सतना केंद्रीय जेल का डीजी जेल ने किया निरीक्षण, नई बैरकों और अस्पताल वार्ड का उद्घाटन भी किया
जेल डीजी वरुण कपूर का सतना केंद्रीय जेल निरीक्षण, नई बैरकों का उद्घाटन और बंदियों के लिए नई सुविधाओं की घोषणा
सतना। मध्यप्रदेश के जेल महानिदेशक (डीजी) वरुण कपूर ने शुक्रवार को सतना केंद्रीय जेल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जेल परिसर में नव निर्मित तीन बैरकों का उद्घाटन किया। इनमें दो बंदी बैरक और एक अस्पताल वार्ड शामिल है। निरीक्षण के दौरान डीजी ने बंदियों के लिए तैयार किए गए भोजन का भी स्वाद चखा और व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
जेल महानिदेशक ने निरीक्षण के दौरान बंदियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और उनके समाधान के लिए जेल प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस, एसपी हंसराज सिंह, जेल अधीक्षक लीना कोष्टा सहित अन्य अधिकारी, कर्मचारी और बंदी उपस्थित रहे।
मीडिया से बातचीत करते हुए डीजी वरुण कपूर ने बताया कि सतना केंद्रीय जेल में नई सुविधाओं का विकास किया गया है, जिनका आज उद्घाटन किया गया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जेलों में बंदियों की संख्या क्षमता से अधिक है। वर्तमान में मध्यप्रदेश की जेलों में लगभग 42 हजार बंदी निरुद्ध हैं, जबकि जेलों की कुल क्षमता करीब 30 हजार बंदियों की है। इस कारण करीब 35 से 36 प्रतिशत तक ओवरक्राउडिंग की स्थिति है, जो अब राष्ट्रीय औसत 34 प्रतिशत के करीब पहुंच गई है। पहले यह आंकड़ा प्रदेश में करीब 54 प्रतिशत था।
उन्होंने बताया कि प्रदेश की जेलों में ओवरक्राउडिंग की समस्या को कम करने के लिए 122 नई बैरकों का निर्माण कराया जा रहा है। इसके साथ ही बंदियों के लिए कई नई सुविधाएं भी शुरू की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2016 में बंद की गई व्यवस्था को फिर से शुरू करते हुए अब बंदियों को दो माह में एक बार अपने घर से कुछ निर्धारित खाद्य सामग्री प्राप्त करने की सुविधा दी जाएगी।
डीजी ने यह भी बताया कि महिला बंदियों को खुली जेल की सुविधा देने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है, जिसमें खुली जेल की लगभग 10 प्रतिशत कुटियाएं महिला बंदियों को देने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा प्रदेश की 125 जेलों में स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था के लिए आरओ प्लांट लगाए जाएंगे, जिसके लिए राशि स्वीकृत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि इन सुविधाओं के शुरू होने से बंदियों को बेहतर वातावरण और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
Varsha Shrivastava 
