उस नंबर और वॉइस मैसेज के आईपी एड्रेस को ट्रैक कर रही है।

पहले भी मिल चुकी है बिल्डरों को धमकी

इंदौर में यह पहली बार नहीं है जब किसी बड़े कारोबारी को इस तरह की धमकी मिली हो। करीब एक महीने पहले तुकोगंज के बिल्डर संजय जैन को भी ऐसी ही धमकी मिली थी। उस मामले में पुलिस ने अशोक नगर से मनीष नाम के एक युवक को पकड़ा था, लेकिन मुख्य सरगना तक हाथ नहीं पहुंच पाए थे।

 

मध्य प्रदेश में पिछले कुछ समय में लॉरेंस गैंग के नाम से फिरौती मांगने के 5 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। मामले में क्राइम ब्रांच का कहना है कि वे इन कॉल्स की गंभीरता से जांच कर रहे हैं और बिल्डर की सुरक्षा को लेकर सतर्क हैं। आरोपियों को जल्द पकड़ने के लिए साइबर सेल की मदद ली जा रही है।