मंदिर जाने वाली बात पर कीर्ति आजाद को गौतम गंभीर का जवाब, बोले ऐसे बयान टीम को नीचा दिखाते हैं
T20 वर्ल्ड कप जीत के बाद ट्रॉफी को मंदिर ले जाने पर कीर्ति आजाद के बयान पर गौतम गंभीर ने जवाब दिया. उन्होंने कहा कि ऐसे बयान टीम इंडिया की उपलब्धि को कम करते हैं.
T20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर, कप्तान सूर्यकुमार यादव और ICC चेयरमैन जय शाह ट्रॉफी के साथ मंदिर पहुंचे थे। इसी को लेकर पूर्व क्रिकेटर और तृणमूल कांग्रेस सांसद कीर्ति आजाद ने सवाल उठाया था कि ट्रॉफी को मंदिर ही क्यों ले जाया गया, मस्जिद या चर्च क्यों नहीं. अब इस विवाद पर गौतम गंभीर ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि ऐसे बयान टीम और खिलाड़ियों की उपलब्धि को कम करते हैं.
ANI को दिए इंटरव्यू में गंभीर से पूछा गया कि टीम मंदिर क्यों गई और किसी अन्य धार्मिक स्थल पर क्यों नहीं गई. इस पर उन्होंने कहा कि यह सवाल जवाब देने लायक नहीं है.
उन्होंने कहा,
पूरा देश इस जीत का जश्न मना रहा है. यह बहुत बड़ा मोमेंट है. हमें इसे सेलिब्रेट करना चाहिए, कुछ स्टेटमेंट पर बात करना सही नहीं होता.
गंभीर बोले खिलाड़ियों की मेहनत को कम मत आंकिए
गौतम गंभीर ने कहा कि इस तरह के बयान टीम के खिलाड़ियों की मेहनत और उपलब्धि को कम कर देते हैं.
उन्होंने कहा,
अगर आप उन 15 खिलाड़ियों की मेहनत और उपलब्धि को कम करना चाहते हैं, तो फिर कोई भी उठकर कुछ भी बयान दे देगा. ऐसे बयानों को गंभीरता से लेना खिलाड़ियों के मनोबल के लिए सही नहीं है. गंभीर ने यह भी कहा कि खिलाड़ियों पर पहले से ही काफी दबाव होता है, खासकर बड़े मैचों के दौरान.
खिलाड़ियों पर पहले से ही काफी दबाव रहता है
हेड कोच ने बताया कि बड़े मुकाबलों में खिलाड़ियों को भारी मानसिक दबाव झेलना पड़ता है. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि साउथ अफ्रीका के खिलाफ मैच के दौरान टीम पर काफी दबाव था.
उन्होंने कहा,
आप सोच भी नहीं सकते कि खिलाड़ियों पर कितना प्रेशर होता है। ऐसे में अगर इस तरह के बयान दिए जाते हैं तो इससे टीम का मनोबल प्रभावित होता है।”
कीर्ति आजाद ने सोशल मीडिया पर जताई नाराजगी
<blockquote class="twitter-tweet"><p lang="en" dir="ltr">SHAME ON TEAM INDIA! ????<br><br>When we won the World Cup under Kapil Dev in 1983, we had Hindu Muslim Sikh and Christian in the team.<br><br>We brought the trophy to our religious birth place our motherland India Bharat Hindustan<br><br>Why The Hell Is The Indian Cricket Trophy is being Dragged.…</p>— Kirti Azad (@KirtiAzaad) <a href="https://twitter.com/KirtiAzaad/status/2030979146701271128?ref_src=twsrc%5Etfw">March 9, 2026</a></blockquote> <script async src="https://platform.twitter.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>
वहीं तृणमूल कांग्रेस सांसद कीर्ति आजाद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक लंबा पोस्ट लिखकर अपनी नाराजगी जाहिर की थी।
उन्होंने लिखा कि जब 1983 में कपिल देव की कप्तानी में भारत ने विश्व कप जीता था, तब टीम में हर धर्म के खिलाड़ी थे और ट्रॉफी पूरे देश की थी.
आजाद ने कहा,
“मस्जिद क्यों नहीं? चर्च क्यों नहीं? गुरुद्वारा क्यों नहीं? यह टीम भारत का प्रतिनिधित्व करती है, किसी एक परिवार का नहीं. उन्होंने यह भी कहा कि यह ट्रॉफी 140 करोड़ भारतीयों की है और इसे किसी एक धर्म के जश्न से जोड़ना सही नहीं है.
वीडियो सामने आने के बाद शुरू हुआ विवाद
दरअसल, अहमदाबाद में T20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव, ICC चेयरमैन जय शाह, हेड कोच गौतम गंभीर और BCCI के सचिव देवजीत सैकिया ट्रॉफी के साथ मंदिर पहुंचे थे. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद यह विवाद शुरू हुआ. इसी वीडियो को लेकर कीर्ति आजाद ने सवाल उठाए थे, जिसके बाद अब इस पर गौतम गंभीर की प्रतिक्रिया सामने आई है.
shivendra 
