विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर इंदौर में BJP की मौन रैली, नेताओं ने देश बंटवारे के दर्द को किया याद

इंदौर में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर भाजपा ने आयोजित किया कार्यक्रम, कैलाश विजयवर्गीय बोले- इतिहास की भूलों से सबक लें

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर इंदौर में BJP की मौन रैली, नेताओं ने देश बंटवारे के दर्द को किया याद

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर इंदौर में भारतीय जनता पार्टी द्वारा एक मौन रैली एमवाय अस्पताल से भाजपा कार्यालय तक निकली गई, इसके साथ ही एक विशेष संगोष्ठी का कार्यक्रम भाजपा कार्यालय पर आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, सांसद शंकर लालवानी और भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। नेताओं ने देश के विभाजन की त्रासदी, लाखों लोगों के विस्थापन और शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए नई पीढ़ी को इतिहास के इस दर्दनाक अध्याय से अवगत कराने की बात कही।

दरअसल, साल 1947 का भारत विभाजन विश्व इतिहास का सबसे बड़ा मानवीय विस्थापन था, जिसमें लाखों लोगों को अपना घर-बार छोड़ना पड़ा और करीब 20 लाख लोगों की जान चली गई। इस दौरान भाजपा नगर अध्यक्ष विभाजन के दौरान पाकिस्तान में हिंदुओं और महिलाओं पर बड़े पैमाने पर अत्याचार हुए। लोग ट्रेन भर-भर कर और लाशों के साथ भारत पहुंचे, जिन्हें वर्षों तक शरणार्थी बनकर रहना पड़ा।

कार्यक्रम के दौरान मीडिया से चर्चा करते हुए मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि कहा कि विभाजन के दौरान पाकिस्तान में हिंदुओं और महिलाओं पर अत्याचार हुए तथा लोग लाशों से भरी ट्रेनों के साथ भारत पहुंचे। विभाजन के समय विश्व इतिहास का सबसे बड़ा मानवीय विस्थापन हुआ, जिसमें लगभग 20 लाख लोगों की हत्या कर दी गई थी।

कैलाश विजयवर्गीय, कैबिनेट मंत्री 

इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि नेहरू जी ने जल्दबाजी में निर्णय लिया और विभाजन के बाद होने वाले लाखों लोगों के विस्थापन तथा उनके पुनर्वास के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई। साथ ही विजयवर्गीय ने राजनीतिक दलों से इतिहास की भूलों से सबक लेने और तुष्टीकरण की राजनीति से दूर रहकर विकसित भारत के निर्माण का संकल्प लेने का आह्वान किया। 

वहीं इस दौरान सांसद शंकर लालवानी ने कहा कि विभाजन की सबसे अधिक पीड़ा सिंधी, पंजाबी और बंगाली समाज ने झेली। उन्होंने कहा कि पूरा सिंधी समाज अपनी मातृभूमि छोड़कर भारत आया और शून्य से नई शुरुआत की। पंजाब और बंगाल के विभाजन ने भी लाखों परिवारों को उजाड़ दिया।

शंकर लालवानी, सांसद

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2021 में 14 अगस्त को 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' घोषित करने का उद्देश्य नई पीढ़ी को देश के विभाजन की वास्तविक परिस्थितियों और उस समय के बलिदानों से परिचित कराना है। उन्होंने कहा कि देशभर में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से विभाजन के दौरान जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही है।