राबड़ी-तेजस्वी ने लौटाई सुरक्षा, बंगले के बाहर डंडों के साथ खड़े हुए RJD कार्यकर्ता
बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने अपनी सुरक्षा वापस कर दी है। राज्य सरकार द्वारा सुरक्षा श्रेणी में कटौती किए जाने से नाराज RJD ने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया है।
पटना: बिहार की सियासत में शनिवार को उस समय बड़ा भूचाल आ गया, जब पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने अपने आधिकारिक आवास से सभी सरकारी सुरक्षाकर्मियों को वापस लौटा दिया। राबड़ी देवी के इस कदम के तुरंत बाद विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने भी अपनी 'Y+' श्रेणी की सुरक्षा सरकार को वापस कर दी। लालू परिवार की सुरक्षा घटाए जाने से नाराज राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के कार्यकर्ता राबड़ी आवास के बाहर लाठी-डंडे लेकर जमा हो गए हैं और उनका कहना है कि अब जनता ही लालू परिवार की ढाल बनेगी। यह पूरा विवाद तब और गहरा गया जब बिहार सरकार ने दो दिन पहले ही लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की 'Z+' श्रेणी की सुरक्षा में भारी कटौती कर दी थी।
रोहिणी आचार्य की अपील: "बदले की भावना से काम कर रही सरकार को दें कड़ा संदेश"
सुरक्षा हटाए जाने के बाद लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक भावुक और आक्रामक पोस्ट शेयर की। उन्होंने लिखा: "तमाम लालूवादियों से मेरी अपील है कि आप सब भारी संख्या में राबड़ी देवी जी के आधिकारिक आवास पहुंचकर बदले की भावना से काम कर रहे मुख्यमंत्री को ये सीधा , साफ और कड़ा संदेश दें कि आप सब ही लालू परिवार की असली सुरक्षा और ढाल हैं। पूरा बिहार देख रहा है कि कैसे सूबे की पहली महिला मुख्यमंत्री और उनके परिवार को परेशान किया जा रहा है।"
रोहिणी ने आगे चेतावनी देते हुए कहा कि अगर परिवार के किसी भी सदस्य को एक खरोच भी आई, तो इसका अंजाम क्या होगा, इसका अंदाजा शायद 'बिगड़ैल' सम्राट चौधरी और उनकी सरकार को नहीं है।
सुरक्षा के साथ बंगले पर भी आर-पार: "कोई माई का लाल खाली कराने से नहीं रोक सकता"
दरअसल, सुरक्षा कटौती का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब लालू परिवार और नीतीश-सम्राट सरकार के बीच सरकारी आवास (10 सर्कुलर रोड) को लेकर तीखी जंग चल रही है।
प्रशासन का नोटिस:
भवन निर्माण विभाग ने 10 सर्कुलर रोड स्थित मौजूदा बंगला खाली करने के लिए लालू परिवार को 15 दिनों का नोटिस थमाया है और राबड़ी देवी के नाम पर 39 हार्डिंग रोड वाला नया आवास आवंटित किया है।
राबड़ी देवी की खुली चुनौती:
नोटिस मिलने पर राबड़ी देवी ने आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा, "हम 10 सर्कुलर रोड वाला आवास किसी भी कीमत पर खाली नहीं करेंगे। सम्राट चौधरी अभी नए-नए मुख्यमंत्री बने हैं, हम तो चाहते हैं कि वह फोर्स बुला लें और बलपूर्वक हमें हटा दें, पर हम खुद से नहीं जाएंगे।"
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पलटवार:
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी दो टूक जवाब देते हुए कहा, "कुछ लोगों को लगता है कि मेरा घर खाली नहीं होगा। पक्का खाली होगा, धरती पर कोई माई का लाल इसे रोक नहीं सकता। यह लोकतंत्र है, राजतंत्र नहीं कि मां को अलग, बेटे को अलग घर और पति को अलग सुरक्षा चाहिए। जो गुंडागर्दी करेगा, उसके लिए एक ही जगह है- मुजफ्फरपुर की जेल।"
इस सियासी दंगल पर पलटवार और बयानों की बौछार
1. गिरिराज सिंह (केंद्रीय मंत्री)- "यह प्रेशर पॉलिटिक्स है"
"अगर किसी को प्रेशर की राजनीति सीखनी है, तो लालू परिवार से सीखे। वे सरकार पर अनावश्यक दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। तेजस्वी यादव विपक्ष के नेता हैं और नियमों के तहत उन्हें सुरक्षा मिलनी चाहिए, लेकिन अगर वे खुद सुरक्षा वापस कर रहे हैं तो कोई क्या कर सकता है। जब तक कोई जीवित रहेगा, उसे राजशाही सुविधाएं नहीं मिलती रहेंगी।"
2. श्रवण कुमार (बिहार सरकार के मंत्री) - "सुरक्षा लौटाना उनकी धमकी है"
"राज्य सरकार समय-समय पर सुरक्षा की समीक्षा करती है और तय करती है कि किसे कौन सी कैटेगरी मिलनी चाहिए। सुरक्षा इस तरह से लौटाना उनकी मर्जी है, लेकिन यह एक तरह की धमकी है। जनता ने वैसे भी उन्हें चुनाव में 25 सीटों पर लाकर खड़ा कर दिया है। सरकार किसी के साथ भेदभाव नहीं करती।"
3. आसित नाथ तिवारी (कांग्रेस प्रवक्ता) - "नीतीश कुमार को Z+ क्यों मिली, सरकार बताए"
"सुरक्षा और आवास को लेकर राजनीति करना बेहद घटिया स्तर का काम है। बिना वजह नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री की सुरक्षा घटा दी गई। सरकार बताए कि फिर नीतीश कुमार को Z+ सुरक्षा क्यों दी गई है? उनके बेटे निशांत कुमार को इतनी बड़ी सुरक्षा क्यों दी गई है, जिन्हें पूछने वाला कोई नहीं है?"
क्या थी लालू-राबड़ी की सुरक्षा जो वापस ली गई?
4 जून को हुई राज्य सुरक्षा समिति की बैठक के बाद लालू परिवार के सुरक्षा घेरे में बड़ी कटौती की गई थी:
- राबड़ी देवी:
इन्हें बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस (BSAP) से 2-8 हाउस गार्ड, पटना जिला बल से 3 महिला व 3 पुरुष बॉडीगार्ड, बुलेट प्रूफ कार, एस्कॉर्ट और पायलट की सुविधा मिली हुई थी। - लालू यादव:
इन्हें भी BSAP से 2-8 हाउस गार्ड, पटना जिला बल से 2 अंगरक्षक, और पायलट-बुलेट प्रूफ कार मिली थी। - तेजस्वी यादव:
ये नेता प्रतिपक्ष के तौर पर 'Y+' श्रेणी की सुरक्षा पा रहे थे।

