मप्र विधानसभा बजट सत्र 5वां दिन: अचानक हुई बारिश से हुए नुकसान का उठा मुद्दा, भागीरथपुरा मामले पर फिर हंगामा
मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का आज पांचवां दिन है। जहां सदन में प्रदेश में हुई अचानक बारिश से किसानों की फसल को हुए नुकसान का मुद्दा विधायक भंवर सिंह शेखावत ने सदन में उठाया।
भोपाल: आज मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का पांचवां दिन है, जहां सदन में प्रदेश में हुई अचानक बारिश से किसानों की फसल को हुए नुकसान का मुद्दा विधायक भंवर सिंह शेखावत ने सदन में उठाया। उन्होंने कहा, 2 दिन की बारिश में पूरे प्रदेश में फसलों को नुकसान हुआ है सर्वे कराकर मुआवजे की मांग की गई है। जवाब में कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि कल ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी कलेक्टर को सर्वे करने के निर्देश दे दिए हैं।
मंत्री कैलाश विजयवर्गी ने कहा कि, सभी विधायकों से अनुराध करना चाहता हूं नगर निगम नगर पालिका बिजली का खर्च बचाने के लिए यदि सोलर पावर स्टेशन बनना चाहेंगे तो आप बनाइए। इसके लिए नगरी प्रशासन विभाग उनकी मदद करेगा। इसके लिए हम एक कार्यशाला भी आयोजित करेंगे। जिसमें बताया जाएगा कि, नगरीय प्रशासन विभाग किस तरीके से उनकी मदद करेगा।
वहीं, सदन में भागीरथपुरा कांड को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस चली। जिसके बाद इंदौर दूषित जल को लेकर विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया।

प्रश्नकाल खत्म
प्रश्नकाल के दौरान विधायक अजय बिश्नोई ने कहा कि भोपाल नगर निगम ने 10 मेगावाट क्षमता की बिजली के लिए एक निजी कंपनी से समझौता किया है। इस समझौते के तहत नगर निगम को लगभग 35 सालों तक 3 से 3.50 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली मिलेगी। इसके अलावा, विधायकों ने बैराज निर्माण में अनियमितता, बिजली और भर्ती गड़बड़ी, जबलपुर की फ्री होल्ड भूमि, किसानों की फसल नुकसान और विकास कार्यों की गुणवत्ता जैसे अहम मुद्दे उठाए।
बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से किसानों को भारी नुकसान
बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से किसानों को भारी नुकसान हुआ है। जिसका मुद्दा सदन में उठाया गया। राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कल अधिकारियों को फसलों के नुकसान को लेकर सर्वे के निर्देश दे दिए थे। सर्वे करवाकर किसानों को राहत राशि दी जाएगी। तहसीलदार और पटवारियों को खेतों में जाने के निर्देश मिले हैं। 50 फीसदी से ज्यादा नुकसान हुआ तो 32 हजार और 50 फीसदी से कम नुकसान हुआ तो 16 हजार देंगे। पिछली बार भी हमने सोयाबीन नुकसान हुआ तो 2 हजार करोड़ रुपए दिए थे।
सदन में भागीरथपुरा कांड को फिर हंगामा, पक्ष-विपक्ष आमने-सामने
सदन में भागीरथपुरा कांड को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि यह घटना इंदौर के लिए कलंक के समान है, जबकि इंदौर लगातार स्वच्छता में नंबर एक रहा है।पीड़ितों के इलाज, पानी की जांच और नई पाइपलाइन का काम शुरू किया गया है और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई भी की गई है। यह 90 साल पुरानी बस्ती है, जो मुंबई के धारावी का छोटा स्वरूप है। यहां अशिक्षित लोग रहते हैं, जहां काम करना नगर निगम कर्मचारियों के लिए मुश्किल होता है। इसी कारण नगर निगम के कर्मचारी ठीक तरीके से काम नहीं कर पा रहे थे। उन्होंने माना कि नागरिकों ने पहले शिकायत की थी। इस मामले में देरी हुई। महापौर ने टेंडर जारी किए थे, लेकिन काम समय पर शुरू नहीं हो पाया। जांच के लिए कमेटी बनाई गई, जिसमें कुछ अधिकारी दोषी पाए गए। उनके खिलाफ कार्रवाई की गई।
नेता प्रतिपक्ष ने सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लोगों को साफ पानी देना सरकार की जिम्मेदारी है। सरकार को जवाब देना चाहिए, लेकिन सरकार जवाब नहीं दे रही है। पूरा सत्ता पक्ष चाहता है कि स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा ना हो। मैं सिर्फ इतना कहना चाहता हूं कि इंदौर में जिन परिवारों की जान गई है। उनसे पूछे इस सदन पर चर्चा होनी चाहिए यदि वह मना कर देंगे तो चर्चा ना कराए। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार ने माना गलती हुई। कार्रवाई की गई लेकिन मैं कहना चाहता हूं जो की धीमी रफ्तार से टेंडर की फाइलें चल रहे हैं। यह सरकार का संवैधानिक दायित्व है जनता को शुद्ध पानी देना। भागीरथ की घटना एक महज हादसा नहीं है यह उसे भरोसे की मौत है जो सरकार और पर प्रशासन का भरोसा करती है।
उमंग सिंघार ने कहा कि अगर स्थगन को स्वीकार नहीं करेंगे तो यह हमारे लिए कलंक की बात होगी। उन्होंने कहा कि यह शर्म की बात होगी कि हम चर्चा करें तो इतिहास के पुराने पन्ने पलटें। अगर इतिहास बनाना है तो भविष्य का इतिहास आज बनाएं। गड़े मुर्दे उखाड़कर राजनीति करना अलग बात है। अध्यक्ष महोदय विद्वान हैं और नियम 55 में स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि मामला कोर्ट में लंबित होने के बावजूद उस पर चर्चा की जा सकती है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर चर्चा से परहेज क्यों किया जा रहा है। चार–पांच लाख रुपये का मुआवजा कब दिया जाएगा, इस पर स्पष्ट जवाब मिलना चाहिए। जयवर्धन सिंह द्वारा उठाए गए 20 से 32 मौतों के अलग-अलग आंकड़ों पर भी चर्चा जरूरी है। उन्होंने कहा कि इसका कोर्ट से कोई संबंध नहीं है। साथ ही 2019 की पॉल्यूशन कंट्रोल रिपोर्ट के अलर्ट पर भी चर्चा की जा सकती है। उन्होंने सवाल किया कि क्या स्वच्छ पानी के मुद्दे पर भी चर्चा नहीं हो सकती?
आतिफ अकील के गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने वाले बयान पर बोले उमाकांत शर्मा
मैं स्वयं गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाए इसका मुद्दा उठा चुका हूं। प्रधानमंत्री जी को चिट्ठी लिख चुका हूं। लेकिन, आतिफ अकील केवल प्रसिद्धि के लिए ऐसा कहा है। अगर गाय को वास्तव में राष्ट्रीय पशु घोषित करवाना चाहते हैं तो कांग्रेस के संसदीय दल से प्रस्ताव लोकसभा में उठाएं और राज्यों से जहां-जहां कांग्रेस शासित प्रदेश है। दिखावा करने से कुछ नहीं होता। असलियत में करवाना है तो सोनिया गांधी राहुल गांधी प्रियंका गांधी के माध्यम से प्रस्ताव रखवाएं।
बीजेपी विधायक प्रीतम लोधी ने कहा कि मुसलमान नेता अगर गाय की बात कर रहा है तो यह भाजपा की जीत है। अब समझ में आ गया ना कि हम विश्व गुरु बनने जा रहे हैं, पूरा भारत एक होने जा रहा है। अगर कांग्रेस का मुस्लिम नेता गौ माता की बात कर रहे हैं तो यह हमारी जीत है। सबको एक छत के नीचे आना चाहिए।
उमाकांत शर्मा ने विद्युत मीटर और बिजली लाइन के अपूर्ण काम को लेकर सवाल उठाया
वहीं, भाजपा विधायक उमाकांत शर्मा ने विकास विकासखंड सिरोंज और लटेरी में विद्युत मीटर और बिजली लाइन के अपूर्ण काम को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने सड़क के बीच में खंभे गाने से हो रही परेशानी को लेकर भी मंत्री से सवाल पूछा, साथ ही दोषी अधिकारियों पर की कारवाई की जानकारी मांगी। इस पर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि 2026 तक काम पूरा कर दिया जाएगा। राष्टीय मार्ग क्षेत्र पर खंभे गाड़े के मामले को दिखाने की बात कही। उन्होंने कहा कि यदि कोई दोषी होगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विधानसभा में कैलाश विजयवर्गीय की अशोभनीय टिप्पणी का मामला
विधानसभा में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की अशोभनीय टिप्पणी का मामले में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि भागीरथपुरा का भूत उनके दिमाग से नहीं जा रहा है। मैंने सदन में अदानी को बिजली दिए जाने का मामला उठाया, जिसमें जनता के हितों की अनदेखी हो रही है। सिंगरौली में आदिवासियों की जमीन खाली की जा रही है, वो भी अडानी के लिए। इन सब मुद्दों को उठाने पर मुझे मेरी औकात बताने की बात होती है। मैं जनप्रतिनिधि हूं जनता की आवाज उठाता रहूंगा।
उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने कैलाश विजयवर्गी के बयान पर पलटवार कर कहा कि जिस दिन शिक्षा का उपयोग करने लगेंगे सदन में उस दिन सदन की गरिमा निश्चित रूप से विचारणीय है। सदन की गरिमा भंग होती है या नहीं वह स्वयं विचार करें। मुझे लगता है उन्हें आभास हुआ है क्योंकि बाद में उन्होंने उसकी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने खुद दुख व्यक्त किया, लेकिन क्या वास्तविकता में लेकर उसको दुखी है। खेद तो व्यक्त किया नहीं शब्दों को वापस उन्होंने लिए नहीं। लेकिन मैं इसमें बड़ा दिल करके मुख्यमंत्री जी ने क्षमा सदन के अंदर मांगी उनको धन्यवाद देता हूं, क्योंकि उन्होंने एक स्वच्छ परंपरा स्थापित करी। लेकिन जो कैलाश विजयवर्गी से उम्मीद और व्यवहार अपेक्षित है निश्चित ही वह बहुत ही निंदनीय शब्द का प्रयोग किया उन्हें भाषा शैली गलत थी। उनके जो हाथ उठाने के एक्शन थे वह स्थिति विधानसभा के अंदर के नहीं थे किसी गली या अखाड़े के एक्शन थे। मुझे लगता है कि कैलाश विजयवर्गी जी को क्षमा याचना पुणे भी कर लेंगे तो उनका बड़पन ही झलकेगा।
राजगढ़ बस स्टैंड की जमीन और दुकानों का मुद्दा उठा
राजगढ़ जिला मुख्यालय के बस स्टैंड को लेकर भाजपा विधायक अमर सिंह यादव ने नगरीय विकास एवं आवास मंत्री से सवाल किया। उन्होंने कहा कि 28 साल पुराना बस स्टैंड जर्जर और छोटा हो चुका है, महिलाओं के चेंबर की जगह पर तीन दुकानों का आवंटन गलत तरीके से किया गया है, जिससे यात्रियों को परेशानी हो रही है। उन्होंने इन दुकानों को निरस्त कर नए बस स्टैंड के लिए जमीन देने की मांग की।
वहीं, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने जवाब में कहा कि नगर निगम ने आय बढ़ाने के लिए तत्कालीन कलेक्टर की अनुमति से ऑनलाइन टेंडर के जरिए दुकानें आवंटित कीं, जांच में कोई अनियमितता नहीं मिली। हालांकि, उन्होंने बताया कि दशहरा मैदान के पास करीब चार एकड़ जमीन उपलब्ध है, जहां आधुनिक बस स्टैंड बनाने का प्रस्ताव है। वर्तमान बस स्टैंड की जमीन को व्यावसायिक उपयोग में लाकर वहां मार्केट विकसित करने और उसकी आय से नया बस स्टैंड बनाने की योजना पर विचार किया जाएगा।
घटिया बिजली लाइन और दुर्घटनाओं का मुद्दा उठा
विधायक भैरू सिंह बापू ने विधानसभा में अपने क्षेत्र में बिजली लाइन और केबल की गुणवत्ता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ठेकेदार द्वारा मानकों के अनुसार काम नहीं किया गया है। कई जगह खंभों में सीमेंट का उपयोग नहीं हुआ और छोटे खंभे लगाकर अस्थायी तरीके से काम किया गया है। उन्होंने बताया कि कमजोर लाइन और खुले तारों के कारण दुर्घटनाएं हो रही हैं। आमला क्षेत्र में हाल ही में जनहानि की घटना हुई है और कई स्थानों पर जानवरों को करंट लगने की घटनाएं सामने आई हैं। विधायक ने कहा कि कई गांवों में बिजली की लाइनें घरों के बेहद पास से गुजर रही हैं, जिससे बड़े हादसे का खतरा बना हुआ है। विधायक ने बड़ा गांव का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां घटिया गुणवत्ता की केबल डाली गई है, जो थोड़े समय में ही खराब हो गई। उन्होंने कहा कि लोगों ने सीएम हेल्पलाइन और विभाग में शिकायत की, लेकिन शिकायतों का प्रभावी समाधान नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि कई स्थानों पर ग्रामीण स्वयं तार खरीदकर डीपी से कनेक्शन लेने को मजबूर हैं।
ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने जवाब में कहा कि बड़ा गांव में पहले लगभग 500 उपभोक्ता थे, जो अब बढ़कर करीब 1000 हो गए हैं। वर्ष 2013-14 में डाली गई केबल वर्तमान में बढ़े हुए लोड के कारण प्रभावित हो रही है। मंत्री ने कहा कि विधायक द्वारा चिन्हित किए गए स्थानों की जानकारी मिलने पर वहां केबल और तारों को ऊंचा करने और सुधार कार्य किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता संबंधी शिकायतों की जांच के लिए अधिकारियों की टीम बनाकर मौके पर निरीक्षण कराया जाएगा और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
आज सदन में आम बजट होगी चर्चा
आज सदन में आम बजट चर्चा होगी। बजट पर चर्चा के लिए 4 घंटे का समय निर्धारित किया गया है। तीन अशासकीय संकल्प भी सदन में पेश किए जाएंगे। तीनों संकल्पों के लिए 30 - 30 मिनट का समय निर्धारित हुआ है। इसके साथ 10 ध्यानाकर्षण, 74 याचिकाएं सदन में आएंगी। सदन में वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा और मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर पटल पर पत्र रखेंगे।
चौथे दिन जमकर हुआ हंगामा
19 फरवरी को बजट सत्र के चौथे दिन सदन में उस वक्त भारी हंगामा हो गया, जब चर्चा में अडानी समूह का नाम आया। इस पर संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के बीच तीखी बहस ‘तू-तू, मैं-मैं’ और ‘औकात’ दिखाने तक पहुंच गई। स्थिति इस कदर बिगड़ी कि सदन की कार्यवाही तीन बार स्थगित करनी पड़ी। कांग्रेस ने इसे आदिवासी का अपमान बताकर जमकर नारेबाजी की।
शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान हुई। सिंघार ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार अडानी समूह पर मेहरबान है। उन्हें सवा लाख करोड़ रु. देने की तैयारी है। सिंघार ने दावा किया कि सरकारी फाइलें अडानी के दफ्तर में देखी जा रही हैं। इस पर मंत्री विश्वास सारंग ने आपत्ति जताई कि जो व्यक्ति सदन का सदस्य नहीं है, उसका नाम न लें। सिंघार ने कहा कि उनके पास इसके प्रमाण हैं, तो विजयवर्गीय बोले- है तो रखो।
विजयवर्गीय ने कहा- अपनी औकात में रहें नेता प्रतिपक्ष
बहस इतनी बड़ी कि विजयवर्गीय बिफर गए और उन्होंने सिंघार को टोकते हुए कहा- अपनी औकात में रहें नेता प्रतिपक्ष। इस पर पलटवार करते हुए सिंघार ने कहा- मैं तुम्हें औकात दिखा दूंगा। दोनों दिग्गजों के बीच निजी हमले होते ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक उत्तेजित होकर गर्भगृह में आ गए। 10 मिनट तक हंगामे की स्थिति बनी रही। सत्र के बाद सिंघार ने सोशल मीडिया पर लिखा कि विजयवर्गीयजी, मैं अपनी औकात में हूं।
नेता प्रतिपक्ष-संसदीय कार्यमंत्री ने सीमा तोड़ी
सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई तो अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि आज का दिन कुछ गरम-गरम था। उन्होंने कहा-पटवा जी कहते थे कि सदन में बात रखते समय गुस्सा दिखना चाहिए, लेकिन आना नहीं चाहिए। लेकिन आज गुस्सा आ गया दोनों पक्षों की तरफ से। नेता प्रतिपक्ष बहुत अनुभवी हैं और संसदीय कार्य मंत्री अनुभवों से लदे हैं, लेकिन फिर भी आज सीमा टूट गई। उन्होंने कहा कि अब इस मुद्दे का यहीं पटाक्षेप करें। बाद में दोनों ने खेद जताया।
विपक्ष का आरोप - गंदे पानी से मौतें सरकारी हत्या, इस्तीफा दें मंत्री
इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों पर हंगामे के बीच 4 बार सदन की कार्यवाही रोकनी पड़ी। विपक्ष ने गंदे पानी से हुई मौतों को सरकारी हत्या बताकर नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का इस्तीफा मांगा। जवाब में सत्तापक्ष ने इतिहास याद दिलाते हुए विपक्ष से पूछा कि भोपाल गैस कांड के वक्त कांग्रेस की नैतिकता कहां थी।
प्रश्नकाल के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के सवाल पर डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला के जवाब के बाद शुरू हुई जुबानी जंग इतनी गंभीर हो गई कि विपक्ष और सत्तापक्ष विधायक गर्भगृह में आमने-सामने आ गए। इस दौरान सदन की कार्यवाही तीन घंटे तक बाधित रही। पूरा विपक्ष मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के इस्तीफे की मांग पर अड़ गया और धरने पर बैठ गया।
गतिरोध खत्म करने 45 मिनट चर्चा
हंगामे के बीच कैलाश विजयवर्गीय अपनी सीट छोड़कर मुख्यमंत्री के पास जाकर बैठे। डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा, राजेंद्र शुक्ला और पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल भी चर्चा के लिए पहुंचे। माहौल तनावपूर्ण रहा। इसके बाद सीएम और विजयवर्गीय विधानसभा अध्यक्ष के चेंबर में गए। बाद में उमंग सिंघार और भंवर सिंह शेखावत को भी बुलाया गया। करीब 45 मिनट चर्चा के बाद अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने 20 फरवरी को चर्चा का आश्वासन दिया जिसके बाद गतिरोध समाप्त हुआ।
सरकार ने माना - मरीजों के स्टूल में मिला कॉलेरा और ई-कोलाई
विधानसभा में डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला ने बताया कि 29 दिसंबर को भागीरथपुरा के शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से आईडीएसपी शाखा को जलजनित बीमारी के प्रकोप की सूचना मिली। 21 दिसंबर के बाद से अब तक 22 लोगों की एक्यूट डायरियल डिजीज से मौत की पुष्टि हुई है। 459 लोग अस्पताल में भर्ती हुए, जिनमें 4 का इलाज जारी है। जांच में पानी और स्टूल सैंपल से कॉलेरा और ई-कोलाई की पुष्टि हुई है।
इस पर बहस हो सकती है या नहीं
भागीरथपुरा मुद्दे पर सवाल आते ही विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि मामला न्यायालय में लंबित है, इसलिए चर्चा से अवमानना की स्थिति बन सकती है। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष से संयम बरतने को कहा। पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल ने नियमों का हवाला देते हुए कहा कि विचाराधीन मामलों पर न सवाल लिया जा सकता है, न चर्चा कराई जा सकती है। पूर्व विस अध्यक्ष सीताशरण शर्मा ने भी आपत्ति जताई। इस पर उमंग सिंघार ने तर्क दिया कि व्यापमं और मंदसौर जैसे मामलों पर चर्चा हुई है, तो यहां क्यों नहीं। बाद में अध्यक्ष ने सवाल पूछने की अनुमति दे दी।

