छत्तीसगढ़ में डीएमएफ घोटाले की जांच: EOW और ACB ने 20 से अधिक ठिकानों पर की रेड
छत्तीसगढ़ में आबकारी और डीएमएफ घोटाले की जांच में ACB और EOW ने प्रदेशभर के करीब 20 ठिकानों पर छापेमारी की।
रायपुर: छत्तीसगढ़ में आबकारी और डीएमएफ घोटाले की जांच में आज सुबह ACB और आर्थिक अपराध शाखा (EOW) की संयुक्त टीमों ने छत्तीसगढ़ भर में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। तड़के शुरू हुई इस रेड में प्रदेश के करीब 20 ठिकानों पर एक साथ दबिश दी गई है।

इन जिलों में चल रही कार्रवाई
जानकारी के अनुसार रायपुर, जगदलपुर, कोंडागांव, अंबिकापुर, बिलासपुर सहित कई जिलों में यह कार्रवाई चल रही है। इस छापेमारी में जिन प्रमुख नामों पर कार्रवाई हुई है, उनमें पूर्व आबकारी अधिकारी निरंजन दास और कारोबारी हरपाल अरोरा शामिल हैं।पूर्व आबकारी अधिकारी निरंजन दास के रायपुर स्थित ठिकानों पर बड़ी छापेमारी की गई है। उनके छह रिश्तेदारों के घर और दफ्तरों पर भी टीमों ने दबिश दी है। डीएमएफ घोटाले के मुख्य आरोपी कारोबारी हरपाल अरोरा के ठिकानों पर ईओडब्ल्यू की टीम छानबीन कर रही है।
ACB - EOW कर रही दस्तावेजों की जांच
साथ ही बिलासपुर के कारोबारी अशोक टुटेजा के घर और कार्यालयों पर भी रेड की पुष्टि हुई है। सुबह शुरू हुआ यह तलाशी अभियान दोपहर तक कई जगहों पर जारी रहा। एसीबी-ईओडब्ल्यू द्वारा बरामद दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच के बाद आगे और बड़ी कार्रवाई संभव मानी जा रही है। वहीं अंबिकापुर में पशु विभाग के अधिकारी डॉ. तनवीर अहमद और कारोबारी अमित अग्रवाल के ठिकानों पर भी एसीबी और EOW की टीमें छापे मार रही हैं। रेड की कार्रवाई अभी भी जारी है और अधिकारियों ने अभी तक किसी भी आरोपी के खिलाफ गिरफ्तारी की जानकारी साझा नहीं की है।
sanjay patidar 
