CM डॉ. मोहन यादव ने इंदौर एयरपोर्ट पर नए टर्मिनल-1 का किया लोकार्पण, CM डॉ. मोहन यादव ने 'उड़ान कैफे' का भी किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नर्मदा नदी से पेयजल आपूर्ति की चौथे चरण की महत्वाकांक्षी परियोजना का शुभारंभ किया।

CM डॉ. मोहन यादव ने इंदौर एयरपोर्ट पर नए टर्मिनल-1 का किया लोकार्पण, CM डॉ. मोहन यादव ने 'उड़ान कैफे' का भी किया शुभारंभ

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज 29 मार्च रविवार को इंदौर के दौरे पर हैं। सीएम ने देवी अहिल्याबाई होल्कर विमानतल पर नए टर्मिनल-1 का लोकार्पण किया। साथ ही इस मौके पर  “उड़ान कैफे” की भी शुरुआत की, जहां यात्रियों को बेहद सस्ती दरों पर खाने-पीने की सुविधा मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम भी सुना। इस दौरान मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, तुलसी सिलावट सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

दरअसल इंदौर के देवी अहिल्याबाई होल्कर एयरपोर्ट पर शुरू हुआ नया टर्मिनल-1 अब यात्रियों को आधुनिक और सुविधाजनक अनुभव देगा। टर्मिनल में हाईटेक चेक-इन काउंटर, उन्नत सुरक्षा व्यवस्था, विशाल वेटिंग एरिया और आधुनिक बैगेज हैंडलिंग सिस्टम जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

“उड़ान कैफे” का शुभारंभ, यात्रियों को मिलेगी हाईटेक सुविधाएं

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने टर्मिनल के साथ ही “उड़ान कैफे” का भी उद्घाटन किया। इस कैफे की खासियत है कि यहां यात्रियों को मात्र 10 रुपए में चाय और पानी, जबकि 20 रुपए में पोहा उपलब्ध होगा, जिससे एयरपोर्ट पर महंगे खानपान से राहत मिलेगी।

इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि नया टर्मिनल धार्मिक पर्यटन, अंतरराष्ट्रीय यात्रियों और बिजनेस ट्रैवलर्स के लिए बड़ी सुविधा साबित होगा। उम्मीद है कि इस पहल से न केवल यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि शहर के पर्यटन और आर्थिक विकास को भी नया आयाम मिलेगा।

नर्मदा पेयजल परियोजना के फेज-4 का भूमिपूजन 

इंदौर शहर की बढ़ती आबादी और जल जरूरतों को ध्यान में रखते हुए शहर को आज एक बड़ी सौगात मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नर्मदा नदी से पेयजल आपूर्ति की चौथे चरण की महत्वाकांक्षी परियोजना का शुभारंभ किया। इसके साथ ही शहर में जल प्रबंधन और वितरण व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है।

सीएम ने दशहरा मैदान में आयोजित “संकल्प से समाधान अभियान” कार्यक्रम में शामिल होकर हितग्राहियों को लाभ वितरित किया। इस अभियान के तहत विभिन्न विभागों की योजनाओं का लाभ सीधे पात्र लोगों तक पहुंचाया गया है। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी भी लगाई गई है, जिसमें शासन की उपलब्धियों और जनकल्याणकारी योजनाओं को दर्शाया गया है।

दरअसल, 1356 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की जा रही इस परियोजना का उद्देश्य इंदौर को लंबे समय तक स्थायी और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना है। परियोजना के तहत नई पाइपलाइन बिछाने, जल शोधन संयंत्र स्थापित करने और वितरण नेटवर्क को मजबूत करने का काम किया जाएगा। शहर के विभिन्न हिस्सों में नई टंकियों का निर्माण और पुरानी टंकियों का उन्नयन भी किया जाएगा, जिससे पानी का भंडारण और सप्लाई बेहतर हो सके।

इसके साथ ही हजारों नए घरेलू कनेक्शन दिए जाएंगे और आधुनिक स्काडा सिस्टम के जरिए जल आपूर्ति की निगरानी की जाएगी। इस योजना से इंदौर शहर के साथ-साथ आसपास के गांवों को भी जल संकट से राहत मिलने की उम्मीद है। इस दौरान सिरपुर तालाब से जुड़े नालों के पानी को शुद्ध करने के लिए बनाए गए एसटीपी प्लांट का भी लोकार्पण किया गया, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

मंच से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इंदौर देश का अग्रणी शहर है और यहां की जरूरतों को देखते हुए हम जल प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहे हैं। नर्मदा परियोजना का यह चौथा चरण आने वाले 25 सालों में शहर को जल संकट से मुक्त करेगा। हमारी सरकार का लक्ष्य है कि हर घर तक स्वच्छ और पर्याप्त पानी पहुंचे। आधुनिक तकनीक के माध्यम से जल वितरण को पारदर्शी और प्रभावी बनाया जाएगा, जिससे नागरिकों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने संकल्प से समाधान शिविर को लेकर कहा कि इंदौर में चलाए गए संकल्प से समाधान शिविर में एक लाख से ज्यादा आवेदनों का शत प्रतिशत निराकरण इंदौर में किया गया है और मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि गुड़ी पड़वा से लेकर गंगा दशमी तक एक अभियान चलाकर सभी जल स्रोतों को पुनर्विवित करने और उनका सौंदर्यकरण करने का काम हर वर्ष किया जाएगा।

वही मंच से अपना उद्बोधन देते हुए नगरीय आवास एवं विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव की तारीफ करते हुए कहा कि उनके विभाग में अभी तक मध्य प्रदेश के किसी भी शहर में इस तरह की कोई भी महत्वाकांक्षी योजना नहीं शुरू हुई है। आज का दिन इंदौर के लिए ऐतिहासिक दिन है, क्योंकि इंदौरवासी एक बार कल्पना करें कि अगर इंदौर में नर्मदा का जल नहीं होता तब इंदौर की क्या स्थिति होती।

हालांकि, पूर्व के कई मुख्यमंत्री ने हार मान ली थी कि नर्मदा का पानी 500 मीटर ऊपर इंदौर तक नहीं पहुंचेगा, लेकिन भाजपा की सरकार ने यह कर दिखाया और जब पहले चरण आया था तब वह दिन भी।  इंदौर के लिए ऐतिहासिक दिन था और आज का दिन भी जब नर्मदा का चौथा चरण इंदौर में आने वाला है। आज का दिन भी ऐतिहासिक है, क्योंकि आने वाले 25 सालों के लिए बढ़ने वाली जनसंख्या को दृष्टिगत रखते हुए जलापूर्ति इस नर्मदा के चौथे कारण से सुनिश्चित की जाएगी।