भोपाल नगर निगम बजट में बड़ा बदलाव संभव: मेयर फंड समेत 12 मद खत्म करने की तैयारी, प्रॉपर्टी टैक्स नहीं बढ़ेगा
भोपाल नगर निगम का बजट 23 मार्च को पेश होने की संभावना है। इसमें सड़क, पानी, पार्क और तालाबों के विकास पर फोकस रहेगा, जबकि कुल बजट 4000 करोड़ रुपए के पार जाने के संकेत है।
भोपाल: शहर के विकास को प्राथमिकता देते हुए भोपाल नगर निगम आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में बड़ा संरचनात्मक बदलाव करने की तैयारी में है। इस बार बजट में मेयर फंड सहित करीब 12 बजट मदों को खत्म किया जा सकता है, ताकि राशि का बेहतर उपयोग विकास कार्यों में किया जा सके। राहत की बात यह है कि नगर निगम फिलहाल प्रॉपर्टी टैक्स बढ़ाने की योजना नहीं बना रहा है।
23 मार्च को हो सकता है बजट पेश
नगर निगम का बजट 23 मार्च को पेश किया जाना प्रस्तावित है। बजट की तैयारियां नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन की निगरानी में चल रही हैं और 16 मार्च तक ड्राफ्ट को अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है।
मेयर मालती राय का चौथा बजट
यह बजट मेयर मालती राय के कार्यकाल का चौथा बजट होगा। पिछले दो सप्ताह से निगम अधिकारी लगातार बैठकों के जरिए शहर की जरूरतों और प्रस्तावित परियोजनाओं की समीक्षा कर रहे हैं, ताकि बजट में प्राथमिकताओं के आधार पर प्रावधान किए जा सकें।
बुनियादी सुविधाओं पर रहेगा जोर
अधिकारियों के अनुसार इस बार बजट में सड़क निर्माण, स्ट्रीट लाइट, पेयजल व्यवस्था, पार्क और तालाबों के संरक्षण जैसे बुनियादी ढांचे पर विशेष जोर रहेगा।
इन परियोजनाओं के लिए भी प्रस्ताव
इसके साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के मकान, शहर के प्रवेश द्वारों पर हेरिटेज गेट, गीता भवन के विकास, नए कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स, विसर्जन घाटों के सुधार, जलभराव वाले क्षेत्रों में ड्रेनेज व्यवस्था और प्रमुख सड़कों व पार्कों के सौंदर्यीकरण के लिए भी राशि प्रस्तावित की जाएगी।
4000 करोड़ के पार जा सकता है बजट
सूत्रों के मुताबिक इस बार नगर निगम का कुल बजट 4000 करोड़ रुपए से अधिक हो सकता है, जो पिछले साल के लगभग 3600 करोड़ रुपए के बजट से बड़ा होगा। शहर के विकास कार्यो में AMRUT 2.0 योजना से मिलने वाली राशि भी अहम भूमिका निभा सकती है।
खर्च नहीं होने वाली मदें होंगी खत्म
बजट समीक्षा के दौरान यह भी सामने आया कि कुछ मदों में हर साल राशि रखी जाती है, लेकिन उसका उपयोग नहीं हो पाता। इसी वजह से आयुक्त संस्कृति जैन ने ऐसे करीब 12 बजट हेड खत्म करने के निर्देश दिए हैं, ताकि बजट का अधिक प्रभावी इस्तेमाल हो सके और विकास कार्यों को गति मिल सके।
sanjay patidar 
