मोहन कैबिनेट के बड़े फैसले: कर्मचारियों को 3% महंगाई भत्ता, गेहूं-उड़द पर बोनस

भोपाल में हुई कैबिनेट बैठक। कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी। यंग इंटर्न फॉर गुड गवर्नेंस’ योजना भी शुरू।

मोहन कैबिनेट के बड़े फैसले: कर्मचारियों को 3% महंगाई भत्ता, गेहूं-उड़द पर बोनस

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक वंदे मातरम के गान के साथ प्रारंभ हुई। बैठक से पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण से विभिन्न विषयों पर चर्चा की।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को भोपाल स्थित मंत्रालय में मंत्रिपरिषद की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की शुरुआत राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के गान के साथ हुई। इस दौरान प्रदेश से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा की गई और कर्मचारियों, किसानों, युवाओं और विकास योजनाओं से संबंधित कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

बैठक में सबसे बड़ा फैसला प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 3 प्रतिशत महंगाई भत्ता (डीए) बढ़ाने का रहा।

इसके साथ ही किसानों के लिए गेहूं और उड़द की खरीदी पर बोनस देने, जल संरक्षण के लिए जल गंगा संवर्धन अभियान शुरू करने, युवाओं के लिए मुख्यमंत्री यंग इंटर्न फॉर गुड गवर्नेंस प्रोग्राम लागू करने सहित कई फैसलों पर मुहर लगी।

कर्मचारियों को मिलेगा 3% महंगाई भत्ता

कैबिनेट बैठक में राज्य सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स को 3 प्रतिशत महंगाई भत्ता देने के फैसले का औपचारिक अनुमोदन किया गया। मुख्यमंत्री मोहन यादव पहले ही इसकी घोषणा कर चुके थे, जिसे अब कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है।

इस निर्णय के बाद प्रदेश के लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स की सैलरी और पेंशन में बढ़ोतरी होगी। सरकार का कहना है कि महंगाई के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए कर्मचारियों को राहत देने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है।

गेहूं और उड़द पर बोनस का ऐलान

कैबिनेट बैठक में किसानों से जुड़ा एक बड़ा फैसला भी लिया गया। केंद्र सरकार द्वारा गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2585 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है, लेकिन मध्य प्रदेश सरकार ने इसमें 40 रुपये का बोनस जोड़ते हुए गेहूं की खरीदी 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से करने का निर्णय लिया है।

इसके अलावा उड़द की फसल पर भी किसानों को राहत देते हुए 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने का फैसला किया गया है। सरकार का कहना है कि इस फैसले से किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा और कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलेगी।

ईंधन आपूर्ति को लेकर सरकार सतर्क

कैबिनेट बैठक में खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध के कारण संभावित असर को देखते हुए पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की आपूर्ति को लेकर भी चर्चा की गई। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में किसी भी स्थिति में ईंधन की आपूर्ति प्रभावित नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि प्रशासन को आवश्यक तैयारियां पहले से करनी चाहिए और पेट्रोल-डीजल व रसोई गैस की कालाबाजारी पर भी सख्ती से नजर रखी जाए। सरकार का लक्ष्य है कि आम लोगों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

19 मार्च से शुरू होगा जल गंगा संवर्धन अभियान

प्रदेश में जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ शुरू किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह अभियान 19 मार्च से पूरे मध्य प्रदेश में चलाया जाएगा।

इस अभियान के तहत जल स्रोतों के संरक्षण, तालाबों और नदियों के पुनर्जीवन तथा जल बचाने के लिए जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि इस पहल की केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय ने भी सराहना की है और इसे देश के लिए एक मॉडल के रूप में देखा जा रहा है।

युवाओं के लिए ‘मुख्यमंत्री यंग इंटर्न फॉर गुड गवर्नेंस’ प्रोग्राम

कैबिनेट बैठक में युवाओं को शासन-प्रशासन से जोड़ने के उद्देश्य से ‘मुख्यमंत्री यंग इंटर्न फॉर गुड गवर्नेंस प्रोग्राम’ शुरू करने का निर्णय लिया गया है।

इस योजना के तहत मध्य प्रदेश के प्रत्येक ब्लॉक से 15 युवाओं का चयन किया जाएगा। चयनित युवाओं को एक वर्ष के लिए इंटर्न के रूप में अनुबंधित किया जाएगा और उन्हें प्रति माह 10 हजार रुपये का मानदेय दिया जाएगा।

इस कार्यक्रम का संचालन अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान द्वारा किया जाएगा। योजना के तहत लगभग 4800 से अधिक युवा इंटर्न के रूप में कार्य करेंगे और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी, आंकड़े एकत्र करने और फीडबैक देने का काम करेंगे।

स्वामित्व योजना के तहत स्टांप शुल्क माफ

कैबिनेट बैठक में स्वामित्व योजना को लेकर भी महत्वपूर्ण फैसला लिया गया। प्रदेश में ऐसे लगभग 46 लाख परिवार चिन्हित किए गए हैं जिनके पास अपनी संपत्ति के स्वामित्व के दस्तावेज नहीं हैं।

राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि इन परिवारों की संपत्ति की रजिस्ट्री कराते समय स्टांप शुल्क माफ किया जाएगा। इस फैसले से राज्य सरकार पर लगभग 3000 करोड़ रुपये का वित्तीय भार आएगा, लेकिन इससे लाखों परिवारों को कानूनी स्वामित्व का अधिकार मिल सकेगा।

विकास योजनाओं के लिए 33,240 करोड़ रुपये की मंजूरी

कैबिनेट बैठक में सात विभागों की विभिन्न योजनाओं को जारी रखने के लिए 33,240 करोड़ रुपये की मंजूरी भी दी गई। इनमें ऊर्जा विभाग की आरडीएसएस योजना, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की परिसंपत्तियों के रखरखाव से जुड़ी योजनाएं और अन्य विकास परियोजनाएं शामिल हैं।

इसके अलावा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की पेयजल परियोजनाओं, लोक निर्माण विभाग के सड़क निर्माण कार्यों और जल संसाधन विभाग से जुड़े नहर और बांध निर्माण के प्रस्तावों पर भी चर्चा की गई।

पर्यटन और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े फैसले

बैठक में यह जानकारी भी दी गई कि मध्य प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थल पचमढ़ी को जर्मनी द्वारा ‘ग्रीन डेस्टिनेशन’ के रूप में प्रमाणित किया गया है, जो प्रदेश के पर्यटन विकास के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

इसके अलावा मैहर, कैमूर और निमरानी के अस्पतालों में स्टाफ की कमी को दूर करने के लिए 51 नए पदों की स्वीकृति भी दी गई है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

कुछ मंत्री बैठक में नहीं हुए शामिल

कैबिनेट बैठक में वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और प्रह्लाद सिंह पटेल शामिल नहीं हुए। दोनों मंत्री पिछले कुछ कैबिनेट बैठकों में भी अनुपस्थित रहे हैं, जिससे सियासी हलकों में चर्चा बनी हुई है।

वहीं मुख्य सचिव अनुराग जैन फिलहाल अवकाश पर हैं, इसलिए उनकी जगह प्रभारी मुख्य सचिव और अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा बैठक में मौजूद रहे।

टीम इंडिया को दी गई बधाई

कैबिनेट बैठक से पहले मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंत्रिपरिषद के सदस्यों के साथ चर्चा करते हुए टी-20 क्रिकेट वर्ल्ड कप में जीत दर्ज करने पर भारतीय क्रिकेट टीम को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

सरकार का कहना है कि कैबिनेट के इन फैसलों से प्रदेश के कर्मचारियों, किसानों, युवाओं और आम नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा और विकास योजनाओं को नई गति मिलेगी।