PM की अपील का दिखा असर: पदभार ग्रहण करने ई-रिक्शा से पहुंचे अध्यक्ष, इलेक्ट्रिक स्कूटर से मंत्रालय गए उर्जा मंत्री
प्रधानमंत्री की पेट्रोल-डीजल बचत की अपील के बीच नई पहल, भोपाल में ई-रिक्शा से पदभार ग्रहण, ऊर्जा मंत्री ने इलेक्ट्रिक वाहन को चुना।
भोपाल में मंगलवार को पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के संदेश के साथ दो अलग-अलग घटनाएं चर्चा में रहीं। यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस आह्वान से जुड़ी मानी जा रही है जिसमें उन्होंने देशवासियों से ईंधन की बचत और स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ाने की अपील की थी।

ई-रिक्शा से पदभार ग्रहण करने पहुंचे निगम अध्यक्ष
मध्य प्रदेश लघु उद्योग निगम के नवनियुक्त अध्यक्ष सत्येंद्र भूषण सिंह मंगलवार को पदभार ग्रहण करने के लिए ई-रिक्शा से भोपाल स्थित कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि यह कदम प्रधानमंत्री की अपील का समर्थन है और वे भविष्य में भी जहां संभव होगा, ई-रिक्शा या अन्य इलेक्ट्रिक साधनों का ही उपयोग करेंगे।

सत्येंद्र भूषण सिंह ने कहा कि उन्होंने कार्यकर्ताओं से भी अपेक्षा की थी कि कार्यक्रम को सादगीपूर्ण रखा जाए और कम वाहन उपयोग हों। हालांकि, इसके बावजूद बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और समर्थक वहां पहुंच गए, जिससे कार्यक्रम में वाहनों का बड़ा काफिला भी देखने को मिला।

बड़े काफिले और संदेश के बीच विरोधाभास
कार्यक्रम में सैकड़ों कार्यकर्ताओं के पहुंचने और कई वाहनों के उपयोग ने संदेश और व्यवहार के बीच अंतर को भी उजागर किया। जहां एक ओर ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण की बात की गई, वहीं दूसरी ओर भारी संख्या में वाहनों के काफिले ने इस संदेश की व्यावहारिकता पर सवाल भी खड़े किए।

राजनीतिक कार्यक्रमों में अक्सर ऐसी स्थिति देखने को मिलती है, जहां प्रतीकात्मक पहल और वास्तविक व्यवहार में अंतर नजर आता है।

ऊर्जा मंत्री का इलेक्ट्रिक वाहन से पहुंचे मंत्रालय
इसी दिन मध्य प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर भी इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन से मंत्रालय पहुंचे। उन्होंने कहा कि वे प्रधानमंत्री की अपील का पालन कर रहे हैं और आने वाले समय में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने के पक्षधर हैं। उनका यह कदम राज्य में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के प्रयासों के रूप में देखा जा रहा है।

Varsha Shrivastava 
