NEET मुद्दे और जंतर-मंतर लाठीचार्ज के विरोध में सड़कों पर उतरे छात्र

मऊगंज में NEET मुद्दे, जंतर-मंतर लाठीचार्ज और राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में NSUI और कांग्रेस ने मशाल जुलूस निकाला. प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने मटकी फोड़कर विरोध जताया.

NEET मुद्दे और जंतर-मंतर लाठीचार्ज के विरोध में सड़कों पर उतरे छात्र

राजेंद्र पयासी मऊगंज: दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की गिरफ्तारी और NEET UG परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में 24 जुलाई को मऊगंज में NSUI और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मशाल जुलूस निकालकर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया. जुलूस का नेतृत्व जिले के पूर्व विधायक सुखेंद्र सिंह बन्ना ने किया.

रात करीब 8 बजे बस स्टैंड से शुरू हुआ मशाल जुलूस शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए चाक मोड़ तिराहा पहुंचा, जहां इसका समापन हुआ. प्रदर्शनकारियों के हाथों में मशालें, तख्तियां और बैनर थे. इस दौरान "छात्र विरोधी नीतियां वापस लो", "पेपर लीक पर जवाब दो" और "लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बंद करो" जैसे नारे लगाए गए. आयोजकों का दावा है कि जुलूस में बड़ी संख्या में छात्र और युवा शामिल हुए.

प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे. पूरे जुलूस मार्ग पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहा. चाक मोड़ तिराहा पर प्रदर्शनकारियों ने प्रतीकात्मक विरोध के रूप में "भाजपा के पाप का घड़ा" लिखी मटकी रखकर उसे फोड़ा और सरकार के खिलाफ अपना आक्रोश जताया. कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली.

प्रदर्शनकारियों ने लगाए ये आरोप

NSUI जिलाध्यक्ष निलेश केसरी ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग संविधान में प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण सभा के अधिकार का उल्लंघन है. उन्होंने कहा कि NEET UG परीक्षा में कथित पेपर लीक से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है. उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और पूरे मामले की सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में न्यायिक जांच कराने की मांग की.

पूर्व विधायक सुखेंद्र सिंह बन्ना ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी की गिरफ्तारी से यह संदेश जाता है कि सरकार असहमति की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों के भीतर मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो जिला स्तर पर हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा और ज्ञापन सौंपा जाएगा.

प्रदर्शन और मशाल जुलूस में NSUI, युवक कांग्रेस और कांग्रेस के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे.