डॉ अंबेडकर जयंती पर इंदौर सेंट्रल जेल से 6 बंदी रिहा, अच्छे आचरण पर मिली सजा में छूट

इंदौर सेंट्रल जेल से आज 6 बंदियों को रिहा किया गया है। ये सभी बंदी हत्या के अलग-अलग मामलों में आजीवन कारावास की सजा काट रहे थे।

डॉ अंबेडकर जयंती पर इंदौर सेंट्रल जेल से 6 बंदी रिहा, अच्छे आचरण पर मिली सजा में छूट

इंदौर सेंट्रल जेल से आज 6 बंदियों को रिहा किया गया है। ये सभी बंदी हत्या के अलग-अलग मामलों में आजीवन कारावास की सजा काट रहे थे, जिन्हें अच्छे आचरण के आधार पर शासन से सजा में छूट मिली है।

संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर 6 आजीवन कारावास की सजा काट रहे 6 बंदियों को इंदौर सेंट्रल जेल से रिहा किया गया। इन बंदियों ने 20 साल की सजा में से 14 साल की अवधि पूरी कर ली थी, जिसके बाद शासन द्वारा 6 साल की सजा माफ की गई।

रिहा होने वाले बंदियों में भारत पिता जगन्नाथ, राधेश्याम पिता श्रीपत, इमरान पिता आशिक, फूलचंद पिता मांगीलाल भील, सुंदरलाल पिता राम सिंह और नरसिंह पिता किशन शामिल हैं। इस दौरान जेल अधीक्षक डॉ. अलका सोनकर ने सभी रिहा बंदियों को श्रीफल, हार और पारिश्रमिक राशि देकर सम्मानपूर्वक विदाई दी और उन्हें समाज की मुख्यधारा में जुड़कर नया जीवन शुरू करने की सलाह दी।

गौरतलब है कि पहले केवल 15 अगस्त और 26 जनवरी के अवसर पर ही बंदियों की रिहाई होती थी, लेकिन अब मध्य प्रदेश सरकार ने साल में पांच बार रिहाई की व्यवस्था लागू की है। इसके तहत अब 15 अगस्त, 26 जनवरी के साथ गांधी जयंती, अंबेडकर जयंती और आदिवासी जनजाति दिवस पर भी बंदियों को रिहा किया जाएगा।