रीवा में LAW & ORDER फेल, 10 दिन में 4 बड़ी घटनाएं
कभी शांत और सौम्य माने जाने वाला रीवा का तराई क्षेत्र इन दिनों लगातार बढ़ते अपराधों की वजह से चर्चा में है. हाल के दिनों में डभौरा, जवा, पनवार और अतरैला थाना क्षेत्रों से सामने आई घटनाओं ने पूरे इलाके में भय और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है.
क्या रीवा में अब पुलिस का खौफ खत्म हो गया है? क्या अब किसी की जान लेना इतना आसान हो गया है…. अपराधी बेखौफ होकर हत्या करें… और फिर उसे हादसा बताकर बच निकलने की कोशिश करें? कभी शांत और सौम्य माने जाने वाला रीवा का तराई क्षेत्र… आज क्राइम का एपी सेंटर बन गया है.... हत्या… मारपीट… रहस्यमयी मौतें… और कानून व्यवस्था पर उठते गंभीर सवाल..... पिछले कुछ ही दिनों में डभौरा, जवा, पनवार और अतरैला थाना क्षेत्रों से आई घटनाओं ने पूरे इलाके को दहला दिया है....आज इस रिपोर्ट में हम आपको दिखाएंगे....कैसे एक युवक की हत्या कर जेसीबी से शव कुचलकर... उसे हादसा बनाने की कोशिश की गई...कैसे फगुआ गाने निकले युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई....और कैसे एक नहीं बल्कि कई युवकों के शव जंगल और पुल के नीचे मिले....
रीवा के पटेहरा में 18 साल के आदिवासी युवक की हत्या कर दी गई.... बताया गया कि शराब के नशे में हुए विवाद के बाद आरोपियों ने दुर्गेश की हत्या कर दी गई...लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई....हत्या के बाद आरोपियों ने ऐसा खौफनाक खेल खेला कि सुनकर रूह कांप जाए....मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक शव को करीब एक किलोमीटर दूर ले जाकर उसके ऊपर जेसीबी चढ़ा दी गई..... ताकि मामला सड़क हादसा लगे और पुलिस की जांच भटक जाए....सोचिए… कितनी बर्बरता...…कितनी बेरहमी…और कितनी बड़ी साजिश....अब पुलिस जांच कर रही है, लेकिन सवाल है.... कि पुलिस का खौफ गया कहां....
अब दूसरी घटना सुनिए... पनवार थाना क्षेत्र के छतैनी गांव में एक युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई.... युवक फगुआ गाने के लिए घर से निकला था... लेकिन वापस उसकी लाश पहुंची.... शरीर पर चोट के कई निशान थे...परिजनों का आरोप है कि गांव के ही कुछ युवकों ने पुरानी रंजिश के चलते मारपीट की, और उसी में उसकी मौत हो गई... पुलिस ने 6 संदेहियों को हिरासत में लिया है... लेकिन यहां भी सवाल कानून के खौफ का है....जो बचा ही नहीं है...
अब तीसरा मामला सुनिए...जो जवा से है... सितलहा गांव के पास पुल के नीचे एक युवक का शव मिला... पुलिस को सूचना दी गई... शव की पहचान सुगन बसोर के रूप में हुई.... परिजन हत्या की आशंका जता रहे हैं...वहीं पुलिस पोस्टमार्टम का इंतजार कर रही है...
अब बात उस घटना की जिसने इलाके में भारी आक्रोश पैदा कर दिया... डभौरा थाना क्षेत्र में जंगल किनारे प्रकाश तिवारी नाम के युवक का शव मिला... वह बाजार जाने के लिए घर से निकला था…लेकिन वापस नहीं लौटा... अगले दिन उसका शव सड़क किनारे मिला... परिजनों का आरोप है कि कुछ दिन पहले उसे धमकी दी गई थी, और उसी विवाद में उसकी हत्या की गई... इस घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने डभौरा थाने का घेराव तक कर दिया.. पुलिस मामले को हादसा कह रही हैं लेकिन परिजन हत्या बता रहे.... अब जरा इन चारों घटनाओं को एक साथ जोड़कर देखिए.... कहीं युवक की हत्या कर जेसीबी से कुचलकर हादसा बनाने की कोशिश की गई.... कहीं फगुआ गाने निकले युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई...कहीं पुल के नीचे शव मिला... और कहीं जंगल किनारे संदिग्ध हालत में मौत.... क्या यह सब सिर्फ संयोग है? बिगड़ती कानून व्यव्स्था पर एडिशनल एसपी ने क्या कहा वो सुनिए....
अब सवाल पुलिस प्रशासन से है... क्या रीवा के इस इलाके में अपराधियों का हौसला इतना बढ़ गया है कि वे बेखौफ होकर हत्या कर रहे हैं? क्या पुलिस की मौजूदगी और कार्रवाई का डर खत्म हो चुका है...? और क्या तराई क्षेत्र जो कभी शांति के लिए जाना जाता था… अब क्राइम का नया सेंटर बनता जा रहा है? रीवा की ये घटनाएं सिर्फ अपराध की खबरें नहीं हैं ...ये चेतावनी हैं…कानून व्यवस्था के लिए भी और समाज के लिए भी... जरूरत है कि पुलिस इन मामलों में सख्त कार्रवाई करे, ताकि अपराधियों के मन में फिर से कानून का डर पैदा हो सके.... क्योंकि अगर ऐसा नहीं हुआ… तो सवाल सिर्फ रीवा का नहीं रहेगा सवाल पूरे सिस्टम का होगा..
shivendra 
