MP Politics: उमंग सिंघार का बड़ा ऐलान- 2028 में कांग्रेस की सरकार बनी तो UCC खत्म करेंगे, बोले- ‘काला कानून’ है
भोपाल में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने UCC को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि 2028 में कांग्रेस की सरकार बनी तो समान नागरिक संहिता को खत्म किया जाएगा। सिंघार ने इसे ‘काला कानून’ बताते हुए बीजेपी सरकार पर निशाना साधा।
भोपाल। मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता यानी UCC को लेकर सियासी घमासान एक बार फिर तेज हो गया है। विधानसभा में UCC विधेयक पारित होने के बाद अब नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इसे लेकर बड़ा ऐलान किया है। भोपाल में आयोजित एक कार्यक्रम में सिंघार ने कहा कि 2028 में अगर मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनती है तो UCC को खत्म कर दिया जाएगा। उन्होंने इसे ‘काला कानून’ बताते हुए सरकार पर बहुमत के दम पर विधेयक पास कराने का आरोप लगाया।
‘बहुमत के दम पर काला कानून पास कराया’
उमंग सिंघार ने यह बयान भोपाल के बुधवारा चौराहे पर आयोजित ‘जंग-ए-आजादी में उलमा की कुर्बानी’ कार्यक्रम के दौरान दिया। कार्यक्रम का आयोजन कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद की ओर से किया गया था।
सिंघार ने कहा कि बीजेपी सरकार ने बहुमत के दम पर UCC को विधानसभा से पास करा लिया है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में जब कांग्रेस की सरकार बनेगी तो इस कानून को खत्म किया जाएगा।

21 जुलाई को विधानसभा से पास हुआ UCC बिल
मध्यप्रदेश विधानसभा में 21 जुलाई 2026 को समान नागरिक संहिता विधेयक-2026 भारी हंगामे के बीच पारित हुआ था। कांग्रेस ने विधेयक को प्रवर समिति के पास भेजने की मांग की थी। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी सदन में इसे प्रवर समिति को भेजने की मांग उठाई थी।
विधेयक में बहुविवाह पर रोक, विवाह का अनिवार्य पंजीयन और लिव-इन रिलेशनशिप के पंजीयन जैसे प्रावधान शामिल हैं। अनुसूचित जनजातियों को इसके दायरे से बाहर रखने का प्रावधान भी किया गया है।

पहले भी UCC के खिलाफ आवाज उठा चुके हैं सिंघार
UCC को लेकर उमंग सिंघार पहले भी सरकार पर निशाना साध चुके हैं। विधानसभा में उन्होंने कहा था कि सरकार को इस विधेयक को जल्दबाजी में पास करने के बजाय प्रवर समिति के पास भेजना चाहिए। उन्होंने UCC के बजाय 27% OBC आरक्षण जैसे मुद्दों को प्राथमिकता देने की मांग की थी।
कांग्रेस लगातार आरोप लगाती रही है कि सरकार UCC जैसे मुद्दों के जरिए रोजगार, किसानों, शिक्षा, स्वास्थ्य और OBC आरक्षण जैसे मुद्दों से जनता का ध्यान भटका रही है।

सरकार UCC को बता रही समानता और सामाजिक समरसता का कदम
वहीं, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव UCC को संविधान की भावना के अनुरूप बताते हुए इसके समर्थन में कई बार बयान दे चुके हैं। सरकार का कहना है कि समान कानून से नागरिकों के अधिकारों में समानता आएगी और महिलाओं को विवाह, तलाक और संपत्ति जैसे मामलों में ज्यादा कानूनी सुरक्षा मिलेगी।
यानी विधानसभा से कानून पास होने के बाद अब UCC 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी और कांग्रेस के बीच बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनता दिखाई दे रहा है। सिंघार के ताजा बयान ने इस बहस को और हवा दे दी है।

