Balaghat में 100 गांवों के लिए ₹225 करोड़ का विकास पैकेज: पीड़ित परिवारों को मिलेंगे ₹2-2 लाख

Balaghat के बैगा बहुल गांवों में बच्चों की मौत के बाद CM Dr. Mohan Yadav का बड़ा कदम,  पीड़ित परिवारों को 2-2 लाख रुपये और 100 गांवों के लिए 225 करोड़ विकास पैकेज का ऐलान

Balaghat में 100 गांवों के लिए ₹225 करोड़ का विकास पैकेज: पीड़ित परिवारों को मिलेंगे ₹2-2 लाख

Madhya Pradesh के Balaghat जिले के बैगा जनजाति बहुल सुदूर इलाकों में बच्चों की बीमारी से हुई मौतों ने सरकार और प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। इन घटनाओं के पीछे स्वास्थ्य सुविधाओं तक समय पर पहुंच न होना, जागरूकता की कमी और इलाज को लेकर फैली भ्रांतियों जैसे कई कारण सामने आए हैं।

सुदूर वनांचल क्षेत्रों में आज भी कई परिवार गंभीर बीमारी होने पर अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचने के बजाय झाड़-फूंक और पारंपरिक तरीकों का सहारा लेते हैं। समय पर इलाज नहीं मिलने से कई बार बच्चों की हालत गंभीर हो जाती है।

CM पहुंचे थे प्रभावित गांवों में

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए Chief Minister Dr. Mohan Yadav ने Balaghat के बैगा बहुल गांवों, जिनमें Bondari और Korka जैसे क्षेत्र शामिल हैं, का दौरा किया। उन्होंने प्रभावित परिवारों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने बच्चों को खोने वाले परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए प्रत्येक पीड़ित परिवार को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।

100 गांवों के लिए 225 करोड़

सरकार ने बैगा बहुल क्षेत्रों में स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए 100 गांवों के समग्र विकास के लिए 225 करोड़ रुपये का पैकेज स्वीकृत किया है। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर सड़क संपर्क, शुद्ध पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की योजना है।

दवाइयों को लेकर भी फैला भ्रम

स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी जाने वाली दवाइयों और निवारक उपचार को लेकर भी कुछ क्षेत्रों में भ्रम की स्थिति बताई जा रही है। सही जानकारी और संवाद की कमी के कारण कई परिवार दवाइयों का सेवन नहीं करते या उन पर भरोसा नहीं कर पाते।

लंबे समय तक नक्सल प्रभावित रहे इन सुदूर इलाकों में शिक्षा और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता की कमी भी एक बड़ी चुनौती है। प्रशासन का मानना है कि लोगों तक सही जानकारी पहुंचाना और समय पर इलाज सुनिश्चित करना जरूरी है।

गांवों में चलेगा जागरूकता अभियान

स्वास्थ्य विभाग को गांवों में विशेष मेडिकल कैंप लगाने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य टीमें इलाज के साथ-साथ लोगों को बीमारियों के लक्षण, समय पर अस्पताल पहुंचने और दवाइयों के सही उपयोग के बारे में जागरूक करेंगी।

सरकार का फोकस अब केवल इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि बैगा समाज के बीच भरोसा बढ़ाने और अंधविश्वास व स्वास्थ्य संबंधी भ्रांतियों को दूर करने के लिए लगातार संवाद स्थापित करने पर भी रहेगा।