इंदौर: नाबालिग लड़की के साथ मारपीट का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने लिया संज्ञान, सभी पक्षों को थाने बुलाकर दी समझाइश
इंदौर में नाबालिग लड़की को कमरे में बंद कर 2 लड़कियां और एक लड़के ने बेरहमी से पीटा। मारपीट के दौरान लड़की को बार-बार जमीन पर पटकने और घसीटने का वीडियो भी सामने आए हैं।
इंदौर में एक नाबालिग लड़की के साथ कमरे के अंदर मारपीट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित सभी लोगों को थाने बुलाया और पूछताछ की। इस घटना को लेकर शहर में चर्चा का माहौल बना हुआ है।
जानकारी के अनुसार वायरल वीडियो में एक कमरे या फ्लैट के अंदर एक नाबालिग लड़की को कुछ लड़कियां और एक लड़का मिलकर पीटते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि लड़की को फर्श पर गिराकर घसीटा जा रहा है, उसके बाल खींचे जा रहे हैं और डंडे से भी मारपीट की जा रही है। वहीं, एक अन्य लड़की इस पूरी घटना का वीडियो बनाती हुई नजर आती है, जिसे बाद में सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया।
किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी
बताया जा रहा है कि यह घटना इंदौर के एमआईजी थाना क्षेत्र की है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, पीड़िता और अन्य लड़कियों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी, जिसके बाद उसे बहाने से एक फ्लैट में बुलाया गया। वहां पहले से मौजूद लोगों ने मिलकर उसके साथ मारपीट की। घटना के दौरान पूरे घटनाक्रम को रिकॉर्ड कर उसे सोशल मीडिया पर साझा किया गया, जिससे वीडियो तेजी से वायरल हो गया।
वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई और सभी संबंधित नाबालिगों तथा युवकों को थाने बुलाया गया। पुलिस ने उनसे घटना के संबंध में पूछताछ की और उनके परिजनों को भी थाने बुलाकर काउंसलिंग की गई। अधिकारियों के अनुसार, सभी पक्षों ने आपसी विवाद की बात स्वीकार की और भविष्य में ऐसी गलती न दोहराने की बात कही। इसके बाद उन्हें समझाइश देकर छोड़ दिया गया।
वीडियो वायरल होने के बाद हुई कार्रवाई
एमआईजी थाना प्रभारी के अनुसार, मामले की जानकारी मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से सामने आई थी, जिसके बाद तत्काल कार्रवाई की गई। हालांकि, अब तक पीड़िता की ओर से कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। पुलिस का कहना है कि यदि शिकायत दर्ज होती है तो नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, इस पूरे मामले पर बाल अधिकार विशेषज्ञों ने चिंता जताई है। उनका कहना है कि मामला नाबालिग से जुड़ा होने के कारण बाल कल्याण समिति (CWC) को तुरंत सूचित किया जाना चाहिए था और बाल संरक्षण कानूनों के तहत उचित प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए थी। केवल समझाइश देकर छोड़ देना पर्याप्त नहीं माना जा सकता। फिलहाल यह मामला जांच के शुरुआती चरण में है और पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
Varsha Shrivastava 
